बिहार के बगहा में सोने की चेन की मांग को लेकर प्रताड़ना और विवाहिता की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. विनिता देवी की मौत के मामले में दोषी ठहराए गए उनकी सास फगनी देवी और ससुर भुट्टी राय को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा दी गई है. अदालत ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. अर्थदंड जमा नहीं करने पर उन्हें छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. अभियोजन के मुताबिक, घटना के एक साल के भीतर इस मामले में फैसला आया है.
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्रा की अदालत ने शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद यह निर्णय सुनाया. अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामले का विचारण करीब छह महीने में पूरा कर लिया गया. यह मामला नौरंगिया थाना क्षेत्र के जरलहिया पचरूखा गांव का है, जहां विनिता की शादी करीब दो साल पहले मुन्ना राय से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार हुई थी.
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विनिता के भाई राजू राय, जो बगहा थाना क्षेत्र के पिपरदाढ़ी के निवासी है, उसने 1 अक्टूबर 2025 को बहन की मौत को लेकर नौरंगिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. शिकायत में ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने का आरोप लगाया गया था. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की, जिसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा.
शादी में दिए थे गहने, नकदी और मोटरसाइकिल
प्राथमिकी के मुताबिक, विनिता की शादी के समय मायके पक्ष ने फर्नीचर, आभूषण, दो लाख रुपये नकद और मोटरसाइकिल दी थी. आरोप है कि विवाह के करीब एक साल बाद ससुराल में सोने की चेन की मांग उठने लगी. इसे लेकर विनिता को प्रताड़ित किया जाता था. संतान नहीं होने पर भी उसे ताने दिए जाने का आरोप लगाया गया.
परिवार के लोगों ने विवाद सुलझाने के लिए कई बार पंचायत का सहारा लिया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका. अभियोजन के अनुसार, 28 सितंबर 2025 की रात विनिता के साथ मारपीट की गई और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई. आरोप था कि वारदात के बाद शव घर में छोड़कर ससुराल पक्ष के लोग फरार हो गए.
घटना के बाद मायके वालों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी. अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों के समर्थन में गवाह और दस्तावेज पेश किए.
छह गवाहों की गवाही के आधार पर फैसला
मामले की सुनवाई में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल छह गवाहों की गवाही कराई गई. बचाव पक्ष की ओर से कोई मौखिक या दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया. उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों पर विचार करने के बाद अदालत ने सास फगनी देवी और ससुर भुट्टी राय को दोषी करार दिया.
इसके बाद शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई. अदालत ने दोनों को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई. साथ ही, प्रत्येक दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने की स्थिति में छह महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी.
पति समेत अन्य आरोपित फरार
इस मामले में विनिता के पति मुन्ना राय समेत अन्य आरोपितों के फरार होने की बात सामने आई थी. न्यायालय के आदेश पर 23 सितंबर 2026 को फरार आरोपितों के घर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई भी की गई थी.
सास और ससुर को सजा सुनाए जाने के बाद अब फरार आरोपितों के संबंध में आगे की न्यायिक कार्रवाई जारी रहेगी. इस तरह विवाहिता की मौत के मामले में अदालत ने दो आरोपितों को सजा सुनाई है, जबकि पति समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई बाकी है.
अभिषेक पाण्डेय