पति का कत्ल, बेटे पर चाकू से हमला और बेफिक्र पत्नी... दिल दहला देगी धारवाड़ कांड की खौफनाक कहानी

कर्नाटक के धारवाड़ में डॉक्टर दंपति के घर से सामने आए खौफनाक मंजर ने सभी को हैरान कर दिया. डॉक्टर किरन की हत्या और उनके बेटे पर जानलेवा हमले के मामले में उनकी पत्नी डॉक्टर प्रियंका अब पुलिस जांच के केंद्र में हैं. जानिए दिल दहला देने वाले इस सनसनीखेज मामले की पूरी कहानी.

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डॉ. प्रियंका ने पति का कत्ल क्यों किया? इसका जवाब मिलना बाकी है (फोटो-ITG) डॉ. प्रियंका ने पति का कत्ल क्यों किया? इसका जवाब मिलना बाकी है (फोटो-ITG)

aajtak.in

  • हैदराबाद,
  • 20 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:01 PM IST

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से करीब सवा चार सौ किलोमीटर दूर धारवाड़ में मौजूद है रंका अपार्टमेंट. उस दिन बाहर से तो सब कुछ ठीक था लेकिन जैसे ही अपार्टमेंट की छठी मंज़िल पर मौजूद एक फ़्लैट का जो मंज़र लोगों ने देखा, वो इससे पहले कम से कम लाइव तो कभी किसी ने नहीं देखा होगा. फ्लैट के एक कमरे में एक शख्स औंधे मुंह फर्श पर पड़ा था. आसपास चारों तरफ ख़ून ही ख़ून बिखरा था. शायद बिस्तर पर भी खून के निशान थे.

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वहां से थोड़ा आगे फिर जगह-जगह ख़ून नज़र आया. बेशक मंजर डरावना था, लेकिन जब दूसरे कमरे में का मंजर सामने आया तो हर कोई सन्न रह गया. वहां एक महिला बेड पर लेटी हुई थी. हाथ में मोबाइल फ़ोन था और वो मोबाइल में बिज़ी थी. उस महिला का पैर जिधर था, ठीक उसी तरफ उस बेड के नीचे एक छोटा सा बच्चा फर्श पर पड़ा था. वहां उसके इर्द गिर्द भी खून के निशान थे. पहले कमरे में जो शख्स औंधे मुंह ज़मीन पर लहू लुहान पड़ा था, वो महिला का पति था और जिस कमरे में बेड पर लेटी महिला बेफिक्र अपने मोबाइल में खोई हुई थी, ठीक उसी बेड के बराबर फर्श पर पड़ा ख़ून से लथपथ वो बच्चा उसी महिला का अपना बेटा था. 

यानि उस घर में उस वक्त तीन लोग थे. पति, बेटा और पत्नी. पति और बेटा ज़िंदा थे कि नहीं. लेकिन मोबाइल में लगी उस महिला को देखकर साफ पता चल रहा था कि वो ठीक ठाक है. पर सवाल ये थे कि सामने ज़मीन पर बेटा पड़ा था. दूसरे कमरे में पति. फिर वो महिला बेड पर इतनी बेफिक्र क्यों लेटी थी. जिसका बेटा और पति ख़ून से लथपथ घर में पड़ा हो वो मोबाइल से क्यों खेल रही थी. 

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तो आगे की कहानी भी आपको बताते हैं. कमरे में पुलिस दाखिल होती है. पुलिस क्या ख़ुद शहर के पुलिस कमिश्नर वहां पहुंचे. कमरे का मंज़र देख पुलिस हैरान थी. दो लोगों को फर्श पर बेसुध लहू लुहान पड़ा देख खुद पुलिस कमिश्नर को लगा कि ये डबल मर्डर का मामला है. लेकिन तभी जब पुलिस वाले बच्चे के करीब गए तो उन्हें अहसास हुआ कि बच्चे की सांसें चल रही थी. वो अब भी ज़िंदा था. हैरान पुलिसवाले फौरन बच्चे को गोद में उठाते हैं और अस्पताल की तरफ भागने की कोशिश करते हैं. हद से ज्यादा खून बह चुका था और हर लम्हा कीमती था. पर कमबख्त ऐन वक्त पर छठी मंजिल का लिफ्ट भी साथ नहीं दे रही थी.  खैर किसी तरह लिफ्ट आई और पुलिस वाले बच्चे को लेकर फौरन अस्पताल भागे.

