आईआईटी, पटना के रजिस्ट्रार अवलेन्द्र कुमार ठाकुर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. उनके खिलाफ पटना के एससी-एसटी थाने में FIR दर्ज की गई है. रजिस्ट्रार पर दलित समाज की भावनाओं को आहत करने, संविधान की भावना का अपमान करने और समाज में जातीय वैमनस्य फैलाने का आरोप लगाया गया है.
दरअसल, पूर्व कांग्रेसी नेता आदित्य पासवान ने IIT पटना के रजिस्ट्रार के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रजिस्ट्रार ने 19 सितंबर को सोशल मीडिया पर कथित तौर पर टिप्पणी करते हुए लिखा था 'काबिल मत बनो, दलित बनो, कामयाबी झक मारकर पीछे आएगी'.
इस टिप्पणी को लेकर आदित्य पासवान ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे दलित समाज की मेहनत, प्रतिभा और संघर्ष का अपमान बताया. आदित्य पासवान का कहना है कि वह स्वयं दलित समाज से आते हैं और इस तरह की टिप्पणी केवल उनकी व्यक्तिगत भावनाओं को ही नहीं, बल्कि देश के करोड़ों दलित नागरिकों के सम्मान को भी ठेस पहुंचाती है.
5 नवंबर को दर्ज की गई प्राथमिकी
उन्होंने कहा कि आरक्षण कोई राजनीतिक उपहार नहीं, बल्कि सदियों से चली आ रही सामाजिक असमानता और भेदभाव को दूर करने के लिए संविधान में किया गया प्रावधान है. आदित्य पासवान ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी जाति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि संविधान, सामाजिक सम्मान और समानता के पक्ष में है.
उनका कहना है कि किसी प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान में महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद पर बैठे व्यक्ति की ओर से इस तरह की कथित टिप्पणी बेहद चिंताजनक है और इससे समाज में जातीय कटुता बढ़ सकती है. शिकायत के आधार पर पटना के एससी-एसटी थाने में 5 नवंबर को प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. पुलिस अब इस मामले की जांच बढ़ानते हुए आईआईटी पटना के रजिस्ट्रार अवलेंद्र कुमार ठाकुर से जल्द पूछताछ करेगी.
सुजीत कुमार