दिल्लीः मंडोली जेल की सबसे हाई सिक्योरिटी 'सेल' में बंद है सुशील, फिर भी जान का खतरा!

सागर धनखड़ मर्डर केस में नाम आने के साथ ही रेसलर सुशील कुमार की पर जान का खतरा मंडरा रहा था, लेकिन उसकी गिरफ्तारी होने के बाद ये खतरा कुछ ज़्यादा ही बढ़ गया है. वजह ये कि सुशील कुमार इस वक़्त दिल्ली की ओवर क्राउडेड जेलों में से एक मंडोली जेल में क़ैद है.

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रेसलर सुशील कुमार को जेल में जान का खतरा बना हुआ है रेसलर सुशील कुमार को जेल में जान का खतरा बना हुआ है

शम्स ताहिर खान

  • नई दिल्ली,
  • 08 जून 2021,
  • अपडेटेड 4:36 PM IST
  • मंडोली जेल से हटाया गया काला जठेड़ी का साथी लॉरेंस
  • एक दूसरे गैंगस्टर संपत नेहरा को भी हटाने की तैयारी
  • काला जठेड़ी के ख़ासमखास हैं ये दोनों बदमाश

सागर हत्याकांड का आरोपी रेसलर सुशील कुमार पहले करीब 2 हफ्ते पुलिस से भागता रहा. इसके बाद जब पकड़ में आया तो अगले 10 दिनों तक पुलिस की हिरासत में रहा. फिर सुशील को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. अब सुशील कुमार मंडोली जेल में बंद है. ये कारागार भी तिहाड़ जेल का ही हिस्सा है. इसी मंडोली जेल में गैंगस्टर काला जठेड़ी के कुछ गुर्गे भी बंद हैं. ऐसे में पहलवान सुशील कुमार पर खतरा मंडरा रहा है. इसी कारण जठेड़ी के एक गुर्गे को मंडोली से निकालकर तिहाड़ भेजा गया है.  

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सागर धनखड़ मर्डर केस में नाम आने के साथ ही रेसलर सुशील कुमार पर जान का खतरा मंडरा रहा था, लेकिन उसकी गिरफ्तारी होने के बाद ये खतरा कुछ ज़्यादा ही बढ़ गया है. वजह ये कि सुशील कुमार इस वक़्त दिल्ली की ओवर क्राउडेड जेलों में से एक मंडोली जेल में क़ैद है. इसी जेल में ऐसे-ऐसे खूंखार कैदी बंद हैं, जिनमें कब, कौन, किसके इशारे पर सुशील कुमार को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करे, ये कोई नहीं जानता. ऐसा नहीं है कि इस खतरे का अहसास सिर्फ सुशील को ही है, बल्कि खुद दिल्ली पुलिस, खुफ़िया एजेंसियों और जेल प्रशासन को भी सुशील पर मंडराते इस खतरे की ख़बर है. इसी वजह से उसे मंडोली जेल में इतनी कड़ी सुरक्षा में रखा गया है कि उसे नुकसान पहुंचाना तो दूर, कोई उसके आस-पास भी नहीं पहुंच सकता.

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लेकिन खुद पर मंडराते खतरे को देखते हुए अब सुशील कुमार ना सिर्फ बुरी तरह डरा हुआ है, बल्कि पिछले कुछ दिनों में कई बार फूट-फूट कर रो चुका है. कभी पुलिसवालों के सामने तो कभी फोन पर अपने घरवालों से बात करते हुए. सुशील पर मंडराते इस खतरे को देखते हुए ही जेल प्रशासन ने अब मंडोली जेल में बंद खूंखार गैंगस्टर लारेंस विश्नोई को वहां से शिफ्ट कर तिहाड़ जेल भिजवा दिया है. जबकि एक दूसरे बदमाश संपत नेहरा को शिफ्ट करने की तैयारी कर रही है. असल में इन दोनों ही बदमाशों के गैंगस्टर काला जठेड़ी से बेहद नज़दीकी रिश्ते हैं. 

