'सिपाही ने जान बचाने के लिए की थी हवाई फायरिंग', सीवान AK-47 विवाद पर बिहार पुलिस की सफाई

सीवान में 25 जुलाई को बंद के दौरान AK-47 से फायरिंग के मामले में बिहार पुलिस ने कहा कि सिपाही अभिषेक कुमार ने भीड़ से घिरने के बाद चार राउंड हवाई फायरिंग की थी. पुलिस के मुताबिक, फायरिंग वाली जगह पर कोई घायल नहीं हुआ.

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सीवान में प्रदर्शन के दौरान फायरिंग को लेकर पुलिस की तरफ से सफाई आई है. (Photo: Screengrabs) सीवान में प्रदर्शन के दौरान फायरिंग को लेकर पुलिस की तरफ से सफाई आई है. (Photo: Screengrabs)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:46 PM IST

सीवान में 25 जुलाई को बंद के दौरान पुलिसकर्मी के AK-47 से फायरिंग करने के मामले में बिहार पुलिस ने बयान जारी कर अपना पक्ष रखा है. पुलिस के मुताबिक, बंद समर्थकों से घिरने के बाद सिपाही ने जान-माल और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए बैरल ऊपर कर चार राउंड हवाई फायरिंग की थी.

पुलिस का कहना है कि जिस जगह फायरिंग हुई, वहां भीड़ में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है. मामले में फायरिंग करने वाले सिपाही अभिषेक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.

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पुलिस ने घटना के दौरान तीन लोगों के घायल होने के दावों पर भी स्थिति स्पष्ट की है. पुलिस के मुताबिक, 17 वर्षीय मोहम्मद आरिफ और 22 वर्षीय आकाश कुमार हाफिज चौक पर घायल हुए थे. यह जगह जेपी चौक से करीब 1.5 किलोमीटर दूर है, जहां पुलिसकर्मी ने फायरिंग की थी. वहीं, 20 वर्षीय बुलेट कुमार गौड़ ट्रैफिक थाना के पास घायल मिले थे, जो जेपी चौक से करीब 2 किलोमीटर दूर है.

तीन अलग-अलग एफआईआर

पुलिस ने बताया कि तीनों घायलों की हालत खतरे से बाहर है. शुरुआती इलाज के बाद उन्हें सिवान सदर अस्पताल से मेदांता अस्पताल, पटना रेफर किया गया था. इनमें मोहम्मद आरिफ को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है. बिहार पुलिस के मुताबिक, तीनों घायलों के फर्दबयान के आधार पर सिवान नगर थाने में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं. इनके कांड संख्या 721/26, 722/26 और 723/26 हैं.

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तेजस्वी ने सरकार को घेरा

 नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है. उन्होंने इस मामले में सीनियर पुलिस अधिकारियों के साथ गृह मंत्री की भी जवाबदेही तय करने की मांग की है . वहीं, जिला प्रशासन का कहना है कि कांस्टेबल ने बिना किसी आदेश के फायरिंग की थी, जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया. मामला उस समय सामने आया, जब छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कांस्टेबल अभिषेक पटेल का AK-47 से फायरिंग करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो सामने आते ही पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे. विपक्षी दलों ने भी प्रदर्शन के दौरान AK-47 के इस्तेमाल की आलोचना करते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन को घेरा.
 

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