कमरा अब भी वही था. बस दो चीजें अब बदली हुईं थी. पहली महिला अब उठकर बेड पर बैठ चुकी थी. दूसरी अब फर्श पर बच्चा नहीं था. क्योंकि वो अस्पताल जा चुका था. वो महिला बेफिक्र अंदाज में अब भी बस देखे जा रही थी. लगभग बेटे के साथ-साथ दूसरे कमरे में मौजूद महिला के पति को भी पुलिस अस्पताल पहुंचा चुकी थी. थोड़ी देर में अस्पताल से खबर आई, पति मर चुका है. पर बेटा अब खतरे से बाहर है. अब चूकि घर में सिर्फ तीन लोग थे. दो अस्पताल जा चुके थे और तीसरी वो महिला बिल्कुल ठीक ठाक थी. लिहाजा, पुलिस को भी ज्यादा सोचना नहीं पड़ा कि मामला है क्या? 

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सीसीटीवी कैमरे तब तक तस्वीरें दिखा चुके थे कि इस फ्लैट में चौथा कोई नहीं आया ना ही फ्लैट से कोई गया. तो क्या इस महिला ने ही अपने पति और बेटे को मारा? यानि क्या इस महिला ने पति का कत्ल किया और बेटे के कत्ल की कोशिश? इन्हीं सवालों के साथ पुलिस महिला से पूछताछ शुरु करती है. लेकिन वो शायद खुद ही पूरी तरह होश में नहीं थी. बहकी बहकी बातें कर रही थी. पुलिस को कुछ समझ नहीं आया. मौके की नजाकत को देखते हुए पुलिस ने तय किया कि उसे पूछताछ के लिए थाना ले जाने के बजाय पहले अस्पताल ले जाया जाए. 

जब महिला को अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला कि इंसुलिन का ओवरडोज लेकर शायद वो भी मरने की तैयारी कर रही थी. घर के अंदर पति और बेटे को लहू लुहान छोड़कर बेड पर मोबाइल में उलझी वो महिला है डॉक्टर प्रियंका. वो एक बेहद पढ़ी लिखी है और पेशे से आई स्पेशलिस्ट है. घर के अंदर दूसरे कमरे में लहू लुहान औंधे मुंह मिले शख्स का नाम डॉक्टर किरन था. वो एनस्थीसिया स्पेशलिस्ट था. यानि इनका काम हर ऑपरेशन से पहले मरीज़ को बेहोश करना होता है. डॉक्टर किरन और डॉक्टर प्रियंका पति पत्नी हैं. ये दोनों की ही दूसरी शादी थी. इनकी शादी 9 साल पहले हुई थी. इन दोनों का बेटा निहित है, जो कमरे के फर्श पर घायल पड़ा था.

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15 जुलाई की सुबह डॉक्टर किरन अस्पताल नहीं पहुंचे तो उनके साथियों ने उन्हें फोन किया. जब उन्होंने फोन नहीं उठाया तो डॉक्टर प्रियंका को फोन किया. डॉक्टर प्रियंका ने कभी कहा कि वो सो रहे हैं, तो कभी झूठ बोला कि वो घर से बाहर हैं. कुछ रिश्तेदारों के भी फोन आए. प्रियंका ने उनसे भी झूठ बोला. पर डॉक्टर किरन वक्त के बहुत पाबंद थे. अस्पताल में उनके साथियों को लगा कि कुछ गड़बड़ है. इसी के बाद एक साथी उनके घर पहुंचा. दरवाज़ा खुला था. पहले कमरे में ही फर्श पर पड़े डॉक्टर किरन को देखते ही उसकी चीखें निकल गई. वो बाहर आकर शोर मचाने लगता है. तभी पड़ोसी आते हैं और तब ये खौफनाक मंजर सामने आया. दूसरे कमरे में फर्श पर पड़ा लहू लुहान बेटा और बेड पर लेटी मोबाइल में उलझी मां.

अब चूंकि डॉक्टर किरन मर चुके हैं. बेटा फिलहाल बयान देने की हालत में नहीं. और ख़ुद डॉक्टर प्रियंका अस्पताल में भर्ती है. तो इस एक कत्ल और दूसरे कत्ल की कोशिश के पीछे की पूरी वजह पूरी तरह से अभी सामने नहीं आ पाई है. हांलाकि पुलिस का कहना है कि पति और पत्नी के बीच काफी वक्त से रिश्ते अच्छे नहीं थे और दोनों में अक्सर झगड़े हुआ करते थे.

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हुबली धारवाड़ के पुलिस कमिश्नर एन शशि कुमार के मुताबिक, शुरुआती एग्जामिन के बाद डॉक्टरों ने बताया है कि डॉक्टर प्रियंका की हालत बिल्कुल ठीक है और उन्हें कोई मानसिक बीमारी भी नहीं है. एक बार अस्पातल से छुट्टी मिलने के बाद धारवाड़ पुलिस डॉक्टर प्रियंका से ये जानना चाहती है कि झगड़े की वजह से उसने अपने पति का कत्ल किया, ये बात समझ में आती है. लेकिन अपने बेटे की जान लेने की कोशिश क्यों की? इस सवाल का जवाब मिलना बाकी है.

(धारवाड़ से सगाय राज का इनपुट)

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