मंदी की चपेट में है शेयर बाजार? सभी इंडीकेटर्स कर रहे इशारा

शेयर बाजार में मंदी के संकेत अब ज्यादा साफ होते दिख रहे हैं. Nifty लगातार दूसरे दिन गिरकर जुलाई के निचले स्तर के करीब पहुंच गया है. टेक्निकल इंडिकेटर्स में भी कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं. ऐसे में 23,635 का स्तर बेहद अहम हो गया है.

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शेयर मार्केट के टेक्निकल इंडिकेटर्स में कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं. (Image: AI Generated) शेयर मार्केट के टेक्निकल इंडिकेटर्स में कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं. (Image: AI Generated)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • मुंबई,
  • 09 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:02 AM IST

भारतीय शेयर मार्केट में मंदी के संकेत अब कुछ ज्यादा नजर आने लगे हैं. Nifty लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ और 8 सितंबर को 0.6 फीसदी फिसलकर 23,635 के निचले स्तर तक पहुंच गया. यह जुलाई के 23,606 के निचले स्तर के बेहद करीब है. मार्केट के जानकारों के मुताबिक, अगर Nifty 23,635 अंकों के अहम सपोर्ट बेस से नीचे जाता है और वहां टिकता है, तो इसके 23,300 तक गिरने की संभावना बन सकती है. वहीं ऊपर की तरफ 23,750-23,800 का स्तर Nifty के लिए पहला बड़ा रेजिस्टेंस (Resistance) बन सकता है.

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तेल की बढ़ती कीमतों के बीच शेयर मार्केट पर दबाव बढ़ता दिख रहा है. मार्केट की चाल को समझने वाले कई इंडीकेटर्स (Indicators) भी कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं. Nifty पर लगातार दूसरे दिन दिनभर की बिकवाली का असर साफ दिखा. आसान भाषा में कहें तो खरीदारों के मुकाबले शेयर बेचने वाले ज्यादा हावी नजर आए. इससे आने वाले दिनों में शेयर मार्केट में कमजोरी बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. Nifty दरअसल नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange) पर लिस्टेड भारत की 50 बड़ी और प्रमुख कंपनियों के शेयरों का इंडेक्स है. इसका पूरा नाम Nifty 50 है. इन कंपनियों के शेयरों की कीमतों में तेजी या गिरावट से Nifty भी ऊपर-नीचे होता है.

निफ्टी के लिए 23,635 का स्तर अहम

Nifty के लिए अभी 23,635 का स्तर सबसे अहम सपोर्ट बेस माना जा रहा है. यह जुलाई के 23,606 के निचले स्तर के भी काफी करीब है. अगर Nifty इस स्तर के नीचे जाता है और वहां टिकता है, तो मार्केट में और बिकवाली देखने को मिल सकती है. ऐसी स्थिति में 23,300 अंकों के आसपास का इंडेक्स निफ्टी के लिए अगला सपोर्ट बेस बन सकता है. इसके उलट अगर Nifty ऊपर की तरफ बढ़ता है तो 23,750-23,800 का स्तर पहला बड़ा रजिस्टेंस हो सकता है. अगर यह जोन पार होता है तो 24,000 का स्तर निफ्टी के लिए अगली बड़ी चुनौती बन सकता है. दिन के कारोबार के हिसाब से Nifty के लिए 23,620, 23,588 और 23,537 अहम सपोर्ट बेस (Support Levels) हो सकते हैं. वहीं 23,724, 23,756 और 23,808 पर बिकवाली की रुकावट (Resistance) देखने को मिल सकती है.

