गंगा के बढ़ते जलस्तर से पटना का दियारा इलाका पानी में डूब गया है. घर छोड़कर कई परिवार दीघा और एलसीटी घाट पर शरण लिए हुए हैं. इन्हीं बाढ़ पीड़ितों के बीच पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पहुंचे. उन्होंने रात से सुबह तक घाटों पर रहकर लोगों से मुलाकात की. इस दौरान जरूरतमंद को 500-500 रुपये दिए. साथ ही चूड़ा, आटा और चावल जैसी राहत सामग्री भी बांटी. मौके से उन्होंने सरकारी इंतजामों पर सवाल उठाए.
दरअसल, दियारा में पानी भर जाने के बाद कई परिवार बच्चों और मवेशियों के साथ घाटों पर रहने को मजबूर हैं. रात के अंधेरे में पप्पू यादव ने एक-एक परिवार से मिलकर उनकी तकलीफ पूछी. इसके बाद जरूरतमंद परिवारों के हाथ में 500-500 रुपये दिए, ताकि वे रोजमर्रा का जरूरी सामान खरीद सकें.
न राशन, न पीने का पानी
पैसों के अलावा कई क्विंटल चूड़ा, पांच-पांच किलो चावल और आटे के पैकेट भी दिए गए. घाट पर लोगों से बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने बदहाली पर गुस्सा जताया. उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को पीने का साफ पानी तक नहीं मिल रहा है. मासूम बच्चों के लिए दूध नहीं है, वहीं मवेशियों के चारे का भी बुरा हाल है.
पप्पू यादव के मुताबिक, वे खुद जमीनी हालात देखने के लिए कुरसेला से भागलपुर तक रातभर नाव में रहे. वहां सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है. दिन में 11-12 बजे खाना बांटना शुरू करते हैं और घंटे भर में बंद कर देते हैं. इतने कम समय में किसी को खाना मिल पाता है, तो कई लोग भूखे ही रह जाते हैं. पीने के पानी का भी यही हाल है.
सांप के काटने की दवा नहीं होने का दावा
बाढ़ के पानी में सांपों का खतरा भी बढ़ गया है. पप्पू यादव ने दावा किया कि घाटों पर सांप के काटने के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंटी-वेनम दवा तक उपलब्ध नहीं है. उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में किसी भी परिवार की मुश्किल बढ़ सकती है.
उन्होंने कहा कि जनता ही भगवान है. उनके पास जो भी संसाधन हैं, उन पर जनता का हक है. पप्पू यादव ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए वह अपने स्तर पर काम करते रहेंगे.
सुजीत कुमार