बिहार की राजधानी पटना के मनेर थाना क्षेत्र के शेरपुर में शुक्रवार देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई. गंगा नदी किनारे अपराधियों की मौजूदगी की सूचना पर पहुंची एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम पर अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी. इस दौरान मनेर थानाध्यक्ष के हाथ में गोली लग गई. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें तीन अपराधियों की मौत हो गई.
मृतकों की पहचान जेपी यादव, बब्लू कुमार और राजा शर्मा के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, तीनों का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है.
गंगा किनारे जुटे थे कई अपराधी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस और STF को सूचना मिली थी कि आधा दर्जन से ज्यादा अपराधी शेरपुर में गंगा नदी के किनारे जुटे हैं. वे किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में थे. सूचना मिलते ही STF और मनेर थाना पुलिस ने संयुक्त टीम बनाकर इलाके की घेराबंदी की और छापेमारी शुरू कर दी.
इसी दौरान अपराधियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. अचानक हुई गोलीबारी में मनेर थानाध्यक्ष के हाथ में गोली लग गई. इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई की. दोनों ओर से काफी देर तक गोलियां चलीं.
40 से ज्यादा राउंड फायरिंग, तीन की मौत
पटना के SSP कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से 40 से ज्यादा राउंड फायरिंग हुई. पुलिस की ओर से 18 राउंड और अपराधियों की तरफ से करीब 24 से 25 राउंड गोलियां चलाई गईं. इस मुठभेड़ में तीन अपराधियों की मौत हो गई.
घटनास्थल से दो पिस्टल, एक देसी कट्टा और गोलियां बरामद की गई हैं. वहीं, कुछ अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे. पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है.
मनेर हत्याकांड में भी वांछित थे तीनों आरोपी
SSP कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए तीनों अपराधियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. हाल ही में मनेर में अष्टमी के दिन हुई हत्या की घटना में भी उनकी संलिप्तता सामने आई थी. इस मामले में तीनों वांछित थे. इसके अलावा दानापुर और शाहपुर समेत दूसरे थानों में भी उनके खिलाफ मामले दर्ज थे.
घटना के बाद इलाके में पुलिस की चौकसी बढ़ा दी गई है. फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की जा रही है. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल की जांच और आगे की कार्रवाई में जुटे हैं.
मनोज कुमार सिंह