भारतीय सामान को 100% ड्यूटी-फ्री एंट्री! इस देश के साथ अगले महीने लागू होगा FTA, 2010 से चल रही थी बातचीत

भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) 19 अक्टूबर से लागू सकता है. इसके लागू होने के बाद भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि भारत के 100% निर्यात को ड्यूटी-फ्री एंट्री मिलेगी. इसके अलावा भारतीय प्रोफेशनल्स और छात्रों के लिए भी कुछ अहम प्रावधान किए गए हैं.

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भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 19 अक्टूबर 2026 से लागू हो सकता है. (Photo: PTI) भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 19 अक्टूबर 2026 से लागू हो सकता है. (Photo: PTI)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 15 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:27 PM IST

भारत का एक और देश के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) जल्द जमीन पर उतर सकता है. भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ यह व्यापार समझौता लागू होने के बाद दोनों देशों के कारोबार के लिए कई रास्ते खोल सकता है. खासकर न्यूजीलैंड को सामान भेजने वाले भारतीय निर्यातकों के लिए यह बड़ी राहत हो सकती है, क्योंकि भारत के निर्यात को वहां ड्यूटी-फ्री एंट्री मिलने का रास्ता साफ होगा. वहीं, प्रोफेशनल्स और छात्रों के लिए भी इस डील में कुछ अहम प्रावधान किए गए हैं.

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रिपोर्ट के मुताबिक, भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 19 अक्टूबर से लागू हो सकता है. समझौता दोनों देशों की आपसी सहमति से तय तारीख से प्रभावी होगा. भारत और न्यूजीलैंड ने 27 अप्रैल को नई दिल्ली के भारत मंडपम में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. भारत की ओर से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड की ओर से टॉड मैक्ले ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की मौजूदगी में समझौते पर दस्तखत किए थे. इसका मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच सामान और सेवाओं का कारोबार बढ़ाना और निवेश को बढ़ावा देना है.

न्यूजीलैंड के साथ यह समझौता भारत की बढ़ती व्यापार साझेदारियों का हिस्सा है. पिछले कुछ वर्षों में भारत ने मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) ब्लॉक और ब्रिटेन समेत कई देशों और समूहों के साथ व्यापार समझौते किए हैं.

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भारतीय सामान को ड्यूटी-फ्री एंट्री

इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा भारतीय निर्यातकों को मिलने की उम्मीद है. FTA लागू होने के बाद न्यूजीलैंड भारत के 100% निर्यात को ड्यूटी-फ्री एंट्री देगा. यह सुविधा 8,200 से ज्यादा टैरिफ लाइनों पर मिलेगी. इनमें टेक्सटाइल, कपड़े, लेदर, फुटवियर, इंजीनियरिंग सामान, प्रोसेस्ड फूड और फार्मास्यूटिकल्स जैसे कई प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं. अभी न्यूजीलैंड कुछ भारतीय उत्पादों पर 10% तक का टैरिफ लगाता है. इनमें सिरेमिक्स, कारपेट, ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स जैसे सामान शामिल हैं. FTA लागू होने के बाद ऐसे उत्पादों को कीमत के मामले में वहां बेहतर प्रतिस्पर्धा मिल सकती है.

न्यूजीलैंड को भी राहत देगा भारत

व्यापार समझौता सिर्फ न्यूजीलैंड से भारत आने वाले सामान के लिए नहीं है. भारत भी न्यूजीलैंड के उत्पादों के लिए अपनी टैरिफ व्यवस्था में बदलाव करेगा. समझौते के तहत भारत करीब 70% टैरिफ लाइनों को उदार करेगा. ये लाइनें मूल्य के हिसाब से न्यूजीलैंड के करीब 95% निर्यात को कवर करती हैं. करीब 57% टैरिफ लाइनें तुरंत ड्यूटी-फ्री होंगी, जबकि बाकी उत्पादों पर शुल्क में राहत धीरे-धीरे दी जाएगी. हालांकि, डेयरी और कुछ चुनिंदा कृषि उत्पादों को भारत ने अपनी प्रतिबद्धताओं से बाहर रखा है.

इस समझौते से न्यूजीलैंड के ऊन, वाइन, कोयला, शीप मीट, फॉरेस्ट्री और वुड प्रोडक्ट्स को भारत में बेहतर बाजार मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा कीवीफ्रूट, सेब, एवोकाडो और ब्लूबेरी जैसे बागवानी उत्पाद भी समझौते से लाभ उठा सकते हैं. दिलचस्प बात यह है कि दोनों देशों ने कृषि सहयोग पर भी जोर दिया है. इसके तहत भारतीय किसानों को कीवी और सेब जैसी फसलों की खेती के लिए तकनीक और दूसरी तरह की मदद मिलने की योजना है.

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भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए फायदा

FTA में सिर्फ सामान और व्यापार की बात नहीं है. इसमें भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए अस्थायी रोजगार से जुड़ी वीजा व्यवस्था का भी प्रावधान है. इसके तहत 5,000 वीजा का कोटा रखा जाएगा. इसके अलावा छात्रों और प्रोफेशनल्स की आवाजाही यानी मोबिलिटी को आसान बनाने से जुड़े प्रावधान भी किए गए हैं. इसका मतलब है कि समझौता लागू होने के बाद इसका फायदा सिर्फ एक्सपोर्ट-इंपोर्ट कारोबार तक सीमित नहीं रहेगा.

न्यूजीलैंड भारत में करेगा बड़ा निवेश

न्यूजीलैंड ने भारत में अगले 15 साल में 20 अरब डॉलर के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का वादा भी किया है. अगर यह निवेश योजना के मुताबिक आता है तो इससे भारत में कारोबार, निवेश और रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है. यानी FTA का असर सिर्फ सामान के आयात-निर्यात तक सीमित रहने के बजाय निवेश के स्तर पर भी दिखाई दे सकता है.

5 साल में दोगुने कारोबार का है लक्ष्य

भारत और न्यूजीलैंड ने अगले पांच साल में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. 2024-25 में दोनों देशों के बीच मर्चेंडाइज ट्रेड करीब 1.3 अरब डॉलर रहा था. वहीं 2024 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार करीब 2.4 अरब डॉलर था. FTA पर बातचीत करीब डेढ़ दशक से चल रही थी. दोनों देशों के बीच 2010 से इस पर चर्चा हो रही थी. मार्च 2025 में बातचीत दोबारा शुरू हुई और दिसंबर 2025 में पांच औपचारिक दौर के बाद इसे अंतिम रूप दिया गया.

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निर्यातकों के लिए क्या बदलेगा?

अगर आप भारत से न्यूजीलैंड को सामान भेजने वाले कारोबारी या निर्यातक हैं, तो इस समझौते का सीधा फायदा मिल सकता है. FTA लागू होने के बाद आपके कई उत्पाद न्यूजीलैंड के बाजार में बिना आयात शुल्क के पहुंच सकेंगे. इससे भारतीय सामान की कीमत प्रतिस्पर्धी हो सकती है और वहां भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ने की संभावना बन सकती है. वहीं भारतीय उपभोक्ताओं और कारोबारियों के लिए न्यूजीलैंड से आने वाले कुछ उत्पादों पर शुल्क में कमी का फायदा मिल सकता है.

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