भारत का ये घर है दुनिया का सबसे बड़ा निजी आवास,170 कमरे और 500 एकड़ में फैला ये महल

लक्ष्मी विलास पैलेस 19वीं सदी के राजसी वैभव, भारतीय शिल्प और यूरोपीय वास्तु प्रभावों का मिश्रण है. यही वजह है कि एक सदी से ज्यादा पुराना यह महल आज भी दुनिया के सबसे असाधारण निजी आवासों में शामिल है.

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दुनिया का सबसे बड़ा महल (Photo-Instagram/priyamsaraswa) दुनिया का सबसे बड़ा महल (Photo-Instagram/priyamsaraswa)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 01 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:49 PM IST

दुनिया के सबसे बड़े निजी घर की बात होते ही कई भारतीयों के मन में सबसे पहले मुंबई स्थित उद्योगपति मुकेश अंबानी का आलीशान घर एंटीलिया आता है. हालांकि, दुनिया के सबसे बड़े निजी आवास का खिताब एंटीलिया के नाम नहीं है. यह खिताब गुजरात के वडोदरा में स्थित ऐतिहासिक लक्ष्मी विलास पैलेस के नाम है.

वडोदरा के गायकवाड़ राजघराने का यह महल अपने विशाल आकार, भव्य वास्तुकला और ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है. Architectural Digest के अनुसार, लक्ष्मी विलास पैलेस करीब 30.5 मिलियन वर्गफुट में फैला है और इसे दुनिया का सबसे बड़ा निजी आवास माना जाता है. इसका आकार बकिंघम पैलेस से करीब 36 गुना बताया गया है.

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500 एकड़ के विशाल परिसर में बना है महल

गुजरात के वडोदरा में स्थित लक्ष्मी विलास पैलेस गायकवाड़ राजपरिवार का निवास है. सरकारी पर्यटन वेबसाइट के अनुसार, यह 500 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले परिसर का हिस्सा है. यहां महल के अलावा गोल्फ कोर्स, क्रिकेट स्टेडियम, ऐतिहासिक बावड़ी और कई बगीचे भी हैं.

महल का निर्माण महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय ने करवाया था, इसका निर्माण 1878 में शुरू हुआ और 1890 में पूरा हुआ. इसके डिजाइन की जिम्मेदारी ब्रिटिश वास्तुकार मेजर चार्ल्स मंट को दी गई थी, जबकि उनकी मृत्यु के बाद रॉबर्ट फेलोज चिशोल्म ने निर्माण कार्य पूरा कराया.

170 से ज्यादा कमरे, भव्य दरबार हॉल और शानदार इंटीरियर

लक्ष्मी विलास पैलेस में 170 से अधिक कमरे हैं, महल की वास्तुकला में भारतीय, इस्लामिक और यूरोपीय प्रभावों का अनूठा मिश्रण देखने को मिलता है. इसे इंडो-सारासेनिक वास्तुकला का शानदार उदाहरण माना जाता है. महल के भीतर भव्य दरबार हॉल, कई आंगन और राजपरिवार के निजी हिस्से हैं. यहां यूरोपीय पुनर्जागरण और रोकोको शैली की पेंटिंग्स, चीन और जापान की दुर्लभ पोर्सिलेन वस्तुएं और भारतीय कलाकारों की कलाकृतियां भी मौजूद हैं. महल में राजा रवि वर्मा की कलाकृतियों का निजी संग्रह भी है, जिसे देश के सबसे महत्वपूर्ण निजी संग्रहों में गिना जाता है.

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लक्ष्मी विलास पैलेस आज भी गायकवाड़ परिवार का घर है, यहां महाराजा समरजीत सिंह रणजीत सिंह गायकवाड़, उनकी पत्नी महारानी राधिक राजे गायकवाड़ और उनकी बेटियां रहती हैं. परिवार की राजमाता शुभांगिनी राजे गायकवाड़ का भी इस परिवार से जुड़ाव है.

समरजीत सिंह गायकवाड़, महाराजा सयाजी राव गायकवाड़ तृतीय के वंशज हैं, जिन्होंने इस भव्य महल का निर्माण कराया था. लक्ष्मी विलास पैलेस की खासियत सिर्फ इसका विशाल आकार नहीं है. गायकवाड़ परिवार ने महल के कुछ हिस्सों को आम लोगों के लिए भी खोला है. महल परिसर में डांस फेस्टिवल और विंटेज कार शो जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इसका दरबार हॉल संगीत कार्यक्रमों के लिए भी इस्तेमाल होता है, जबकि सार्वजनिक हिस्सों में समय-समय पर हस्तशिल्प मेले आयोजित किए जाते हैं.

महारानी राधिकराजे गायकवाड़ ने Architectural Digest से बातचीत में कहा कि लक्ष्मी विलास पैलेस आखिरकार भारत के लोगों के लिए है और परिवार खुद को भाग्यशाली मानता है कि उसे इस जगह को अपना घर कहने का अवसर मिला है.

एंटीलिया से क्यों होती है इसकी तुलना?

मुंबई का एंटीलिया आधुनिक भारत के सबसे चर्चित और महंगे निजी घरों में शामिल है, लेकिन लक्ष्मी विलास पैलेस की पहचान इसकी ऐतिहासिक विरासत और विशाल क्षेत्रफल से जुड़ी है, जहां एंटीलिया आधुनिक वास्तुकला और अत्याधुनिक सुविधाओं का उदाहरण है. 

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