India Today Conclave 2026: पनामा से होर्मुज तक... ईरान युद्ध से चारों चोक पॉइंट पर असर, करण अडानी बोले- हम तैयार

Adani Ports के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अडानी ने कहा कि मिडिल ईस्ट में युद्ध से ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावट के बावजूद हम कच्चे तेल और LPG जैसे महत्वपूर्ण एनर्जी कार्गो को संभालने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.

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ईरान युद्ध से प्रभावित ग्लोबल सप्लाई चेन पर बोले करण अडानी. (Photo: ITG) ईरान युद्ध से प्रभावित ग्लोबल सप्लाई चेन पर बोले करण अडानी. (Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 13 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 9:17 PM IST

नई दिल्ली में आयोजित इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026 में बोलते हुए अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अडानी ने कहा मिडिल ईस्ट में युद्ध से प्रभावित हुई सप्लाई चेन पर बात की. उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में पनामा से लेकर होर्मुज तक चारों चोक पॉइंट पर असर पड़ा है, लेकिन अडानी पोर्ट्स कच्चे तेल और एलपीजी जैसे महत्वपूर्ण ऊर्जा कार्गो को संभालने के लिए पूरी तरह से तैयार है.

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ईरान युद्ध से तेल-गैस पर असर 
करण अडानी ने कहा कि ईरान युद्ध से खासतौर पर उन कमोडिटी पर सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ा है, जिनके लिए हम निर्यात पर निर्भर हैं फिर वो क्रूड हो या फिर एलपीजी. अडानी ग्रुप भी इस संकट में लगातार इस बात पर फोकस कर रहा है कि एनर्जी इंपोर्ट को कैसे सुचारू रख सकते हैं.

युद्ध के चलते इंडिया मिडिल ईस्ट यूरोप कॉरिडोर पर असर के सवाल पर करण अडानी ने कहा कि ग्लोबल शिपिंग ट्रेड के लिए 4 चोक पॉइंट हैं. पनामा कनाल, सूएज कनाल, मलाका स्ट्रेट, होर्मुज स्ट्रेट और खाड़ी में संघर्ष के चलते ये बाधित हैं और इसके कारण पूरी ग्लोबल सप्लाई चेन पर असर पड़ा है. तेल-गैस आयात की लॉजिस्टिक कॉस्ट घटाने के लिए ये पॉइंट जरूरी हैं.

उन्होंने कहा वर्तमान में समस्या गंभीर है, लेकिन हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है. हम इन चोक पॉइंट को रिप्लेस नहीं कर सकते, लेकिन इनके असर को कम जरूर कर सकते हैं. 

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इंफ्रा मजबूत, तो ट्रेड मजबूत
Karan Adani ने कहा कि अडानी ग्रुप ने अपने बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है, ताकि भू-राजनीतिक अनिश्चितता के दौर में भी भारत की ऊर्जा आपूर्ति स्थिर बनी रहे. उन्होंने आगे Infrastructure पर जोर देते हुए कहा कि, 'कोई भी इंफ्रास्ट्रक्चर देश में बनता है तो उसका यूज होता है और उसका फायदा भी पहुंचता है. मेरा मानना है कि अगर इंफ्रा अच्छा होगा, तो ट्रेड सुचारू तरीके से चलती रहेगी.' 

उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में हम भारत में आने वाले किसी भी प्रकार के माल को संभालने के लिए एक बंदरगाह के रूप में पूरी तरह से तैयार हैं. चाहे वह ऊर्जा हो, एलपीजी हो या कच्चा तेल, हम देश के लिए जो महत्वपूर्ण है उसे प्राथमिकता देने के लिए तैयार हैं.

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