तीन दिन बाद 'मदर ऑफ ऑल डील' का ऐलान, आज भारत पहुंच रहे EU के टॉप लीडर्स

भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच बड़ी डील होने जा रही है. आज यूरोप के प्रतिनिधि भारत आ रहे हैं, जो 5 दिन के कार्यक्रम में शामिल होंगे. ये 26 जनवरी की परेड में भी शामिल होंगे, जिसके बाद डील का ऐलान होगा.

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भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड डील. (Photo: File/ITG) भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड डील. (Photo: File/ITG)

शिवानी शर्मा

  • नई दिल्‍ली,
  • 24 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:55 AM IST

भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड डील (FTA) का ऐलान होने जा रहा है. 27 जनवरी को इसपर फाइनल मुहर लग जाएगी. इस डील को 'मदर ऑफ ऑल डील' कहा जा रहा है, जो अबतक के सभी डील्‍स से बड़ी होने वाली है. यह दशकों के इंतजार के बाद पूरा होने जा रहा है. इस बीच, यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भारत पहुंच रहे हैं. ईयू के टॉप लीडर्स गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में भी शामिल होंगे, जिसके बाद फ्री ट्रेड डील का ऐलान किया जा सकता है. 

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भारत और यूरोपीय संघ के बीच पांच दिन का कार्यक्रम रखा गया है, जो राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक क्षेत्रों में भारत-यूरोपीय संघ के संबंधों को गहरा करेगा. साथ ही ग्‍लोबल स्‍तर पर तनाव बढ़ने और अमेरिका जैसे देशों पर निर्भरता कम भी करेगा. 24 जनववरी को यूरोपी संघ की अध्‍यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन नई दिल्‍ली पहुंच रही हैं, जो दोपहर 2.40  बजे पहुंचेगी.  इसके बाद शाम 6 बजे विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से  होटल इंपीरियल में मुलाकात करेंगी. 

26 जनवरी के फंक्‍शन में होंगे शामिल 
यात्रा के दौरान यूरोप के प्रतिनिध 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. यह भारत और यूरोप के गहरे संबंधों को दिखाता है. इसके बाद 27 जनवरी को प्रधानमंत्री के साथ बैठक होगी, जिसके बाद  प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में ट्रेड, टेक्‍नोलॉजी,  जलवायु संरक्षण और  रणनीतिक सहयोग पर परिणामों की रूपरेखा पेश किए जाने की उम्मीद है. इसके बाद राष्‍ट्रपति से मुलाकात के बाद वे वापस 28  जनवरी को रवाना हो जाएंगी. 

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क्‍यों कहा जा रहा इसे मदर ऑफ ऑल डील्‍स 
दरअसल, यूरोपीय संघ की अध्‍यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मंगलवार को स्विट्ज़रलैंड के दावोस में बड़ा ऐलान किया था. उन्‍होंने कहा था कि यूरोपीय संघ और भारत के बीच बड़ी डील होने जा रही है, जो आजतक किसी ने दूसरे देश से नहीं की होगी.  उन्होंने कहा कि इससे 27 देशों के इस समूह को 'फर्स्ट मूवर एडवांटेज' मिलेगा. वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे 'मदर ऑफ़ ऑल डील्स' कहा  है. 

भारत के लिए खुल जाएगा एक बड़ा मार्केट
भारत और यूरोपीय संघ के बीच साल 2024 25 में करीब ₹11.8 लाख करोड़ ($136.5 अरब) का व्यापार हुआ था. लेकिन इस डील के बाद यह बढ़कर 200 अरब डॉलर तक हो सकता है. सर्विस सेक्‍टर से मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर तक एक्‍सपोर्ट की संख्‍या बढ़ेगी. भारत को व्‍यापार करने के लिए एक बड़ा मार्केट मिलेगा, जिससे भारत के एक्‍सपोर्ट की संख्‍या बढ़ेगी. साथ ही नए नौकरियों के अवसर खुलेंगे. स्‍टार्टअप्‍स और नई कंपनियों को बड़े निवेश के मौके भी मिलेंगे. ये डील भारत की अर्थव्‍यवस्‍था में बड़ा बदलाव ला सकती है. 

 खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका का दबाव भारत पर बना हुआ है. अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है, जिससे भारत के कई प्रोडक्‍ट्स अमेरिकी मार्केट में नहीं पहुंच पा रहे हैं. अमेरिका में भारत का एक्‍सपोर्ट भी उतनी तेजी से ग्रो नहीं कर पा रहा है. हालांकि इस डील के बाद भारत के पास अमेरिका का एक वैकल्पिक रास्‍ता होगा.  

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