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Best Business Idea: एक छोटी मशीन लो... और शुरू हो जाओ, कम पूंजी में मोटी कमाई वाला बिजनेस

आजतक बिजनेस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 20 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:06 PM IST
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शौक बड़ी चीज है, चाहे खाने-पीने के मामले हो या फिर पहनने. आज के दौर में लोग कई जोड़े जूते-चप्पल रखते हैं. खासकर स्लीपर को लेकर कहा जाता है कि ये एक ऐसी चीज है, जो बचपन से लेकर पचपन तक के लोग यूज करते हैं. घर में पहनने के लिए अलग, बाजार जाने के लिए अलग, ठंडी के अलग, गर्मी के लिए अलग. ऐसे में ये एक ऐसा बिजनेस है, जिसके ग्राहक हर उम्र के लोग हैं, यानी ये 12 महीने चलने वाला बिजनेस है. (Photo: AI)
 

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वैसे देश में लाखों तरह के बिजनेस हैं, सब चल रहे हैं. लेकिन सब बिजनेस हर कोई नहीं कर सकता. बिजनेस चलाने के लिए अनुभव के साथ-साथ पूंजी की जरूरत होती है. लेकिन अगर आप हफ्ते भर की ट्रेनिंग और कम लागत में दोगुनी-तिगुनी कमाई वाला छोटा कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो एक बेहतरीन आइडिया है- चप्पल बनाने का काम. (Photo: ITG)

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चप्पल बनाने का एक ऐसा व्यवसाय है, जो कम निवेश के साथ शुरू किया जा सकता है और इससे मोटा मुनाफा निकाल सकते हैं. अब बात करते हैं कि कैसे आप चप्पल की छोटी-मोटी फैक्ट्री लगा सकते हैं, शुरुआत में कितना निवेश करना होगा, और कमाई कितनी हो सकती है. आज के दौर में स्लीपर मार्केट में एक से बढ़कर एक ब्रॉन्ड हैं. लेकिन इतिहास को पलटें तो पता चलेगा, इन कंपनियों ने भी शुरुआत बेहद कम लागत की थीं, खासकर Relaxo जैसी कंपनी इसका उदाहरण है. सबसे खास बात यह है कि आप ये बिजनेस यूनिट शहर हो या गांव कहीं भी लगा सकते हैं, क्योंकि स्लीपर की डिमांड सब जगह एक जैसी है. (Photo: ITG)

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कैसे करें चप्पल मैन्युफैक्चरिंग?
अगर आप चप्पल बनाने की फैक्ट्री लगाने की सोच रहे हैं, शुरुआत में मैनुअल या सैमी-ऑटोमैटिक मशीन खरीद सकते हैं. इसके लिए आपको कम से कम 5 तरह की मशीनें लगानी होंगी. स्लीपर सीट बनाने से लेकर कटिंग, ड्रिलिंग, ग्राइडिंग, डिजाइनिंग, प्रिंटिंग औैर स्ट्रैप फिटिंग की मशीनें लेनी होंगी. अगर आप शुरुआत में स्लीपर शीट की मशीन नहीं लगाना चाहते हैं तो देश में तमाम मैन्युफैक्चरर हैं, जहां से आप स्लीपर शीट खरीद सकते हैं. क्योंकि सबसे ज्यादा कीमत स्लीपर शीट मशीन की होती है. (Photo: Indiamart)

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कितनी लागत, कितनी कमाई?
मैन्युफैक्चरर से बातचीत के बाद एक बात साफ हो गई है, अगर आप स्लीपर मेकिंग की छोटी यूनिट भी लगाते हैं तो 35 से 40 रुपये की लागत में एक जोड़ी चप्पल बनकर तैयार हो जाती है, कुछ मैन्युफैक्चरर ने तो सिर्फ 25-27 रुपये प्रति जोड़ी लागत का दावा करते हैं. यही चप्पल रिटेल मार्केट में 120-150 रुपये में बिकती है. अधिकतर वीकली मार्केट और छोटे दुकानदारों के पास यही चप्पलें मिलती हैं, जो बड़े ब्रॉन्ड के तो नहीं होते हैं, लेकिन फिनिशिंग और देखने में ब्रॉन्ड को टक्कर देती हैं. बातचीत में पता चला है कि होलसेल में यही स्लीपर 60-70 रुपये पेयर आसानी से बिक जाती है. (Photo: Indiamart)