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दुनिया जानती है कि इन बदमाशों के रिश्ते कभी सुशील कुमार के साथ भी अच्छे हुआ करते थे, लेकिन जब से सुशील दिल्ली के सबसे बड़े बदमाश और तिहाड में बंद गैंगस्टर नीरज बवानिया के क़रीब आया, जठेड़ी समेत बाक़ी के बदमाश उससे दूर होते चले गए. लेकिन 4 और 5 मई की दरम्यानी रात को छत्रसाल स्टेडियम में जो कुछ हुआ, उसके बाद ये दूरियां मानों रातों-रात दुश्मनी में बदल गईं. छत्रसाल स्टेडियम में उसी रात सुशील कुमार और कुछ गैंगस्टरों ने एक जूनियर पहलवान सागर धनखड़ की इतनी पिटाई की थी कि उसकी जान चली गई, जबकि सागर के साथी और गैंगस्टर काला जठेड़ी के भांजे सोनू महाल की जान पर बन आई.

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इसी मामले में सुशील कुमार 13 दिन बाद गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया, लेकिन सूत्रों की मानें तो इसी वारदात ने सुशील कुमार और काला जठेड़ी को आमने-सामने ला दिया है. कहते हैं अपने भांजे सोनू महाल की पिटाई से भिन्नाए काला जठेड़ी ने सुशील को सबक सिखाने की धमकी तक दे डाली. सोनू महाल की पिटाई के बाद खुद सुशील को भी अपनी गलती का अहसास हो गया था और उसने विदेश में बैठे काला जठेड़ी को फोन कर अपने किये की माफ़ी भी मांगी थी, लेकिन बताते हैं कि काला जठेड़ी ने तब सुशील कुमार को बुरी तरह झिड़कते हुए फ़ोन रख दिया था और बस इसी के बाद से सुशील कुमार के होश उड़ गए. उसके चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगी.

अब से पहले तक लारेंस विश्नोई और संपत नेहरा दोनों मंडोली की जेल नंबर 15 के वार्ड नंबर 4 में बंद थे. फिर पुलिस रिमांड ख़त्म होने के बाद लेकिन सुशील कुमार को भी जेल नंबर 15 में लाया गया और ये सुशील पर एक बड़ा ख़तरा था. इसलिए ना सिर्फ सुशील कुमार को अलग से एक सेल में बंद किया गया, बल्कि उस पर मंडराते खतरे को देखते हुए आखिरकार लारेंस विश्नोई को वहां से हटा दिया गया. फिलहाल मकोका के तहत जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लारेंस विश्नोई को तिहाड़ जेल भेज दिया गया है. जबकि उसके साथी और सम्पत नेहरा को भेजने की तैयारी चल रही है. ये दोनों काला जठेड़ी के कितने करीब हैं, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि छत्रसाल स्टेडियम में हुई वारदात मामले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस ने इन दोनों ही बदमाशों को अलग से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर अलग से इंटैरोगेट किया था. 

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चूंकि सुशील कुमार की सुरक्षा का मसला काफ़ी नाज़ुक है, उसकी गिरफ्तारी के बाद पहले उसे तिहाड़ जेल भेजे जाने के विकल्प पर भी विचार किया गया. लेकिन चूंकि तिहाड़ में पहले से ही सुशील का दोस्त नीरज बवाना और उसके दुश्मन काला जठेड़ी गैंग के कई बदमाश बंद हैं, आख़िरकार उसे इन सबसे दूर मंडोली जेल लाने का फैसला किया गया और यहां से जठेड़ी के बाक़ी साथियों को तिहाड़ शिफ्ट करने का.

उधर, मंडोली जेल के सूत्रों की मानें तो सुशील को फिलहाल जिस जेल नंबर 15 के सेल नंबर 1 में बंद किया गया है, वो इस जेल का सबसे हाई सिक्योरिटी लोकेशन है. कहने का मतलब ये है कि वहां जेल प्रशासन से जुड़े कुछ चुनिंदा अफ़सरों और मुलाज़िमों के अलावा और किसी को भी जाने की इजाज़त नहीं है. इतना ही नहीं मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुशील कुमार पर लगातार सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जा रही है. सेल नंबर 1 में एक नहीं, कई कैमरे लगे हैं. तामिलनाडु की पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भी 24 घंटे सुशील के वार्ड के पास उसकी निगरानी के लिए तैनात किये गए हैं.

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