बिहार के पूर्णिया में 29 अक्टूबर की देर शाम दर्दनाक हादसा हो गया. यहां कप्तान पुल पर एक फॉर्च्यूनर कार बेकाबू हो गई और सौरा नदी में जा गिरी. पुल से गुजर रहे लोगों ने हादसा देखा तो पुलिस को सूचना दी. इसके बाद क्रेन बुलाई गई, गोताखोर नदी में उतरे और काफी मशक्कत के बाद कार को बाहर निकाला गया. लेकिन कार के अंदर बैठे शख्स को बचाया नहीं जा सका. मृतक की पहचान बबलू विश्वास के रूप में हुई. वह पूर्णिया जिले के डगरूआ प्रखंड के कोचैली गांव के रहने वाले थे. वह पूर्णिया के पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा के चचेरे भाई थे.
यह हादसा देर शाम हुआ. कप्तान पुल पर उस वक्त गाड़ियों और पैदल आने-जाने वालों की आवाजाही थी. इसी बीच तेज रफ्तार से आ रही एक फॉर्च्यूनर कार अचानक बेकाबू हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार सीधे पुल की सुरक्षा रेलिंग से टकराई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि रेलिंग टूट गई और कार पुल से नीचे सौरा नदी में जा गिरी.
सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि वहां मौजूद लोग सन्न रह गए. कुछ देर पहले जिस कार को लोग पुल पर दौड़ते देख रहे थे, वह नदी के पानी में डूब चुकी थी. हादसे के बाद पुल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई. स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को इसकी जानकारी दी.
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कार नदी में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया. सदर डीएसपी अभिनव पराशर और सदर थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. नदी में डूबी कार को बाहर निकालने के लिए क्रेन मंगवाई गई. स्थानीय गोताखोर भी बचाव अभियान में जुट गए.
काफी मशक्कत के बाद क्रेन की मदद से फॉर्च्यूनर को नदी से बाहर निकाला गया. लेकिन कार के अंदर बबलू विश्वास फंसे हुए थे. उन्हें बाहर निकाला गया, मगर तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
बबलू विश्वास पूर्णिया के डगरूआ प्रखंड के कोचैली गांव के रहने वाले थे. वे पूर्णिया के पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा के चचेरे भाई थे. हादसे में उनकी मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया. फिलहाल, सामने आई रिपोर्ट में तेज रफ्तार को हादसे की वजह बताया गया है. हालांकि, कार बेकाबू होने का असली कारण जांच के बाद ही साफ होगा.
स्मित कुमार