Wipro layoffs: माइक्रोसॉफ्ट और गूगल के बाद विप्रो ने 452 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला, कहा- अच्छी नहीं थी परफॉर्मेंस

गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के बाद अब भारतीय आईटी कंपनी विप्रो ने भी 452 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. कर्मचारियों को भेजे गए टर्मिनेशन लेटर में कंपनी ने कहा कि उन्हें 75,000 रुपये का भुगतान करना होगा जोकि फर्म ने उनकी ट्रेनिंग में खर्च किया था. हालांकि उसी मेल में लिखा है कि कंपनी ने राशि माफ कर दी है.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 5:08 AM IST

बीते हफ्ते दुनिया की दो टॉप टेक कंपनियों गूगल और माइक्रोसॉफ्ट ने बड़े स्तर पर छंटनी की घोषणा की. गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने 12 हजार और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने ग्लोबल स्तर पर 10 हजार कर्मचारियों को निकाल दिया. अब भारत की शीर्ष आईटी कंपनियों में एक विप्रो ने भी छंटनी की घोषणा की है. 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, विप्रो ने खराब परफॉर्मेंस के चलते सैकड़ों फ्रेशर एंप्लॉयीज को नौकरी से निकाल दिया है. कंपनी ने इंटरनल परफॉर्मेंस इवेल्युएशन के आधार पर कम स्कोर वाले कर्मचारियों को जॉब छोड़ने के लिए कह दिया. कंपनी से 800 कर्मचारियों को निकाले जाने की उम्मीद थी, लेकिन विप्रो ने कहा कि यह संख्या इससे कम है. विप्रो ने बिजनेस टुडे को बताया, 'हमें 452 फ्रेशर्स को बाहर करना पड़ा क्योंकि उन्होंने ट्रेनिंग के बाद भी बार-बार असेसमेंट में खराब परफॉर्मेंस किया.' 

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टर्मिनेशन लेटर में ट्रेनिंग फीस का भी जिक्र

विप्रो ने कर्मचारियों को भेजे गए टर्मिनेशन लेटर में कहा कि कर्मचारियों को 75,000 रुपये का भुगतान करना होगा जोकि फर्म ने उनकी ट्रेनिंग में खर्च किया था. हालांकि, विप्रो ने उसी मेल में लिखा है कि कंपनी ने राशि माफ कर दी है. खराब प्रदर्शन की वजह से कंपनी द्वारा जॉब से निकाले गए फ्रेशर ने बताया कि मुझे जनवरी 2022 में ऑफर लेटर मिला था, लेकिन महीनों की देरी के बाद उन्होंने मुझे ऑनबोर्ड कर लिया और अब वे मुझे टेस्ट का बहाना बताकर निकाल रहे हैं? 

गूगल और माइक्रोसॉफ्ट ने 22 हजार कर्मचारियों को निकाला

दुनियाभर में टेक इंडस्ट्री बुरे दौर से गुजर रही है. पिछले हफ्ते, दो सबसे बड़ी टेक कंपनियों गूगल और माइक्रोसॉफ्ट ने वैश्विक स्तर पर 22,000 कर्मचारियों की छंटनी की. गूगल के सीईओ और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ दोनों ने छंटनी की पूरी जिम्मेदारी ली और संकेत दिया कि कंपनियों ने पिछले कुछ वर्षों में ओवरहायर किया है. इससे पहले अमेजॉन, नेटफ्लिक्स और सेल्सफॉर्स समेत कई कंपनियों ने आर्थिक स्थितियों का हवाला देते हुए हजारों कर्मचारियों को जॉब से निकाल दिया था. 

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(इनपुट- स्नेहा साहा) 

 

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