बिहार के बगहा में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से बाघ के हमले की सनसनीखेज घटना सामने आई है. हाथीमल खांता जंगल क्षेत्र के समीप बाघ ने 65 वर्षीय बुजुर्ग पर अचानक हमला कर दिया. हमले में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास के गांवों में दहशत फैल गई.
घायल बुजुर्ग की पहचान वाल्मीकि नगर के बिसाहा निवासी अक्लू यादव के रूप में हुई है. जानकारी के मुताबिक, अक्लू यादव बकरी चराने के लिए जंगल के समीप गए थे. इसी दौरान घात लगाकर बैठे बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया.
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बाघ के हमले में बुजुर्ग के हाथ और पैर पर गंभीर चोटें आई हैं. अचानक हुए हमले से वह बुरी तरह घायल हो गए. उनके चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों और वनकर्मियों को घटना की जानकारी हुई.
चीख सुनकर दौड़े लोग, वन विभाग ने शुरू किया रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची. टीम ने स्थिति को संभालते हुए रेस्क्यू अभियान शुरू किया. काफी प्रयास के बाद बाघ को वहां से खदेड़ा गया, जिसके बाद घायल बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका.
वन विभाग की टीम ने घायल अक्लू यादव को तत्काल अस्पताल पहुंचाया. वहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया. लेकिन शरीर पर गंभीर चोटों और उनकी हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया.
डॉक्टरों के अनुसार, बुजुर्ग के शरीर पर कई गहरे जख्म हैं. हमले के कारण उन्हें काफी चोटें आई हैं और अत्यधिक रक्तस्राव भी हुआ है. अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है.
बाघ के हमले के बाद गांवों में दहशत
बाघ के हमले की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया. जंगल के आसपास रहने वाले लोगों में बाघ की मौजूदगी को लेकर डर बढ़ गया है. ग्रामीणों को आशंका है कि बाघ दोबारा आबादी वाले इलाकों की तरफ आ सकता है.
घटना के बाद वन विभाग भी पूरी तरह अलर्ट हो गया है. विभाग की टीम बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रही है. वन विभाग की कोशिश है कि बाघ की लोकेशन का पता लगाकर उसे ट्रैक किया जाए, ताकि इलाके में किसी अन्य अप्रिय घटना को रोका जा सके.
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि वन विभाग लगातार माइकिंग के जरिए लोगों से जंगल के अंदर नहीं जाने की अपील कर रहा है. लोगों को जंगल के आसपास भी सतर्क रहने के लिए कहा जा रहा है.
बाघ की लोकेशन ट्रैक कर रहा वन विभाग
रेंजर सत्यम कुमार के मुताबिक, वन विभाग की टीम बाघ की लोकेशन ट्रैक करने के लिए लगातार निगरानी कर रही है. टीम की कोशिश है कि बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जाए और उसकी मौजूदगी वाले क्षेत्र को चिन्हित किया जा सके.
वन विभाग की ओर से लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. ग्रामीणों से जंगल के अंदर जाने से बचने और वन क्षेत्र के आसपास सतर्क रहने की अपील की जा रही है.
फिलहाल अक्लू यादव का अस्पताल में इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है. वहीं, बाघ की लोकेशन पर वन विभाग की नजर बनी हुई है. घटना के बाद जंगल से सटे इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और वन विभाग के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है.
अभिषेक पाण्डेय