मुंबई में प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों के बीच अब यह सवाल भी उठने लगा है कि अगर किसी घर की कीमत 8-10 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा है, तो क्या खरीदारों को शहर की सड़कों, फुटपाथ और दूसरी सार्वजनिक सुविधाओं से भी उसी स्तर की उम्मीद करनी चाहिए. हाल ही में Reddit पर एक पोस्ट ने इसी मुद्दे पर बहस छेड़ दी. पोस्ट करने वाले यूजर ने मुंबई की तुलना दुबई और सिंगापुर जैसे ग्लोबल शहरों से करते हुए सवाल उठाया कि जब शहर के प्रीमियम इलाकों में घरों के दाम अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुके हैं, तो क्या सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी उसी हिसाब से बेहतर नहीं होना चाहिए.
Reddit यूजर के मुताबिक, वर्ली, बांद्रा और साउथ मुंबई जैसे इलाकों में 8-10 करोड़ रुपये खर्च करने पर शानदार बिल्डिंग, मार्बल लॉबी, स्विमिंग पूल, जिम और प्राइवेट लिफ्ट जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं. लेकिन बिल्डिंग से बाहर निकलते ही तस्वीर बदल जाती है. खराब सड़कें, गड्ढे, गायब होते फुटपाथ, जगह-जगह खुदी सड़कें और मानसून में जलभराव जैसी समस्याएं सामने आती हैं. इसी को लेकर यूजर ने सवाल उठाया कि क्या मुंबई अब 'ग्लोबल-सिटी प्राइस' तो ले रही है, लेकिन ग्लोबल-सिटी जैसा अनुभव सिर्फ बिल्डिंग के अंदर तक सीमित रह गया है.
यह भी पढ़ें: कहां जा रहा है अमीरों का पैसा, मुंबई के 10 लग्जरी प्रोजेक्ट्स में ₹3,815 करोड़ के घर बिके
पोस्ट में मुंबई की कुछ खास खूबियों का भी जिक्र किया गया. यूजर ने माना कि दुबई भी पूरी तरह परफेक्ट नहीं है और मुंबई की अपनी अलग पहचान है. शहर की संस्कृति, खाना, यहां की हलचल और लोगों से जुड़ी भावनाएं ऐसी चीजें हैं, जिनकी तुलना सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर के आधार पर नहीं की जा सकती. लेकिन सवाल यह है कि जब मुंबई के प्रीमियम इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतें दुबई या सिंगापुर जैसे बाजारों के करीब पहुंच रही हैं, तो क्या खरीदार बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं की उम्मीद कर सकते हैं.
इस पोस्ट पर यूजर्स की राय एक जैसी नहीं रही. कुछ लोगों ने माना कि मुंबई में प्रॉपर्टी की कीमतों के मुकाबले मिलने वाला स्पेस काफी कम है. एक यूजर ने दावा किया कि दुबई में करीब 1.5 लाख रुपये के मासिक किराये पर उसे 1,000 वर्ग फुट का लेक-फेसिंग अपार्टमेंट मिला, जबकि मुंबई में इसी बजट में उतनी जगह और वैसी लोकेशन मिलना मुश्किल है. वहीं एक अन्य यूजर ने दुबई में 2,500 वर्ग फुट के 3BHK और मुंबई में छोटे आकार के घरों की तुलना की.
हालांकि, कई यूजर्स ने दुबई को मुंबई के लिए सीधा बेंचमार्क मानने से भी इनकार किया. उनका कहना था कि दोनों शहरों की परिस्थितियां और जीवनशैली अलग हैं. एक यूजर ने मुंबई की सस्ती और व्यापक पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था, घर तक जल्दी सामान पहुंचाने वाली सेवाओं और शहर की दूसरी सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सिर्फ प्रॉपर्टी की कीमत देखकर दोनों शहरों की तुलना करना सही नहीं होगा.
यह भी पढ़ें: भारत के अमीर निवेशकों की पहली पसंद बना रियल एस्टेट, खूब खरीद रहे हैं प्रॉपर्टी
मुंबई में प्रॉपर्टी की कीमत
स्थानीय प्रॉपर्टी बाजार के मुताबिक, मुंबई के सबअर्बन इलाकों में घरों की कीमत करीब 20,000 से 40,000 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच हो सकती है, जबकि प्राइम इलाकों में लग्जरी अपार्टमेंट की कीमत 1 लाख रुपये प्रति वर्ग फुट से ऊपर जाकर करीब 3 लाख रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच सकती है. मुंबई के वर्ली, ब्रांद्रा और साउथ मुंबई जैसे इलाकों में प्रीमियम कीमतें जमीन की सीमित उपलब्धता और लोकेशन की मांग से जुड़ी हैं.
aajtak.in