हमारे देश में ज्यादातर लोग अपने सपनों का घर खरीदने के लिए होम लोन का सहारा लेते हैं. पहली बार घर खरीदने वालों के लिए होम लोन इस सपने को सच करने का एक बेहतरीन जरिया है, लेकिन आवेदन करने से पहले उठाया गया एक भी गलत कदम इसे उम्मीद से कहीं अधिक महंगा बना सकता है. दरअसल, एक स्मार्ट और किफायती लोन और एक महंगे लोन के बीच का अंतर आवेदन जमा करने से पहले ही तय हो जाता है.
छोटी-छोटी उधारी से जुड़े फैसले भी आपके लंबे समय के पुनर्भुगतान पर बड़ा असर डाल सकते हैं, खासकर तब जब खरीदार केवल मासिक ईएमआई पर ध्यान केंद्रित करते हैं और कुल ब्याज के बोझ को नजरअंदाज कर देते हैं. पहले से योजना बनाना, विभिन्न प्रस्तावों की तुलना करना और लोन से जुड़े सभी शुल्कों को समझना उधारकर्ताओं को बेहतर वित्तीय निर्णय लेने में मदद कर सकता है. इससे पहले कि आप होम लोन के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करें, यह सुनिश्चित कर लें कि आप इन पांच सामान्य गलतियों में न फंसें.
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लंबी अवधि का लोन
सबसे आम गलतियों में से एक बहुत लंबी लोन अवधि का चयन करना है. हालांकि लंबी पुनर्भुगतान अवधि मासिक ईएमआई को कम कर सकती है, लेकिन यह लोन की पूरी अवधि के दौरान दिए जाने वाले कुल ब्याज को बढ़ा देती है, जिससे लंबे समय में घर काफी महंगा पड़ता है.
डाउन पेमेंट का महत्व
दूसरी गलती बहुत कम डाउन पेमेंट करना है, जब उधारकर्ता शुरुआत में कम पैसा लगाते हैं, तो उन्हें बैंक से बड़ा लोन लेना पड़ता है, जिससे ब्याज का बोझ और कुल पुनर्भुगतान राशि दोनों बढ़ जाती हैं.
छिपे हुए खर्चे भी बढ़ाते हैं बोझ
यह खरीदारों को घर खरीदने से जुड़े छिपे हुए खर्चों को नजरअंदाज न करने की चेतावनी देता है. प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन कॉस्ट, इंश्योरेंस और संपत्ति से जुड़े अन्य खर्चे यदि शुरुआत में शामिल न किए जाएं, तो ये आपके मासिक बजट को बिगाड़ सकते हैं.
क्रेडिट स्कोर का प्रभाव
कमजोर क्रेडिट स्कोर भी महंगा साबित हो सकता है, बैंक या लोनदाता खराब क्रेडिट प्रोफाइल वाले आवेदकों को अधिक ब्याज दरों की पेशकश कर सकते हैं, जिससे ईएमआई और बैंक को वापस की जाने वाली कुल राशि सीधे तौर पर बढ़ जाती है.
केवल उतना ही लोन लें जितना चुका सकें
अंतिम सावधानी यह है कि अपनी पूरी क्षमता के बराबर लोन लेने से बचें, अपनी वित्तीय क्षमता की आखिरी सीमा तक लोन लेने से आपातकालीन स्थितियों या अन्य वित्तीय लक्ष्यों के लिए बहुत कम गुंजाइश बचती है, जिससे लंबे समय में तनाव बढ़ सकता है.
घर खरीदारों को केवल लोन पास कराने की खुशी में नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह भी देखना चाहिए कि उसे चुकाने में कुल कितना खर्च आएगा. लोन के कागजों पर साइन करने से पहले थोड़ी सूझबूझ और सही प्लानिंग की जाए, तो आपकी महीने की ईएमआई (EMI) बजट में रहेगी और आप बेवजह के आर्थिक तनाव से बच जाएंगे.
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