क्या आप भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स खासकर LinkedIn से पर्सनल फाइनेंस और इंवेस्टमेंट का ज्ञान लेते हैं? तो सावधान हो जाइए. LinkedIn पर दिखने वाली हर फाइनेंशियल एडवाइस किसी अनुभवी इंसान ने लिखी हो, अब ऐसा मान लेना सही नहीं होगा. एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि LinkedIn पर शेयर किए जाने वाले लंबे पोस्ट का बड़ा हिस्सा अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया जा रहा है. ऐसे में सोशल मीडिया पर खुद को फाइनेंस एक्सपर्ट बताने वाले लोगों की सलाह पर आंख बंद करके भरोसा करना आपके लिए जोखिम भरा हो सकता है.
Pangram Labs की स्टडी के मुताबिक, 10 लाख से ज्यादा पोस्ट का विश्लेषण करने पर पता चला कि LinkedIn के करीब 40% लंबे पोस्ट AI से तैयार किए गए हैं. इसके मुकाबले Reddit पर यह आंकड़ा 13% और Substack पर 10%. यानी AI से बने कॉन्टेंट के मामले में LinkedIn सबसे आगे है. यही वजह है कि अब यह पहचानना मुश्किल होता जा रहा है कि किसी पोस्ट के पीछे असली फाइनेंशियल एक्सपर्ट हैं या सिर्फ AI की मदद से तैयार किया गया कॉन्टेंट.
फाइनेंस सेक्टर में सबसे ज्यादा AI का इस्तेमाल
TechRadar की एक दूसरी स्टडी के मुताबिक, AI का सबसे ज्यादा इस्तेमाल फाइनेंस से जुड़े कॉन्टेंट में हो रहा है. रिपोर्ट में फाइनेंस सेक्टर के करीब 73.8% पोस्ट में AI के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं. इसके बाद टेक्नोलॉजी सेक्टर 57.8% और लीगल सेक्टर 54.7% के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे. यानी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फाइनेंस से जुड़े हर चार में से लगभग तीन पोस्ट AI की मदद से लिखे हुए हो सकते हैं.
क्यों बढ़ रही है चिंता?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोशल मीडिया पर कई लोग AI की मदद से ऐसे पोस्ट तैयार कर रहे हैं, जिनका मकसद सही जानकारी देना कम और अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना ज्यादा होता है. ऐसे कॉन्टेंट में कई बार गहराई और वास्तविक अनुभव की कमी होती है. इससे निवेशक ऊंचे-ऊंचे दावों को सच मानकर गलत फैसले ले सकते हैं और अपनी मेहनत की कमाई गलत जगह इंवेस्ट कर सकते हैं.
Reddit की तस्वीर अलग क्यों है?
स्टडी में Reddit की स्थिति अलग नजर आई. वहां AI से तैयार कॉन्टेंट का प्रतिशत काफी कम पाया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, Reddit पर सिर्फ 1.7% रिप्लाई AI जनरेटेड पाए गए, जबकि LinkedIn पर यह आंकड़ा करीब 24% रहा. इसकी एक वजह यह भी मानी गई कि Reddit पर किसी भी दावे को दूसरे यूजर्स खुलकर चुनौती देते हैं और कम्युनिटी उसकी जांच करती है.
AI से लिखे पोस्ट की पहचान कैसे होगी?
इस सवाल का जवाब आसान नहीं है. CMS IndusLaw के पार्टनर नकीब अहमद काजिया के मुताबिक, फिलहाल ऐसा कोई भरोसेमंद तरीका नहीं है जिससे यह तय किया जा सके कि कोई पोस्ट AI ने लिखा है या इंसान ने. उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति SEBI रजिस्ट्रेशन के बिना निवेश की सलाह देता है, तो यह नियमों का उल्लंघन हो सकता है, चाहे कॉन्टेंट AI ने तैयार किया हो या किसी इंसान ने.
उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को आईटी कानून के तहत कुछ कानूनी सुरक्षा मिलती है. वहीं AI डेवलपर्स भी अपनी शर्तों के जरिए खुद को सुरक्षित रखते हैं. ऐसे में गलत सलाह से नुकसान होने पर निवेशकों के लिए कानूनी राहत पाना आसान नहीं होता.
AI डिटेक्शन टूल पूरी तरह भरोसेमंद नहीं
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि AI राइटिंग पहचानने वाले टूल 100% सटीक नहीं हैं. कई बार वे इंसान द्वारा लिखे गए असली कॉन्टेंट को भी AI जनरेटेड बता देते हैं. खासकर फाइनेंशियल और लीगल कॉन्टेंट में ऐसी गलतियां ज्यादा देखने को मिलती हैं.
इन्वेस्टर क्या सावधानी बरतें?
अगर आप सोशल मीडिया पर निवेश से जुड़ी सलाह पढ़ते हैं, तो सिर्फ अच्छी भाषा या आकर्षक पोस्ट देखकर भरोसा न करें. पहले यह जांच लें कि सलाह देने वाला व्यक्ति कौन है, क्या वह SEBI-registered इन्वेस्टमेंट एडवाइजर है, क्या उसने अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दिया है और क्या उसने इन्वेस्टमेंट से जुड़े जोखिमों की जानकारी भी साझा की है. किसी भी इन्वेस्टमेंट का फैसला करने से पहले किसी योग्य फाइनेंशियल एडवाइजर या अपने ब्रोकर से सलाह लेना बेहतर रहेगा.
आजतक बिजनेस डेस्क