दिल्ली का नया मास्टर प्लान समझना हुआ आसान, DDA ने बताया पूरा प्लान

दिल्ली के भविष्य को लेकर तैयार किए जा रहे मास्टर प्लान-2047 को अब आम लोगों के लिए समझना आसान होगा. दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने इस प्लान से जुड़ी नीतियों और नियमों को सरल तरीके से समझाने के लिए FAQ और फीडबैक सिस्टम शुरू किया है.

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दिल्ली के विकास का नया ब्लूप्रिंट तैयार (Photo-ITG) दिल्ली के विकास का नया ब्लूप्रिंट तैयार (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 31 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:58 AM IST

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने मास्टर प्लान फॉर दिल्ली-2047 को आम लोगों के लिए आसान भाषा में समझाने और इसके क्रियान्वयन में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए डिजिटल माध्यमों से जनसंपर्क अभियान शुरू किया है. यह पहल उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर की गई है.

अधिकारियों के मुताबिक, नई नीतियों से जुड़े लोगों के सामान्य सवालों को ध्यान में रखते हुए DDA ने अपनी वेबसाइट पर विस्तृत FAQ अपलोड किए हैं. इनमें लैंड पूलिंग, ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD), हाई डेंसिटी कॉरिडोर (HDC), लो डेंसिटी एरिया (LDA), पुनर्विकास, विरासत संरक्षण, सार्वजनिक स्थान और इन-सिटू झुग्गी पुनर्वास जैसी नीतियों से जुड़े सवालों के जवाब दिए गए हैं.

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इन FAQ में जमीन के इस्तेमाल, किन गतिविधियों की अनुमति होगी, फ्लोर एरिया रेशियो (FAR), प्लॉट से जुड़ी आवश्यकताओं, पार्किंग, ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (TDR), लैंड पूलिंग नीति के तहत पात्रता और विकास के मॉडल जैसी व्यावहारिक जानकारियां दी गई हैं. इसके अलावा TOD और अन्य नीतियों के तहत लागू नियमों और मंजूरी की प्रक्रियाओं को भी समझाया गया है. यह संसाधन आम नागरिकों, जमीन मालिकों, प्रोफेशनल्स, डेवलपर्स और अन्य हितधारकों के लिए तैयार किया गया है.

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कहां होगा डेवलपमेंट? 

DDA ने नागरिक सेवा प्लेटफॉर्म पर MPD-2047 की सुविधा भी शुरू की है. इसके जरिए नागरिक और अन्य हितधारक सीधे अपनी राय और सुझाव भेज सकते हैं. प्राधिकरण ने MPD-2047 के विभिन्न विषयों और प्रावधानों को समझाने के लिए क्रिएटिव, ग्राफिक्स और अन्य विजुअल कम्युनिकेशन सामग्री भी जारी की है.

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ये डिजिटल पहल DDA के तीन महीने लंबे हितधारक संवाद कार्यक्रम का हिस्सा हैं. इस कार्यक्रम के तहत निर्वाचित प्रतिनिधियों, सरकारी एजेंसियों, सेवा प्रदाताओं, उद्योग संगठनों, आर्किटेक्ट्स, प्लानर्स, निवासियों, किसानों, जमीन मालिकों और अन्य हितधारकों के साथ कुल 20 बैठकें की जाएंगी.

प्राधिकरण के अनुसार, इन बैठकों में TOD, HDC और लैंड पूलिंग, LDA, निजी क्षेत्र की भागीदारी, औद्योगिक विकास, ग्रुप हाउसिंग का पुनर्विकास, यमुना और ब्लू-ग्रीन क्षेत्रों, विरासत संरक्षण, मिक्स्ड-यूज डेवलपमेंट, कमर्शियल सेंटर, इन-सिटू झुग्गी पुनर्विकास और ट्रैफिक कम करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. शिक्षा और मेडिकल हब से जुड़े विषयों पर अलग-अलग बैठकें आयोजित की जाएंगी.

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