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Nifty के चार्ट से क्या संकेत मिल रहे हैं

Nifty इस समय अपनी कई अहम इंडीकेटर्स से नीचे कारोबार कर रहा है. ये इंडीकेटर्स नीचे की तरफ जाते हुए दिख रहे हैं. इसका मतलब यह हो सकता है कि फिलहाल शेयर मार्केट की चाल बेहद कमजोर बनी हुई है. Nifty का RSI यानी रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (Relative Strength Index) गिरकर 30.88 पर आ गया है. यह 30 के काफी करीब है. आम तौर पर 30 के आसपास पहुंचने का मतलब होता है कि शेयर या इंडेक्स में काफी बिकवाली हो चुकी है. हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि अब मार्केट तुरंत ऊपर ही जाएगा.

एक और अहम इंडीकेटर मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) भी कमजोर हुआ है और इस इंडेक्स में लाल पट्टियां (Red Histogram Bars) बढ़ रही हैं. यह भी कमजोरी का संकेत माना जाता है. इसके अलावा Nifty लोअर बोलिंगर बैंड लाइन (Lower Bollinger Band) के नीचे बंद हुआ है. इन संकेतों को देखते हुए अगले कुछ कारोबारी सत्रों में दबाव बने रहने की संभावना जताई जा सकती है.

Bank Nifty में भी कमजोरी

बैंकों के शेयरों का इंडेक्स Bank Nifty भी दबाव में नजर आया. 8 सितंबर को Bank Nifty में 0.54 फीसदी की गिरावट आई. दिन के चार्ट पर भी कमजोरी दिखी और इंडेक्स लोअर बोलिंगर बैंड लाइन (Lower Bollinger Band) के नीचे बंद हुआ. दिन के कारोबार के दौरान Bank Nifty 200 दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (200-Day EMA) से नीचे चला गया था. हालांकि, कारोबार खत्म होने तक यह इस स्तर से थोड़ा ऊपर लौट आया. ऐसे में आने वाले दिनों में 200-Day EMA पर भी नजर रहेगी.

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Bank Nifty फिलहाल 10, 20, 50 और 100 दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से नीचे है. इसका RSI भी गिरकर 40.87 पर आ गया है. MACD शून्य के नीचे बना हुआ है और इंडेक्स चार्ट में लाल पट्टियां लगातार छठे कारोबारी दिन बढ़ी हैं. ये सभी चीजें मिलकर Bank Nifty में भी कमजोरी बने रहने का संकेत दे रही हैं.

Bank Nifty के लिए कौन से स्तर अहम?

Bank Nifty में नीचे की तरफ 56,724, 56,647 और 56,524 अहम सपोर्ट बेस हो सकते हैं. अगर बिकवाली बढ़ती है तो इन स्तरों पर इंडेक्स को संभलने की कोशिश करते देखा जा सकता है. ऊपर की तरफ 56,971, 57,047 और 57,171 अहम रेजिस्टेंस वाले स्तर हैं. वहीं फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट (Fibonacci Retracement) के हिसाब से 57,049 और 57,367 पर रुकावट, जबकि 56,493 और 56,024 पर सपोर्ट मिल सकता है.

शेयर मार्केट में घबराहट कितनी?

शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव यानी इंडिया VIX (India VIX) 11.16 पर बिना किसी बदलाव के बंद हुआ. यह अपनी छोटी अवधि की औसत लाइन से नीचे है. इससे संकेत मिल सकता है कि फिलहाल बाजार में बहुत ज्यादा घबराहट नहीं है और आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव बहुत ज्यादा बढ़ने की संभावना कम हो सकती है. Nifty का पुट-कॉल रेशियो (Put-Call Ratio यानी PCR) भी 8 सितंबर को बढ़कर 0.83 हो गया, जो पिछले सत्र में 0.69 था. आम तौर पर 0.7 से ऊपर का PCR शेयर मार्केट में कुछ हद तक सकारात्मक माहौल का संकेत माना जाता है. वहीं 0.7 से नीचे का स्तर कमजोर माहौल की ओर इशारा कर सकता है. हालांकि, सिर्फ PCR देखकर मार्केट की अगली दिशा तय नहीं की जा सकती.

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