J&K EV Policy: एक सरकारी स्कीम और गाड़ियों पर ₹15 लाख तक की छूट! इस स्टेट वालों की बल्ले-बल्ले

J&K Electric Vehicle Policy 2026: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू एंड कश्मीर इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के नोटिफिकेशन पर परिवहन मंत्री सतीश शर्मा और परिवहन विभाग को बधाई दी. उन्होंने कहा कि, "यह पॉलिसी जम्मू-कश्मीर में ग्रीन ट्रांसपोर्टेशन को आगे बढ़ाने के लिए एक जरूर इंफ्रा तैयार करेगी."

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J&K EV Policy: इस नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी में रोजगार बढ़ाने पर भी फोकस किया गया है. Photo: ITG J&K EV Policy: इस नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी में रोजगार बढ़ाने पर भी फोकस किया गया है. Photo: ITG

आजतक ऑटोमोबाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 02 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 5:53 PM IST

Jammu Kashmir EV Policy: जम्मू-कश्मीर की पहाड़ियों पर अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने की तैयारी है. बर्फ से ढकी सड़कें हों या शून्य से नीचे गिरता तापमान, सरकार चाहती है कि इलेक्ट्रिक वाहन यहां सिर्फ एक विकल्प न रहें, बल्कि आने वाले सालों में डेली लाइफ का हिस्सा बनें. जम्मू-कश्मीर सरकार ने आज जम्मू एंड कश्मीर इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी (J&K Electric Vehicle Policy 2026) का नोटिफिकेशन जारी किया है. तो आइये जानें इस नई पॉलिसी में वहां के आम लोगों को क्या-क्या मिलेगा.

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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता वाली कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद लागू की गई यह पॉलिसी 2026 से 2032 तक के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का रोडमैप तैयार करती है. सरकार ने अगले 6 साल में जम्मू-कश्मीर की सड़कों पर 1.40 लाख इलेक्ट्रिक वाहन उतारने का टार्गेट रखा है. इसके लिए EV खरीदारी को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ चार्जिंग नेटवर्क, बिजली ग्रिड से बेहतर तालमेल, प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी और रोजगार के नए अवसरों पर भी जोर दिया गया है. यह पॉलिसी जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिलों में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है.

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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू एंड कश्मीर इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के नोटिफिकेशन पर परिवहन मंत्री सतीश शर्मा और परिवहन विभाग को बधाई दी. उन्होंने कहा कि "यह पॉलिसी जम्मू-कश्मीर में ग्रीन ट्रांसपोर्टेशन को आगे बढ़ाने के लिए एक जरूर इंफ्रा तैयार करेगी." सरकार का फोकस सिर्फ इलेक्ट्रिक कार और दोपहिया वाहनों की बिक्री बढ़ाने तक सीमित नहीं है. नई पॉलिसी के तहत ऐसा पूरा इकोसिस्टम तैयार करने की योजना है, जिसमें चार्जिंग स्टेशन, EV के लिए तैयार पार्किंग, ट्रेंड कर्मचारी और बिजली व्यवस्था को एक साथ डेवलप किया जा सके.

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900 पब्लिक चार्जिंग साइट, 140 फास्ट चार्जिंग हब

इलेक्ट्रिक वाहनों की सबसे बड़ी जरूरत चार्जिंग नेटवर्क है और जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस मोर्चे पर भी बड़ा टार्गेट लेकर चल रही है. EV Policy 2026 के तहत 900 पब्लिक चार्जिंग साइट इंस्टॉल करने की योजना है. इनमें 140 फास्ट चार्जिंग हब होंगे, जिन्हें शहरी इलाकों के साथ हाईवे कॉरिडोर पर डेवलप किया जाएगा. इसके अलावा बिल्डिंग बायलॉज में भी बदलाव की व्यवस्था की गई है. नए नियम के तहत पार्किंग क्षमता का 20 प्रतिशत हिस्सा EV-ready रखना जरूरी होगा. यानी भविष्य में इमारतों और पार्किंग में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग से जुड़ी जरूरतों को पहले से ध्यान में रखा जाएगा.

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जम्मू-कश्मीर की सड़कें और वैदर कंडिशन देश के दूसरे हिस्सों से काफी अलग हैं. सर्दियों में कई इलाकों में भारी बर्फबारी होती है और तापमान शून्य से नीचे चला जाता है. इसी वजह से सरकार ने EV Policy में 'स्पेस्लाइज़्ड विंटर वैलिडेशन प्रोटोकॉल' शामिल किया है. इसके तहत सर्दियों में इलेक्ट्रिक वाहनों की परफॉर्मेंस की जांच की जाएगी. खास तौर पर बर्फबारी और माइनस-जीरो डिग्री की स्थिति में EV के परफॉर्मेंस को परखा जाएगा.

EV लोन पर 3 से 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी

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इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों के लिए सरकार ने ब्याज सब्सिडी का भी प्रावधान किया है. पॉलिसी के तहत खरीदारों को EV लोन पर 3 से 5 प्रतिशत तक इंट्रेस्ट सबवेंशन दिया जाएगा. ग्राहकों को इसका फायदा अधिकतम 36 महीने तक मिल सकेगा. इसका मकसद इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की शुरुआती लागत और लोन का बोझ कम करना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग पेट्रोल और डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहन अपना सकें.

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सरकार ने पुराने वाहनों को हटाकर उनकी जगह इलेक्ट्रिक वाहन लाने के लिए भी प्रोत्साहन की व्यवस्था की है. इसके लिए स्क्रेपेज-लिंक्ड इंसेंटिव दिए जाएंगे. इस योजना के तहत सरकार हर साल 50 करोड़ रुपये का बजट लेकर चल रही है. यानी पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को स्क्रैप कर उनकी जगह नए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों को फाइनेंशियल सपोर्ट दिया जा सकेगा.

किस गाड़ी पर कितनी छूट

EV Policy 2026 में शुरुआती खरीदारों के लिए खास इंसेंटिव की व्यवस्था की गई है. इसके तहत पहले 15,800 इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदारों को एक्स्ट्रा लाभ मिलेगा. इस नियम के तहत पहले 300 इलेक्ट्रिक बस खरीदने वालों के लिए 15 लाख रुपये, पहले 1,500 पर्सनल इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों के लिए 1 लाख रुपये और पहले 10,000 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने के लिए 5,000 रुपये का इंसेंटिव दिया जाएगा.

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जम्मू-कश्मीर सरकार ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को केवल वाहन बदलने की योजना के तौर पर नहीं देखा है. पॉलिसी में EV फ्लीट को फेज्ड मैनर में इलेक्ट्रिफिकेशन, चार्जिंग नेटवर्क को बढ़ाने और प्राइवेट कंपनियों की ज्यादा भागीदारी का टार्गेट रखा गया है. इसके साथ ही EV सेक्टर के लिए जरूरी स्किल्ड मैनपावर तैयार करने पर भी जोर दिया गया है. इससे इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और इस्तेमाल बढ़ने के साथ सर्विस, चार्जिंग और मेंटेनेंस जैसे एरिया में रोजगार पैदा करने की भी कोशिश की जाएगी.

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