लगातार 8 हफ्ते तक गिरावट के साथ कारोबार करने के बाद 9वें हफ्ते के पहले दिन भी बाजार पर दबाव हावी हो गया है. सोमवार की शुरुआत तेजी के साथ हुई, लेकिन दिन के 12 बजे निफ्टी अचानक फिसलकर 12400 अंक से नीचे पहुंच गया. बाजार के इस गिरावट में सबसे बड़ा योगदान HDFC बैंक और HCL टेक का रहा है. वहीं दोपहर 12 बजे सेंसेक्स गिरकर 71,850 अंक पर पहुंच गया है.
गिरावट के मुख्य कारण HDFC बैंक और निफ्टी बैंक में दबाव: इंडेक्स के सबसे बड़े हेवीवेट HDFC बैंक के शेयरों में करीब 2.50 फीसदी की भारी बिकवाली देखी गई, जिससे निफ्टी बैंक इंडेक्स पर चौतरफा दबाव बना. इसके अलावा एशियन पेंट्स के शेयर भी ढाई फीसदी तक फिसल गए.
ग्लोबल सेंटीमेंट में सुधार की वजह से भारतीय बाजार की ओपनिंग शानदार रही, कारोबार के दौरान सोमवार को निफ्टी बढ़कर 22,621.80 अंक तक पहुंच गया. लेकिन उसके बाद दबाव गहराने लगा और इंडेक्स फिसलकर 22400 से नीचे पहुंच गया.
FIIs की ताबड़तोड़ बिकवाली
भारतीय बाजार कमजोरी का सबसे बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली रहा है. विदेशी निवेशक लगातार भारतीय इक्विटी बाजारों से पैसे निकाल रहे हैं. डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण विदेशी फंड भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों में शिफ्ट कर रहे हैं.
वैश्विक तनाव और कच्चे तेल में उछाल
वैश्विक मोर्चे पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता और क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से भारतीय अर्थव्यवस्था और कॉरपोरेट मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है. क्रूड ऑयल का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक निफ्टी दोबारा 22,650–22,700 के स्तर को पार नहीं कर लेता, तब तक बाजार में अस्थिरता और दबाव कायम रह सकता है.
अमेरिका से पॉजीटिव इनपुट
अमेरिकी बाजार में तेजी के बावजूद भारतीय बाजार गिरता जा रहा है. अमेरिका बाजार को एसेंचर की चौथी तिमाही जुलाई-सितंबर 2026 के कारोबारी नतीजे ने घरेलू मार्केट में आईटी शेयरों को सपोर्ट दिया. जिससे 1 अक्टूबर को एसेंचर के शेयर 22% उछल पड़े. कंपनी के लिए अब तक का सबसे दिन साबित हुआ.
वहीं सितंबर में अमेरिका में जॉब ग्रोथ अनुमान से ज्यादा धीमी रही, और पिछले दो महीनों के नॉन-फार्म पेरोल आंकड़ों में भारी कटौती की गई, जिससे इस महीने फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना लगभग खत्म हो गई.
(नोट: शेयर बाजार में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें)
आजतक बिजनेस डेस्क