बेतिया पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, साठी थाना में तैनात महिला सिपाही द्वारा सरकारी हथियार के साथ सिविल ड्रेस में वीडियो बनाया गया था. यह वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया. सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया. मामले की जानकारी पश्चिम चंपारण के पुलिस अधीक्षक को मिली. पुलिस अधीक्षक ने इसे गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच कराने का फैसला किया. इसके बाद जांच की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक यातायात, पश्चिम चंपारण-बेतिया को सौंपी गई.
पुलिस उपाधीक्षक यातायात को मामले की जांच कर यह पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई कि महिला सिपाही ने सरकारी हथियार के साथ वीडियो क्यों बनाया और सोशल मीडिया पर उसे प्रसारित करने के दौरान विभाग की ओर से तय नियमों का पालन किया गया था या नहीं. जांच के दौरान महिला सिपाही के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर जारी विभागीय नियमों और निर्देशों को भी देखा गया. पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि संबंधित महिला सिपाही ने बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना की ओर से सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर जारी मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया.
जांच में नियमों की अनदेखी सामने आई
पुलिस के अनुसार, सरकारी हथियार के साथ सिविल ड्रेस में वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करना विभागीय नियमों के मुताबिक उचित नहीं था. जांच में सोशल मीडिया के इस्तेमाल से जुड़े SOP और दिशा-निर्देशों की अनदेखी सामने आने के बाद इसे लापरवाही माना गया. जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद पश्चिम चंपारण के पुलिस अधीक्षक ने संबंधित महिला सिपाही के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया. महिला सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. इसके साथ ही उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का भी आदेश दिया गया है.
पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया को लेकर सख्त निर्देश
इस मामले के बाद बेतिया पुलिस ने सभी पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर जारी नियमों और विभागीय निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है. पुलिस की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सोशल मीडिया के इस्तेमाल में नियमों की अनदेखी करने पर संबंधित पुलिस पदाधिकारी या कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
इस मामले पर पुलिस का कहना है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही सामने आने पर संबंधित पुलिस पदाधिकारी या कर्मी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. यानी सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों की गतिविधियों को लेकर विभाग ने साफ तौर पर नियमों के पालन पर जोर दिया है. फिलहाल साठी थाना में तैनात महिला सिपाही के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी है. उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर सरकारी हथियार के साथ बनाए गए वीडियो के सामने आने के बाद शुरू हुआ था.
अभिषेक पाण्डेय