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अगर आप स्लीपर शीट खरीदकर चप्पल बनाते हैं तो एक सीट से 25 जोड़ी स्लीपर बनकर तैयार हो जाती हैं. वहीं अगर एक जोड़ी पर 20 रुपये मुनाफा जोड़ते हैं तो एक छोटी मशीन से रोजाना कम से कम 200 से 300 जोड़ी चप्पल बना सकते हैं, यानी रोजाना 4000 से 6000 रुपये मुनाफा कमा सकते हैं. इस बिजनेस से महीने में 1 लाख रुपये बचत की संभावना है. जबकि ऑटोमैटिक मशीन से 8 घंटे में 1500-2000 जोड़ी चप्पलें बनकर तैयार हो जाती हैं. इस मशीन पर 5 साल की गारंटी दी जाती है. (Photo: Indiamart)

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अब आपको पता चल चुका होगा कि चप्पल बनाने के लिए 4 से 5 तरह की मशीनों की जरूरतें होती हैं. कटिंग, ड्रिलिंग, ग्राइडिंग, डिजाइनिंग, इमबोजिंग यानी प्रिंटिंग और स्ट्रैप फिटिंग.

लागत: चप्पल बनाने की यूनिट लगाने के लिए छोटे स्तर पर 20 हजार रुपये से 1 लाख रुपये, मध्यम स्तर पर 1-3 लाख रुपये, और बड़े स्तर पर 6-10 लाख रुपये तक का निवेश करना पड़ सकता है.

कच्चा माल: रबर, पीवीसी, फोम और पैकेजिंग सामग्री. ये चीजें थोक में आपको आसानी से मिल जाएंगी. यूट्यूब और इंडिया मार्ट पर इसकी पूरी जानकारी मिल जाएगी. (Photo: ITG)

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कैसे बनता है चप्पल?
सबसे पहले सोल कटिंग यानी रबर या पीवीसी शीट को चप्पल के आकार में काटा जाता है. फिर फिनिशिंग के लिए किनारों को चिकना किया जाता है, उसके बाद चप्पल पर डिजाइन या लोगो प्रिंट किया जाता है. फिर चप्पल में रबर, चमड़े, या कपड़े की पट्टियां लगाई जाती हैं. आखिर में शानदार पैकेजिंग के साथ चप्पल को पैक करके बिक्री के लिए तैयार किया जाता है. (Photo: ITG)

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कैसे बेच सकते हैं चप्पल?
आप सीधे थोक विक्रेता से संपर्क कर सकते हैं, इसके अलावा रिटेल में भी बेचते हैं. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स (जैसे Amazon, Flipkart) या सोशल मीडिया के जरिए भी कस्टमर तक पहुंच सकते हैं. (Photo: ITG)

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प्रोडक्शन से पहले रिसर्च
चप्पल बनाने से पहले स्थानीय दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से ये जानकारी जुटाएं कि किस तरह की चप्पलों की सबसे ज्यादा डिमांड है. फिर उसी पर फोकस करें. क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती चप्पलें ज्यादा बिकती हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में फैशनेबल और ब्रांडेड चप्पलें पसंद की जाती हैं. अच्छी पैकेजिंग ग्राहकों को आकर्षित करती है और ब्रांड वैल्यू बढ़ाती है. (Photo: AI)

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चप्पल निर्माण का प्रशिक्षण खादी ग्रामोद्योग (kvic.org.in) या जिला उद्योग केंद्र से लिया जा सकता है. सरकार की योजनाओं जैसे मुद्रा लोन या PMEGP (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम) के तहत लोन प्राप्त किया जा सकता है. अगर आप खुद चप्पल बनाते हैं, तो लागत कम होती है और मुनाफा 50% तक हो सकता है, आप होलसेलर को 15 से 20% मुनाफा पर प्रोडक्ट्स उपलब्ध करा सकते हैं.  (Photo: ITG)

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