दुनिया भर के शेयर बाजारों में जबर्दस्त उथल-पुथल ने निवेशकों को परेशान कर रखा है, कभी ये रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए नजर आते हैं, तो कभी लगातार बिखरते चले जाते हैं. ग्लोबल स्टॉक मार्केट में ये उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रह सकता है. ये हम नहीं कह रहे, बल्कि ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की ओर से ये चेतावनी जारी की गई है और इसका कारण अमेरिका को बताया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका पर बढ़ता कर्ज दुनिया के शेयर बाजारों के लिए खतरे की घंटी है.
इस संकट की वजह आखिर क्या?
ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने अपनी नई रिपोर्ट में बड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका की बिगड़ती वित्तीय स्थिति लंबी अवधि के ट्रेजरी बॉन्ड पर बढ़ते दबाव का कारण बनती जा रही है. ये सीधे तौर पर शेयर बाजारों के लिए संभावित जोखिम पैदा कर रही है. Jefferies के स्ट्रेटिजिस्ट क्रिस्टोफर वुड का कहना है कि 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड पर 5% से अधिक की बढ़ोतरी के साथ इस जोखिम के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार है, जो आने वाले समय में शेयर बाजारों को अस्थिर कर सकती है.
US की लगातार बिगड़ती हालत
संयुक्त राज्य अमेरिका की बिगड़ती वित्तीय स्थिति पर नजर डालें, तो बीते 18 अगस्त को अमेरिकी ऋण ने वो स्तर पार कर लिया, जिसकी कुछ दशक पहले तक किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज (US National Debt) लगभग 40.05 ट्रिलियन डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.8% अधिक है. वहीं संघीय सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के पहले 10 महीनों में ही लगभग 1.8 ट्रिलियन डॉलर का घाटा दर्ज किया है. डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली सरकार ने अकेले जुलाई महीने में 432 अरब डॉलर का राजकोषीय घाटा दर्ज किया, जो मार्च 2021 के बाद से सबसे अधिक मासिक घाटा है.
अमेरिका पर बढ़ते कर्ज के बोझ के ये आंकड़े वैश्विक निवेशकों का ध्यान फिर से आकर्षित कर रहे हैं, क्योंकि समस्या अब सिर्फ अमेरिकी कर्ज के बढ़ते आकार तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसमें उधार लेने की रप्तार में वृद्धि, उस ऋण को चुकाने की लागत और अमेरिकी बॉन्ड बाजार पर बढ़ता दबाव भी शामिल है. जो Global Stock Market ने लिए जोखिम पैदा कर रहे हैं.
रेवेन्यू और खर्च में बढ़ रही खाई
जुलाई महीने में संघीय राजस्व में पिछले वर्ष की तुलना में 1.3% की गिरावट आई और पिछले तीन महीनों में यह 5.7% फिसला है. शुल्क सहित टैक्स रेवेन्यू में जुलाई में 8% और तीन महीने की अवधि में 6.4% की गिरावट आई. वहीं दूसरी ओर देखें, तो अमेरिका में सरकारी खर्च विपरीत दिशा में चलता नजर आया है, क्योंकि कुल संघीय व्यय जुलाई में एक वर्ष पहले की तुलना में 21.7% बढ़ गया और पिछले तीन महीनों में इसमें 10.7% की वृद्धि हुई.
US Bond Market पर नजर डालें, तो वहां 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड की बिक्री 4.683% की यील्ड पर पहुंच गई, जो पिछले 19 वर्षों में सबसे ऊंचा स्तर है, जबकि 30-वर्षीय बॉन्ड की नीलामी 5.216% तक पहुंच गई, जो 2001 के बाद से नीलामी में उच्चतम स्तर है.
सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं खतरा
इन आंकड़ों से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है, कि अमेरिका में चल रहा खेल सिर्फ US तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनियाभर पर असर डालने वाला है. ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिका द्वारा जारी सरकारी बॉन्ड दुनिया भर के बैंकों, पेंशन फंडों, बीमा कंपनियों, निवेश फंडों और विदेशी सरकारों के पास मौजूद हैं. यानी अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में लगातार वृद्धि का प्रभाव अमेरिकी सरकार के वित्त पर पड़ने वाले प्रभावों से कहीं अधिक बड़े पैमाने पर दिख रहा है.
आजतक बिजनेस डेस्क