बिहार के दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक लावारिस और घायल मरीज को स्ट्रेचर से ले जाने के बजाय अस्पताल के एक गार्ड द्वारा कथित तौर पर हाथ पकड़कर जमीन पर घसीटने का वीडियो सामने आया है. वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और मामले में कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
बताया जा रहा है कि मरीज अपना नाम और पता तक ठीक से बताने की स्थिति में नहीं था. उसके एक पैर की हड्डी टूटी हुई थी. किसी व्यक्ति ने उसे अस्पताल के गेट तक पहुंचाया और इसके बाद वहां से चला गया. वीडियो 21 अगस्त का बताया जा रहा है, जिसमें गार्ड मरीज को हाथ पकड़कर जमीन पर घसीटता हुआ नजर आ रहा है.
वीडियो की जानकारी मिलने के बाद DMCH के अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया. उन्होंने हेल्थ मैनेजर को निर्देश देकर मरीज को आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया और उसके इलाज की व्यवस्था कराई. प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को ऑर्थो विभाग के वार्ड में शिफ्ट किया गया. अस्पताल की ओर से उसे दवा, कपड़े और भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है.
गार्ड को तत्काल निलंबित करने के आदेश
अधीक्षक ने बताया कि मरीज का एक्स-रे कराया गया और उसके टूटे पैर का प्लास्टर कर दिया गया है. फिलहाल उसकी हालत ठीक बताई जा रही है, लेकिन वह ज्यादा कुछ बोल नहीं पा रहा है. उसने खुद को झंझारपुर का रहने वाला बताया है. उसकी पहचान और परिवार का पता लगाने के लिए अस्पताल प्रशासन झंझारपुर पुलिस से भी संपर्क कर रहा है.
मामले में अधीक्षक ने संबंधित एजेंसी को गार्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया है. साथ ही हेल्थ मैनेजर से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है कि मरीज के साथ इस तरह की घटना आखिर कैसे हुई? डॉ. जगदीश चंद्र ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए इसकी निंदा की और कहा कि अस्पताल में मरीज के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए. उन्होंने दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया. इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और मानवीय संवेदनशीलता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
प्रह्लाद कुमार