दिल्ली-NCR समेत इन शहरों में बढ़ेगी प्रॉपर्टी की मांग, 4.5 अरब डॉलर का निवेश

खरीदार जमीन का मालिकाना हक, अपनी जरूरत के मुताबिक निर्माण और भविष्य में बेहतर मूल्य की संभावनाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं.

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त्योहारी सीजन में बढ़ेगी घरों की बिक्री (Photo-ITG) त्योहारी सीजन में बढ़ेगी घरों की बिक्री (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 05 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:55 AM IST

भारत का रियल एस्टेट बाजार साल 2026 के अंत की ओर सकारात्मक रुख के साथ बढ़ रहा है. आवासीय संपत्तियों की मजबूत मांग, कमर्शियल ऑफिस स्पेस की बढ़ती लीजिंग और संस्थागत निवेश में तेजी से इस सेक्टर को मजबूती मिल रही है. त्योहारी सीजन में घरों की बिक्री और नई परियोजनाओं की लॉन्चिंग को भी गति मिलने की उम्मीद है. हालांकि, घरों की बढ़ती कीमतें, आम लोगों की खरीद क्षमता और निर्माण लागत में इजाफा रियल एस्टेट क्षेत्र के सामने चुनौतियां बनी हुई हैं.

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सैविल्स इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 के पहले नौ महीनों में देश के 6 प्रमुख शहरों में ऑफिस स्पेस की कुल लीजिंग 60.7 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच गई. यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 6 प्रतिशत अधिक है. ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), टेक्नोलॉजी कंपनियों और वित्तीय सेवा क्षेत्र की कंपनियों की बढ़ती गतिविधियों से ऑफिस स्पेस की मांग को सहारा मिल रहा है.

सैविल्स इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर (रिसर्च एंड कंसल्टिंग) अरविंद नंदन के मुताबिक, भारतीय रियल एस्टेट बाजार 2026 के अंत की ओर मजबूत स्थिति में बढ़ रहा है. आवासीय मांग में मजबूती, ऑफिस स्पेस की लगातार मांग और संस्थागत निवेश में बढ़ोतरी से बाजार को समर्थन मिल रहा है. 

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रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में अब तक कुल ऑफिस लीजिंग में जीसीसी की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत रही है. इससे वैश्विक कंपनियों के लिए भारत एक प्रमुख कारोबारी और तकनीकी केंद्र के रूप में उभर रहा है. बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली-एनसीआर में मजबूत कारोबारी ढांचे और बेहतर होती कनेक्टिविटी के कारण ऑफिस स्पेस की मांग बनी हुई है.

रियल एस्टेट में संस्थागत निवेश 16% बढ़ा

रियल एस्टेट में निवेश के मोर्चे पर भी अच्छी तस्वीर सामने आई है. सैविल्स इंडिया के अनुसार, जनवरी से सितंबर 2026 के बीच भारतीय रियल एस्टेट में निजी इक्विटी निवेश 4.5 अरब डॉलर रहा. यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 16 प्रतिशत अधिक है, आवासीय और ऑफिस प्रॉपर्टी के अलावा औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है. मैन्युफैक्चरिंग, ई-कॉमर्स और सप्लाई चेन से जुड़ी गतिविधियां बढ़ने के कारण वेयरहाउस और औद्योगिक संपत्तियों की मांग भी मजबूत हो रही है.

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त्योहारी सीजन में बढ़ सकती है घरों की बिक्री

आवासीय रियल एस्टेट बाजार में मुंबई महानगर क्षेत्र, बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली-एनसीआर में प्रीमियम और लग्जरी घरों की मांग बनी हुई है. त्योहारी सीजन को देखते हुए डेवलपर्स ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विशेष ऑफर, आसान भुगतान योजनाएं और नई परियोजनाएं पेश कर रहे हैं.

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रॉयल ग्रीन रियल्टी के मैनेजिंग डायरेक्टर यशांक वासन के अनुसार, त्योहारी सीजन घर खरीदारों के भरोसे और खरीदारी के फैसले को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है. खासकर सोनीपत, बहादुरगढ़ और रोहतक जैसे उभरते टियर-2 बाजारों में संभावनाएं बढ़ रही हैं, उनके मुताबिक, प्लॉटेड डेवलपमेंट यानी भूखंडों पर आधारित परियोजनाओं में भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है.

हबटाउन लिमिटेड के हेड ऑफ मार्केटिंग कम्युनिकेशन एंड ब्रांड रुपम डे के मुताबिक, घर खरीदारों की मांग, कमर्शियल लीजिंग और संस्थागत निवेश के चलते रियल एस्टेट बाजार का आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है.

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