'4 लाख तक की मदद अब भी जारी', स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर तेजस्वी ने घेरा तो बिहार सरकार ने दी सफाई

बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बदलाव किया है. इस पर तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा था. इस पर सफाई देते हुए बिहार सरकार ने कहा कि अब छात्रों को 4 लाख रुपये तक की शिक्षा सहायता उपलब्ध रहेगी. 2 लाख रुपये तक का लोन बिहार स्टेट एजुकेशन फाइनेंस कॉरपोरेशन देगा और 2 लाख से ऊपर की राशि बैंकों से मिलेगी. सरकार ने स्पष्ट किया कि कुल लोन सीमा कम नहीं की गई है.

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सम्राट सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम में बदलाव किया है. (फाइल फोटो-PTI) सम्राट सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम में बदलाव किया है. (फाइल फोटो-PTI)

रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 21 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:50 PM IST

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बदलाव किया गया है. इसे लेकर छात्रों के बीच असमंजस की स्थिति बनी थी. अब बिहार सरकार ने पूरी स्थिति साफ कर दी है. सरकार का कहना है कि छात्रों के लिए लोन की कुल सीमा 2 लाख रुपये नहीं की गई है. 4 लाख रुपये तक की शिक्षा सहायता अब भी उपलब्ध रहेगी.

नई व्यवस्था के मुताबिक, 2 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन बिहार स्टेट एजुकेशन फाइनेंस कॉरपोरेशन देगा. वहीं 2 लाख से 4 लाख रुपये तक की राशि तय बैंकों के जरिए मिलेगी. यानी 4 लाख रुपये तक की मदद का विकल्प अभी भी मौजूद है. बस अब पूरी राशि एक ही माध्यम से नहीं मिलेगी.

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बिहार के उच्च शिक्षा विभाग ने इस बदलाव को लेकर सफाई दी है. विभाग ने कहा कि योजना के तहत छात्रों को मिलने वाली कुल सहायता कम नहीं की गई है. केवल लोन देने का तरीका बदला गया है. सरकार के मुताबिक जिन छात्रों को 2 लाख रुपये से ज्यादा की जरूरत है, उनके लिए केंद्र की PM-Vidyalaxmi योजना भी उपलब्ध है. पात्र छात्र इस योजना के तहत ज्यादा राशि के शिक्षा ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं.

PM-Vidyalaxmi Portal के जरिए छात्र 10 लाख रुपये तक के लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं. हालांकि लोन मिलना तय नहीं है. यह छात्र की पात्रता पर निर्भर करेगा. इसमें कोर्स और कॉलेज भी देखा जाएगा. बैंक और योजना के नियम भी लागू होंगे.

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तेजस्वी यादव ने सरकार पर उठाए सवाल

इस बदलाव को लेकर RJD नेता तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने बिहार की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाए हैं. तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है. उन्होंने राज्य के कर्ज और राजकोषीय घाटे का मुद्दा उठाया.

उन्होंने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का भी जिक्र किया. तेजस्वी ने दावा किया कि छात्रों को मिलने वाली राशि कम की गई है. उन्होंने स्कॉलरशिप को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए.

तेजस्वी यादव ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के राजकोषीय घाटे का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि यह GSDP का 5.8 फीसदी रहा. उन्होंने राज्य के कर्ज और राजस्व की स्थिति पर भी सवाल उठाए.

तेजस्वी ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के भुगतान का मुद्दा भी उठाया. ठेकेदारों के भुगतान और विकास कार्यों के लिए पैसे को लेकर भी सवाल किए. उन्होंने सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए.

हालांकि सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पर स्थिति साफ कर दी है. सरकार का कहना है कि 2 लाख रुपये की सीमा सिर्फ बिहार स्टेट एजुकेशन फाइनेंस कॉरपोरेशन के हिस्से की है. छात्रों के लिए 4 लाख रुपये तक की सहायता अब भी उपलब्ध है. जरूरत और पात्रता होने पर PM-Vidyalaxmi के जरिए इससे ज्यादा लोन का विकल्प भी मौजूद है.

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DRCC में मिलेगी आवेदन की मदद

बिहार के उच्च शिक्षा विभाग ने बताया कि छात्रों को PM-Vidyalaxmi Portal पर आवेदन करने में परेशानी न हो. इसके लिए जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र यानी DRCC की मदद मिलेगी. इसके जरिए छात्रों को आवेदन की प्रक्रिया समझाई जाएगी. उन्हें पोर्टल पर आवेदन करने में भी सहायता दी जाएगी. सरकार ने यह योजना अगले पांच साल के लिए बढ़ा दी है. अब स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रहेगी.

योजना के लिए मंजूर राशि भी बढ़ाई है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में 886 करोड़ रुपये खर्च की मंजूरी थी. 2026-27 के लिए यह राशि बढ़ाकर 950 करोड़ रुपये कर दी गई है.

यानी एक साल में मंजूर राशि में 64 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है. सरकार का कहना है कि योजना को बैंकों और PM-Vidyalaxmi Portal से जोड़ने का मकसद छात्रों के लिए वित्तीय मदद के ज्यादा विकल्प तैयार करना है.

पहले बिहार स्टेट एजुकेशन फाइनेंस कॉरपोरेशन के जरिए 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन मिलता था. अब 2 लाख रुपये तक की राशि निगम से मिलेगी. इसके ऊपर की राशि बैंकों से उपलब्ध होगी. जिन छात्रों के आवेदन पहले ही मंजूर हो चुके हैं. उन पर नई व्यवस्था का असर नहीं पड़ेगा. उनके पुराने स्वीकृत आवेदन जारी रहेंगे.

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2016 में शुरू हुई थी योजना

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत 2 अक्टूबर 2016 को हुई थी. इसे ‘सात निश्चय’ कार्यक्रम के तहत शुरू किया गया था. इस योजना का मकसद 12वीं पास छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक मदद देना है. योजना के जरिए छात्र आगे की पढ़ाई के लिए शिक्षा ऋण ले सकते हैं.तेजस्वी यादव ने सरकार पर उठाए सवाल

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