रेयर अर्थ पर PM मोदी का ऐलान, खत्‍म होगी चीन पर निर्भरता!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज हर कोई संसाधनों को हथियार की तरह यूज कर रहा है. यहां तक की भू-भाग भी वेपनाइज्‍ड हो चुके हैं. ऐसे में भारत को आत्‍मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है.

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क्रिटिकल मिनरल्‍स पर पीएम मोदी ने क्‍या कहा? (Photo: AI Generated) क्रिटिकल मिनरल्‍स पर पीएम मोदी ने क्‍या कहा? (Photo: AI Generated)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 15 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:18 AM IST

लाल किले के प्राचीर से विकसित भारत का लक्ष्‍य रखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दुनयिा अब हर चीज का वेपनाइज्ड करने लगी है. सभी देश आत्‍मनिर्भता की ओर बढ़ रहे हैं. अब ग्‍लोबलाइजेशन पर बात होनी बंद हो चुकी है, क्‍योंकि दुनिया संसाधनों का वेपनाइज्ड करने लगी है. 

पीएम मोदी ने आगे कहा कि अब तो भू-भाग को भी हथियारीकरण होने लगा है, जिस कारण एनर्जी संकट भी खड़ा हो चुका है. उन्‍होंने कहा कि पिछले एक दशक में बनी नीतियों ने ही आने वाले संकटों से देश को कोरोना और वेस्‍ट एशिया जैसे संकट से उबारा है. लेकिन अब ये रुकने का वक्‍त नहीं है, हम रुक नहीं सकते हैं. 

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कच्‍चे तेल पर नहीं रह सकते डिपेंड
अभी तक जो नहीं हुआ है, वो आने वाले 5 से 7 सालों में पूरा करना होगा. एनर्जी को लेकर पीएम ने कहा कि सिर्फ कच्‍चे तेल पर हम निर्भर नहीं हो सकते हैं. इसके लिए हमें दुसरे विकल्‍पों के बारे में भी सोचना और अपनाना होगा. 2047 तक परमाणु एनर्जी के तहत 100 गीगावॉट पॉवर जनरेट करना होगा. 12 वर्ष पहले सोलर एनर्जी की कैपिसिटी 2 गीगावाट और आज 160 गीगावाट हो चुका है. इसे और आगे ले जाना होगा. 

समुद्र मंथल प्रोजेक्‍ट से एनर्जी सिक्‍योरिटी बढ़ेगी
हम एनर्जी पर निर्भर हैं, हमने समुद्र के अंदर ना जाकर एक्‍सप्‍लोरेशन नहीं करने का फैसला किया था. लेकिन अब हम उस एरिया में जा सकेंगे. नो गो सी से अब हम गो सी की ओर बढ़ गए हैं. हमने पिछले वर्ष समुद्र मंथन का ऐलान किया था. इसके तहत एनर्जी और अन्‍य दुलर्भ चीजें तलाशने का काम होगा. सरकार ने इस प्रोजेक्‍ट्स के लिए 85,000 करोड़ रुपये देने का वादा कर लिया है. इससे एनर्जी सिक्‍योरिटी में हमारी मजबूती बढ़ेगी.  

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चिप को लेकर क्‍या किया? 
देशवासियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि कोई भी चीज हो, चिप अनिवार्य है. चिप के बिना दुनिया ठप हो सकती है. देश आजाद होने के समय विश्‍व में सेमीकंडक्‍टर आ चुका था, लेकिन भारत में सिर्फ इसकी चर्चा हो रही थी, इसे शुरू नहीं किया गया. हालांकि अब भारत में अपना सेमीकंडक्‍टर प्‍लांट तैयार हो चुका है और वहां प्रोडक्‍शन शुरू हो चुका है. आने वाले 7 से 8 वर्ष में 5 से 8 प्‍लांट शुरू होंगे. 

रेयर अर्थ पर भारत ने किया ये काम 
पीएम ने कहा कि हम क्रिटिकल मिनरल पर निर्भर है. ऐसे में भारत इसमें भी अपने हित सुरक्षित करने में जुटा है. हमने क्रिटिकल मिनरल को लेकर कोरिडोर की शुरुआत की है. विश्‍व के साथ चर्चा हो रही है. विश्‍व के देश भारत पर विश्‍वास करने लगे है. क्रिटिकल मिनरल्‍स को लेकर दुनिया के कई देशों के साथ डील भी हुई है. 

बता दें कि रेयर अर्थ मिनरल्‍स या क्रिटिकल मिनरल्‍स पर 90 फीसदी से ज्‍यादा चीन का कंट्रोल है. ऐसे में भारत चीन के अलावा, बाकी देशों के साथ क्रिटिकल्‍स मिनरल्‍स पर चर्चा और डील कर रहा है, जिसमें ऑस्‍ट्रेलिया जैसे देश शामिल हैं. 

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