सिर्फ 2-3% ही ग्रोथ... अब GDP विवाद में कूदे स्‍टॉक मार्केट के दिग्‍गज, यूरोप से की तुलना!

भारत की रियल फील जीडीपी ग्रोथ काफी कम है, जबकि यूरोप का ये आंकड़ा काफी ज्‍यादा है. यह दावा शेयर बाजार के दिग्‍गज निवेशक शंकर शर्मा का है. उनका यह बयान तब आया है, जब जीडीपी को लेकर राजन‍ीतिक चर्चाएं तेज हैं.

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जीडीपी को लेकर शंकर शर्मा का बड़ा दावा. (Photo: File/ITG) जीडीपी को लेकर शंकर शर्मा का बड़ा दावा. (Photo: File/ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 04 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:34 PM IST

पिछले कुछ दिनों से जीडीपी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं. खासकर, जबसे पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग ने जीडीपी को लेकर सवाल खड़े किए हैं. सुभाष गर्ग का कहना है कि अप्रैल-जून तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.8 फीसदी नहीं, बल्कि 2.6 फीसदी है. जबकि सरकार का कहना है कि नई सीरीज पर जीडीपी बदलाव के कारण ये कंफ्यूजन पैदा हुआ है. 

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अब इस विवाद में एक नए दिग्‍गज की एंट्री हो चुकी है. शेयर बाजार के दिग्‍गज इन्‍वेस्‍टर और स्‍मॉल कैप स्‍टॉक में से मल्‍टीबैगर खोजने के लिए मशहूर, शंकर शर्मा ने सोशल मीडिया पर GDP को लेकर कुछ सवाल खड़े किए हैं. साथ ही भारत की जीडीपी और लाइफस्‍टाइल की तुलना यूरोप से की है. 

उन्‍होंने भारत की GDP ग्रोथ और जमीनी हकीकत के बीच अंतर का भी जिक्र किया. सोशल प्‍लेटफॉर्म X पर लिखते हुए शर्मा ने कहा कि उन्हें जीडीपी बढ़ोतरी पर होने वाले बहस में पड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है. इसके बजाय, वे जीडीपी ग्रोथ के 'रि‍यल फील' पर ध्‍यान दिलाना चाहते हैं. 

सिर्फ 2-3% रियल फील जीडीपी 
शर्मा ने कहा कि भले ही कागजों पर भारत 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था है और 7% से अधिक की रफ्तार से बढ़ रहा है, लेकिन जमीन पर आम जनता का 'रियल फील' GDP ग्रोथ केवल 2-3% ही महसूस होता है. 

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अपने दावे के पीछे तर्क देते हुए उन्‍होंने लिखा कि देश में लोगों की 'लाइफ ऑफ क्‍वॉलिटी' लगातार गिर रही है. लोग तनाव में दिख रहे हैं, सड़कों पर ट्रैफिक बेकाबू और अराजक है. उनके मुताबिक, भारत के शहर और गांव आज भी किसी 100 अरब डॉलर वाली छोटी अर्थव्यवस्था जैसे दिखाई देते हैं, न कि 4 ट्रिलियन डॉलर वाली बड़ी अर्थव्यवस्था जैसे. 

यूरोप से की तुलना
शर्मा ने जीडीपी को लेकर बोलते हुए भारत की तुलना यूरोप से की, जहां आधिकारिक जीडीपी ग्रोथ भले ही केवल 2-3% है, लेकिन वहां का 'रियल फील' 7.8% जैसा महसूस होता है. क्योंकि वहां चारों तरफ खुशहाली है, लोग खुश दिखते हैं, सब कुछ व्यवस्थित और साफ-सुथरा है और कैफे-रेस्टोरेंट गुलजार रहते हैं.

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