PNG New Scheme: अब LPG की नो-टेंशन, PNG पर सरकार ला रही नई स्कीम, जानिए फायदे

PNG New Scheme: मिडिल ईस्ट तनाव के चलते एलपीजी आयात में रुकावटों के मद्देनजर सरकार का फोकस PNG कनेक्शनों की संख्या बढ़ाने पर है और इसके लिए 1 सितंबर से नई इंसेंटिव योजना लागू होने जा रही है.

Advertisement
पीएनजी यूजर्स की तादाद बढ़ाने में मददगार होगी नई स्कीम. (Photo: ITG) पीएनजी यूजर्स की तादाद बढ़ाने में मददगार होगी नई स्कीम. (Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 19 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 3:35 PM IST

केंद्र सरकार ने घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की पहुंच बढ़ाने के लिए नई इंसेंटिव स्कीम का ऐलान किया है. 'इन्सेंटिव स्कीम फॉर प्रमोशन ऑफ डोमेस्टिक पीएनजी कनेक्शंस' नाम से लाई जा रही इस योजना का उद्देश्य देश के लोगों को स्वच्छ और अपेक्षाकृत सस्ती गैस उपबल्ध कराना है और इसके साथ ही घरेलू पीएनजी कनेक्शनों की संख्या बढ़ाने का भी टारगेट सेट किया गया है. 

Advertisement

1 सितंबर से लागू होगी PNG स्कीम
सरकार द्वारा घोषित ये PNG Incentives Scheme अगले महीने की शुरुआत यानी 1 सितंबर 2026 से लागू होने वाली है. इस स्कीम को 6-6 महीने के दो चरणों में लागू किया जाएगा. रॉयटर्स के मुताबिक, सरकार शहरी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स को इंसेंटिव दे रही है, जिससे पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस (PNG) का इस्तेमाल करने वाले घरों की संख्या बढ़ाई जा सके. नए पीएनजी कनेक्शन के आवेदन प्रोसेस को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो रजिस्ट्रेशन पोर्टल भी डेवलप किया जा रहा है. 

US-ईरान टेंशन के बीच ऐलान 
बीते कुछ समय में भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के तमाम तेल-गैस के आयात पर निर्भर देशों ने Oil-Gas Crisis का सामना किया है. सरकार के इस नई पीएनजी इंसेंटिव स्कीम के साथ भी इसका कनेक्शन है. दरअसल, अमेरिका-ईरान संघर्ष ने ईंधन की आपूर्ति को बाधित किया है और इसका असर अब भी जारी है. इसके कारण तेल-गैस आयात की लागत बढ़ रही है. PNG यूजर्स का दायरा देश में बढ़ने से भारत को आयातित LPG पर अपनी निर्भरता कम करने और सब्सिडी कॉस्ट घटाने में मदद मिल सकती है.

Advertisement

PNG इंसेंटिव स्कीम को ऐसे समझें
अगले महीने से लागू होने जा रही सरकार की नई पीएनजी इंसेंटिव स्कीम के तहत शहरी गैस वितरण कंपनियों को प्रत्येक ऐसे घर के लिए 200 मानक घन मीटर अतिरिक्त सस्ती घरेलू गैस मिलेगी, जिसे वो कनेक्शन दे रही हैं और वह यूजर PNG का यूज करना और बिल पेमेंट करना शुरू कर देता है. सरकार को उम्मीद है कि अतिरिक्त गैस आवंटन से इन कंपनियों के लिए गैस पाने की लागत में कमी आ सकती है. इसके अलावा डिस्ट्रीब्यूटर्स को मौजूदा निष्क्रिय पीएनजी कनेक्शनों का उपयोग करने और अधिक घरों तक पहुंच बनाने में भी मदद मिलेगी. 

डिस्ट्रीब्यूटर और यूजर को क्या फायदे
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ किया है कि इस प्रोत्साहन योजना से पीएनजी डिस्ट्रीब्यूटर कंपनियों को नए कनेक्शनों में किए गए निवेश को महज तीन सालों में वसूलने में मदद मिल सकती है, जबकि फिलहाल इसमें लगभग 10 साल का समय लग जाता है.

इंसेंटिव भले ही कंपनियों को दिया जाएगा, लेकिन ये स्कीम PNG Users के लिए भी फायदे का सौदा है, क्योंकि उन्हें जहां LPG Cylinder की बुकिंग, डिलीवरी में देरी समेत अन्य परेशानियों से निजात मिलेगी, तो वहीं एलपीजी के मुकाबले पीएनजी सस्ती होने से रसोई का बजट भी संभलेगा. 

Advertisement

LPG का बड़ा आयात, PNG के इतने यूजर
यहां बता दें कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है और अपनी जरूरतों का करीब 60% खरीदता है, जिसका बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से ही आता है. भारत ने 2025 में करीब 22 मिलियन मीट्रिक टन एलपीजी आयात किया, जिसपर लगभग 12 अरब डॉलर खर्च हुए. वहीं सरकारी आंकड़ों को देखें, तो भारत में फिलहाल करीब 17.4 मिलियन घरेलू पीएनजी कनेक्शन हैं. सरकार की नई योजना से इंद्रप्रस्थ गैस, महानगर गैस जैसी कंपनियों को अपने नेटवर्क में विस्तार करने का मौदा देंगी. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »