चिदंबरम ने उठाए सवाल, कहा- नोटबंदी मूर्खतापूर्ण कदम

नोटबंदी को मूर्खतापूर्ण और बिना सोचे-समझे उठाया गया कदम करार देते हुए चिदंबरम ने कि आखिर क्या वजह है कि देश को कैशलेस इकोनॉमी बनाने की कवायद की जा रही है. चिदंबरम ने केन्द्र सरकार से अर्थव्यवस्था में किए जाए रहे इस बड़े परिवर्तन पर 5 सवाल पूछे हैं.

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नोटबंदी पर चिदंबरम ने मोदी सरकार को घेरा नोटबंदी पर चिदंबरम ने मोदी सरकार को घेरा

राहुल मिश्र

  • नई दिल्ली,
  • 13 दिसंबर 2016,
  • अपडेटेड 1:11 PM IST

नोटबंदी लागू होने के एक महीने बाद देश के पूर्व वित्त मंत्री और अर्थशास्त्री पी चिदंबरम ने केन्द्र सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि नोटबंदी मोदी सरकार का सबसे बड़ा घोटाला है. नोटबंदी को मूर्खतापूर्ण और बिना सोचे-समझे उठाया गया कदम करार देते हुए चिदंबरम ने कहा कि आखिर क्या वजह है कि देश को कैशलेस इकोनॉमी बनाने की कवायद की जा रही है. चिदंबरम ने केन्द्र सरकार से अर्थव्यवस्था में किए जाए रहे इस बड़े परिवर्तन पर 5 सवाल पूछे हैं-

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1. अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल करने वाले इस कदम का लक्ष्य क्यों बार-बार बदला जा रहा है.

नोटबंदी लागू   करते वक्त सरकार ने बताया कि यह कदम देश में लगाने के लिए उठाया गया है. वहीं यह भी कहा कि यह आतंकवाद की समस्या से लड़ने के लिए भी बेहद जरूरी है. सरकार के मुताबिक इस कदम से आतंकी संगठनों के पास पड़ा पैसा बेकार हो जाएगा. लेकिन इन सब लक्ष्यों पर कोई सफलता मिलती न देख कर सरकार ने अब दावा किया है कि यह कदम देश को कैशलेस इकोनॉमी बनाने के लिए उठाया गया है.

2. नोटबंदी के बाद राशन करेंसी मिलने के बावजूद कैसे लोगों के पास लाखों-करोड़ों की संख्या में 2000 के नए नोट हैं.

चिदंबरम ने सवाल किया है कि नोटबंदी लागू होने के बाद देशभर में एटीएम के जरिए 2000-2500 रुपये निकल रहे हैं और बैंक में लाइन लगाकर एक महीने में सिर्फ 24,000 रुपये निकाले जा सकते हैं. वहीं बैंक में सिर्फ 4000 रुपये की पुरानी करेंसी बदलकर नई करेंसी लेने का प्रावधान किया गया था. ऐसी स्थिति में यह कैसे संभव है कि देश में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के छापे में लाखों-करोड़ों रुपये की नई करेंसी बरामद हो रही है. क्या इसे बैंकिग का महा-स्कैम नहीं कहा जा सकता?

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3. जब सरकार कह रही है कैश पर्याप्त है तो बैंक क्यों कह रही कैश नहीं है

नोटबंदी लागू होने के बाद से लगातार केन्द्र सरकार और रिजर्व बैंक दावा कर रहा है कि देश में नई करेंसी का पर्याप्त संचालन कर दिया गया है. यदि नई करेंसी का संचालन पर्याप्त मात्रा में है तो फिर क्यों देशभर में सभी बैंक अपने एटीएम और टेलर विंडो के बाहर ''करेंसी नहीं है'' का बोर्ड लगा रहे हैं?

4. जब पूरे देश में बिजली, इंटरनेट और मशीनें नहीं हैं तो कैसे सरकार 50 दिन में बनाएगी कैशलेस इकोनॉमी

चिदंबरम ने कहा कि नोटबंदी से पहले देश में महज 3 फीसदी कैशलेस इकोनॉमी थी. अब मोदी सरकार 50 दिनों में देश को बनाने की तैयारी में लगी है. क्या इन 50 दिनों में पूरे देश के कोने-कोने में बिजली, इंटरनेट और मशीनों को पहुंचा दिया जाएगा? क्या इन 50 दिनों में पूरे देश को साक्षर कर दिया जाएगा?

5. दुनिया के किस देश में है कैश इकोनॉमी का नमूना

कैशलेस इकोनॉमी बनाने के लिए यदि सभी मानदंड़ो को 50 दिनों में पूरा कर भी लिया जाता है तो मोदी सरकार ने कैशलेस इकोनॉमी का दुनियाभर में नमूना कहां देखा. क्या अमेरिका और सिंगापुर में कैशलेस इकोनॉमी है?

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