बांकीपुर उपचुनाव: तेज प्रताप यादव ने सोशल एक्टिविस्ट वीना मानवी को दिया टिकट

बिहार में होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने सोशल एक्टिविस्ट वीना मानवी को उम्मीदवार घोषित किया है. BJP के गढ़ माने जाने वाली इस सीट पर तेज प्रताप ने महिला और वैश्य समुदाय के चेहरे को आगे कर चुनौती देने की कोशिश की है.

Advertisement
सोशल एक्टिविस्ट वीना मानवी होंगी जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार. (File Photo) सोशल एक्टिविस्ट वीना मानवी होंगी जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार. (File Photo)

aajtak.in

  • पटना,
  • 01 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:14 PM IST

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी मुकाबला तेज हो गया है. जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने बुधवार को पटना की सोशल एक्टिविस्ट वीना मानवी को इस सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया. ये सीट BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद खाली हुई थी.

Advertisement

तेज प्रताप यादव ने भरोसा जताया है कि उनकी नई पार्टी दशकों से BJP के गढ़ रहे बांकीपुर इलाके में सत्ताधारी NDA को कड़ी चुनौती देगी. वीना मानवी को उम्मीदवार बनाने के फैसले पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि वह सोशल वर्कर के तौर पर विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए लगातार काम कर रही हैं. आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हैं.

उन्होंने कहा, "वीना मानवी एक सोशल वर्कर के तौर पर विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं. ऐसे समुदाय से आती हैं, जिसे BJP हमेशा से लुभाती रही है.'' वीना मानवी वैश्य समाज से आती हैं. बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से BJP का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है. नितिन नवीन ने लगातार पांचवीं बार इस सीट पर जीते थे.

उन्होंने अपने सबसे करीबी RJD उम्मीदवार को करीब 50 हजार वोटों के बड़े अंतर से हराया था. अब तेज प्रताप यादव की पार्टी इस सीट पर BJP को चुनौती देने की तैयारी में है. बांकीपुर सीट खाली होने के बाद जन सुराज पार्टी के फाउंडर प्रशांत किशोर ने भी इस सीट को लेकर अपनी रणनीति साफ कर दी थी. वो वहां लगातार मेहनत कर रहे हैं.

Advertisement

अप्रैल में सीट खाली होने के तुरंत बाद प्रशांत किशोर ने कहा था कि वह BJP से यह सीट छीनने के लिए पूरी कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा था कि यह उपचुनाव राज्य की सम्राट चौधरी सरकार पर एक तरह का रेफरेंडम साबित हो सकता है. उन्होंने संकेत दिया था कि यदि संगठन में सहमति बनती है तो वह खुद भी इस सीट से चुनाव लड़ सकते हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »