देर रात अमेरिकी शेयर बाजार में भारी तबाही देखने को मिली, जिस कारण निवेशकों के करीब 3 ट्रिलियन डॉलर यानी 270 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा साफ हो गए. इस गिरावट में S&P 500, 3 फीसदी से ज्यादा टूटा. डॉऊ जोन्स और 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली. वहीं नैस्डैक 5.52% गिरकर 24,315.00 पॉइंट्स पर बंद हुआ.
यह तबाही के पीछे AI को लेकर डर माना जा रहा है. दरअसल, अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद निवेशकों को आशंका है कि AI डेटा सेंटर और इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर नए प्रतिबंध लग सकते हैं. इससे AI कंपनियों के फ्यूचर की कमाई और भारी निवेश पर सवाल उठे हैं. साथ ही चिप कंपनियों में तेज बिकवाली ने गिरावट को और बढ़ा दिया.
खुलते ही बाजार क्रैश
AI को लेकर इसी डर से साउथ कोरिया के बाजार में खुलते ही हाहाकार मच गया. शुक्रवार को साउथ कोरिया का बाजार KOSPI खूलते ही 8 फीसदी से ज्यादा गिर गया और लोअर सर्किट पर पहुंच गया. शुरुआती कारोबार में यह 8.5 फीसदी तक टूटकर 5,000 के स्तर से नीचे फिसल गया. लोअर सर्किट पर पहुंचते ही इसका कारोबार 20 मिनट तक रोकना पड़ा.
जापानी मार्केट का भी बुरा हाल
कोस्पी के बाद एशियाई बाजारों में सबसे बुरी हालत अगर किसी बाजार की है, तो वह जापान का मार्केट है, जहां Nikkei में 6 फीसदी या 3600 अंकों से ज्यादा की गिरावट आई है और यह 57,434.77 अंक पर आ चुका है. जापान का यह बाजार एक महीने में 18 फीसदी से ज्यादा गिरा है.
भारतीय बाजार में तेजी
एशियाई बाजारों में भले ही गिरावट देखी जा रही हो, लेकिन भारतीय बाजार में अच्छी तेजी दिख रही है. सेंसेक्स 900 अंक चढ़ चुका है और 80,000 के लेवल को पार कर चुका है. वहीं निफ्टी 200 अंक चढ़ा है और 24,740 के पार पहुंच गया है.
फिर भी पोर्टफोलियो क्यों लाल?
भारतीय बाजार में शानदार तेजी आई है, लेकिन निवेशकों का पोर्टफोलियो लाल है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि मिड और स्मॉलकैप में करीब 2 फीसदी तक की गिरावट आई है और ज्यादातर निवेशकों के पास मिड और स्मॉल कैप के ही शेयर होते हैं. ऐसे में उनका पोर्टफोलियो लाल है. वहीं दूसरी ओर, लार्ज कैप के शेयर रखने वाले निवेशकों के पोर्टफोलियो अच्छे परफॉर्मेंश कर रहे हैं
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क