नितिन गडकरी ने माना E20 पेट्रोल से कम होगा माइलेज, संसद में दिया जवाब

E20 पेट्रोल पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लिखित जवाब दिया है. उन्होंने बताया कि किन वाहनों के माइलेज पर ई20 पेट्रोल का असर होगा. लोकसभा में दिए एक लिखित जवाब में उन्होंने ये जानकारी दी है. ई20 पेट्रोल को लेकर इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने कुछ वाहनों पर पड़ने वाले असर की भी जानकारी दी थी. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.

Advertisement
नितिन गडकरी ने लोकसभा में E20 पेट्रोल के प्रभाव पर जवब दिया है. (Photo: ITG) नितिन गडकरी ने लोकसभा में E20 पेट्रोल के प्रभाव पर जवब दिया है. (Photo: ITG)

आजतक ऑटोमोबाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 30 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:12 PM IST

E20 पेट्रोल पर सरकार लगातार संसद में जवाब दे रही है. गुरुवार को संसद में रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मिनिस्टर नितिन गडकरी ने बताया कि 20 परसेंट इथेनॉल ब्लेंड वाले पेट्रोल से 2 से 6 फीसदी तक फ्यूल इकोनॉमी घट सकती है. ये कार की कैटेगरी और उसकी उम्र पर निर्भर करता है. 

यानी कार कितनी पुरानी है और किस कैटेगरी की है, इस आधार पर उसका माइलेज ई20 पेट्रोल के इस्तेमाल से घट सकता है. केंद्रीय मंत्री ने ये जानकारी लोकसभा में लिखित जवाब में दी है. हालांकि, उन्होंने ये भी साफ किया कि ई20 पेट्रोल के इस्तेमाल से इंजन फेल होने की कोई संकेत ऑन-रोड व्हीकल टेस्ट में नहीं दिखे हैं. 

Advertisement

लिखित जवाब में केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा?

लोकसभा में अपने लिखित जवाब में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ई20 पेट्रोल के इस्तेमाल से एक्सीलरेशन और राइड क्वालिटी बेहतर होगी. साथ ही ई10 फ्यूल के मुकाबले 30 परसेंट तक कार्बन एमिशन कम होगा. उन्होंने बताया कि एक स्टडी में बीएस-3, बीएस-4 और बीएस-6 ई10 गाड़ियों पर ई20 पेट्रोल के प्रभाव को इवैल्यूएट किया गया है. 

यह भी पढ़ें: E20 पर सोशल फाइट! तहसीन पूनावाला का इंस्टा अकाउंट सस्पेंड, निकालने वाले थे 'गाड़ी मार्च'

ये स्टडी एआरएआई (ऑटोमोटिव रिसर्च एसोशिएशन ऑफ इंडिया), SIAM (सोसाइटी ऑफ ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्र्स) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने की है. उन्होंने बताया कि इसमें सर्टिफिकेशन की जरूरत और ओईएम की ओर से डेवलप टेस्ट प्रोटोकॉल के हिसाब से स्टैंडर्ड टेस्ट शामिल थे. 

6 फीसदी तक कम हो सकता है माइलेज

नितिन गडकरी ने बताया, 'व्हीकल की फ्यूल इकोनॉमी 2 से 6 फीसदी तक गाड़ी की कैटेगरी और उम्र के आधार पर गिर सकती है.' इससे पहले सरकार ने संसद में दिए लिखित जवाब में कहा था कि ई20 पेट्रोल की वजह से बीएस-3 गाड़ियों के कुछ रबर पार्ट्स और गैसकेट्स को बदलने की जरूरत पड़ सकती है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'फैक्ट्री क्लोजर... ED रेड का डर! E20 पर सच बताने से डर रहीं वाहन कंपनियां', बोले केजरीवाल

ई20 पेट्रोल के रोलआउट के बाद से लगातार इसकी आलोचना हो रही है. विपक्ष और कुछ कंज्यूमर्स लगातार इस पर सवाल उठा रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी लोग इसे लेकर तमाम सवाल कर रहे हैं. लोगों की मुख्य चिंता इस पेट्रोल की वजह से पुरानी गाड़ियों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर है. 

सरकार इस मामले में लगातार कह रही है कि इस ट्रांजिशन को टेस्ट के बाद धीरे-धीरे लागू किया गया है. वहीं वाहन निर्माता कंपनियों का कहना है कि वो ई20 फ्यूल के इस्तेमाल पर भी वारंटी पहले की तरह ही प्रदान करेंगे. हालांकि, लोगों का सवाल उन पुराने वाहनों को लेकर है, जो अब वारंटी से बाहर हैं और ई20 के लिए नहीं बने थे.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »