कोरोना काल में बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़, 3 हजार से ज्यादा बच्चे हुए अनाथ

नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (NCPCR) द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए ताज़ा हलफनामे के मुताबिक, देश में करीब 30 हज़ार बच्चे कोरोना काल के बीच प्रभावित हुए हैं. 

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कोरोना काल में बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़ (फाइल फोटो) कोरोना काल में बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़ (फाइल फोटो)

अनीषा माथुर

  • नई दिल्ली,
  • 07 जून 2021,
  • अपडेटेड 8:42 PM IST
  • कोरोना काल में 30 हजार से ज्यादा बच्चे हुए प्रभावित
  • NCPCR ने सुप्रीम कोर्ट में दिया नया हलफनामा

कोरोना संकट के बीच लाखों लोगों की देश में मौत हुई है. इस बीच सबसे बड़ा संकट बच्चों पर आया है. नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (NCPCR) द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए ताज़ा हलफनामे के मुताबिक, देश में करीब 30 हज़ार बच्चे कोरोना काल के बीच प्रभावित हुए हैं. 

इन 30 हज़ार बच्चों में से किसी ने अपने मां-बाप को खोया है, किसी को छोड़ दिया गया है या फिर किसी के एक अभिभावक का निधन हुआ है. 

NCPCR द्वारा जब पिछली बार सुप्रीम कोर्ट में आंकड़ा बताया गया था, तब ये 9300 था लेकिन अब ताजा आंकड़ा 30 हज़ार को पार कर गया है. ये संख्या कोरोना काल की है यानी अप्रैल 2020 से लेकर अभी तक की है. 

NCPCR के डाटा के मुताबिक, करीब 3621 बच्चे अनाथ हुए हैं, 26176 ने अपने किसी एक अभिभावक को खोया है और 274 बच्चे ऐसे हैं जिन्हें छोड़ दिया गया है. कुल बच्चों की संख्या 30,071 है. जिसमें 15620 लड़के, 14447 लड़की और 4 ट्रांसजेंडर हैं. 

सरकारों ने दिया है मदद का भरोसा
बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में ऐलान किया गया था कि जो बच्चे अनाथ हुए हैं, उनकी पढ़ाई का खर्च सरकार उठाएगी. वहीं, 18 साल का होने पर छात्रवृत्ति और 23 साल का होने पर 10 लाख का फंड दिया जाएगा. हर बच्चे को केंद्र की ओर से आयुष्मान भारत का कवर दिया जाएगा. 

केंद्र के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत कई राज्य सरकारों की ओर से बच्चों की पढ़ाई, गार्जियन को हर महीने आर्थिक मदद और अन्य तरह की मदद देने का ऐलान किया गया है. 

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