बिहार में 15 इंजीनियर सस्पेंड, 17 दिन में 12 पुल गिरने पर एक्शन

बिहार में 17 दिन के भीतर एक के बाद एक 12 पुल गिरने के बाद सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. लगातार पुल गिरने की घटना सामने आने के बाद 15 इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है. नीतीश कुमार की अगुवाई वाली राज्य सरकार ने नए पुलों के पुनर्निर्माण का भी आदेश दिया है.

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बिहार में पिछले 17 दिनों में 12 पुल गिर चुके हैं. बिहार में पिछले 17 दिनों में 12 पुल गिर चुके हैं.

आदित्य वैभव

  • पटना,
  • 05 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 6:48 PM IST

बिहार में 17 दिन के भीतर एक के बाद एक 12 पुल गिरने के बाद सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. लगातार पुल गिरने की घटना सामने आने के बाद 15 इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है. नीतीश कुमार की अगुवाई वाली राज्य सरकार ने नए पुलों के पुनर्निर्माण का भी आदेश दिया है. राज्य जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि नौ पुलों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है. इनमें से छह बहुत पुराने हैं. तीन अन्य निर्माणाधीन हैं. प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि इंजीनियर और ठेकेदार इसमें शामिल हैं. उन्होंने कहा कि उड़नदस्ता टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. इंजीनियर इसे लेकर न तो सावधान थे और न ही निगरानी कर रहे थे. इस मामले में विभिन्न पदों के 15 इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया गया है.

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अतिरिक्त मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद ने कहा कि नए पुलों का निर्माण किया जाएगा. इसके अलावा राज्य पुल निर्माण निगम से जल्द से जल्द रखरखाव और मरम्मत का अनुरोध किया गया है. ठेकेदार मातेश्वरी कंस्ट्रक्शन इसका खर्च वहन करेगा. इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

ठेकेदार पर होगी कार्रवाई
मीडिया से बात करते हुए ग्रामीण कार्य विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी दीपक सिंह ने कहा कि अब तीन पुलों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है. 18 जून को अररिया में बखरा नदी पर सबसे पहले नुकसान की सूचना मिली. राज्य और केंद्र की टीमें जांच कर रही हैं. चार इंजीनियरों को निलंबित किया गया, दो अन्य को पहले ही निलंबित कर दिया गया है. अन्य कारणों से संबंधित ठेकेदारों को पेमेंट जांच पूरी होने तक रोक दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि निरीक्षण टीमों की ओर से अंतिम रिपोर्ट देने के बाद ठेकेदार और सलाहकार पर अंतिम कार्रवाई की जाएगी.

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एडिशनल चीफ सेक्रेटरी दीपक सिंह ने कहा कि पुल का निर्माण कार्य चल रहा था. ठेकेदार ने कथित तोड़फोड़ के लिए कुछ स्थानीय लोगों के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज करा दी थी. हमने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है कि 15 जून के बाद निर्माण क्यों किया जा रहा था. दीपक सिंह ने कहा कि कुछ अन्य पुल हैं जिनके लिए एजेंसी का पता लगाया जाना बाकी है हम जिला प्रशासन से इनपुट मांग रहे हैं.

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