बिहार के बेगूसराय में रविवार दोपहर बूढ़ी गंडक नदी में नहाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया. चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र के बसौना घाट पर पांच स्कूली छात्र स्नान करने पहुंचे थे. इसी दौरान पांचों में से तीन बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे. अपने साथियों को संकट में देखकर बाकी दो छात्र घबराकर वहां से चले गए.
घटना की जानकारी उस समय हुई, जब ग्रामीणों की नजर घाट पर पड़े कपड़ों और साइकिल पर पड़ी. लोगों को किसी के नदी में डूबने की आशंका हुई. इसके बाद मेहदा शाहपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि बम-बम सिंह ने अनाउंसमेंट करवाकर आसपास के इलाके में सूचना पहुंचाई. देखते ही देखते घटना की खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग बसौना घाट पहुंच गए.
स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी लापता छात्रों के परिजनों को दी. परिजन घाट पर पहुंचे और वहां मिले कपड़ों व साइकिल के जरिए अपने बच्चों की पहचान की. इसके बाद नदी में डूबे तीनों छात्रों की तलाश शुरू की गई. सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई.
इन तीन छात्रों की नदी में डूबने की आशंका
डूबे छात्रों की पहचान मंझौल थाना क्षेत्र के मंझौल पंचायत-1 के गजबोर टोला निवासी अर्जुन यादव के 11 वर्षीय बेटे पवन कुमार, मुन्ना यादव के 12 वर्षीय बेटे श्रृषिकेश कुमार और नित्यानंद चौक निवासी बबलू सहनी के 13 वर्षीय बेटे आर्दश कुमार के रूप में हुई है.
बताया जा रहा है कि तीनों छात्र अपने दो अन्य दोस्तों के साथ नदी में नहाने पहुंचे थे. पानी में उतरने के बाद एक के पीछे एक तीनों गहरे हिस्से की तरफ चले गए. उन्हें डूबता देखकर साथ आए दो छात्र डर गए और वहां से भाग निकले. पुलिस अब उन दोनों छात्रों से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है.
हादसे की जानकारी मिलने के बाद चेरिया बरियारपुर विधायक अभिषेक कुमार, अंचलाधिकारी और थाना अध्यक्ष भी मौके पर पहुंचे. प्रशासन की मौजूदगी में बचाव अभियान चलाया जा रहा है. SDRF की टीम नदी में उतरकर तीनों लापता छात्रों की तलाश कर रही है.
बाढ़ के कारण नदी में बढ़ी गहराई
जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां बूढ़ी गंडक नदी काफी गहरी बताई जा रही है. इलाके में बाढ़ की स्थिति के कारण नदी पानी से लबालब भरी हुई है. ऐसे में गहरे पानी का अंदाजा नहीं लग पाने से बच्चों के डूबने की आशंका जताई जा रही है. बचाव दल लगातार संभावित स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चला रहा है.
इस घटना से लापता छात्रों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अपने बच्चों के सुरक्षित मिलने की आस लगाए हुए हैं. खास तौर पर आर्दश और श्रृषिकेश अपने-अपने परिवार के इकलौते चिराग बताए जा रहे हैं, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है.
मुखिया प्रतिनिधि बम-बम सिंह ने बताया कि स्नान के दौरान तीन छात्र नदी में डूबे हैं और उनकी तलाश की जा रही है. स्थानीय लोग भी बचाव अभियान में मदद कर रहे हैं. फिलहाल SDRF की टीम तीनों छात्रों को खोजने में जुटी हुई है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है.
सौरभ कुमार