Delhi Non BS6 Vehicle Rule: दिल्ली में सर्दियों के साथ बढ़ने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने कमर कस ली है. इस बार राजधानी की हवा सुधारने के लिए गाड़ियों से लेकर कंस्ट्रक्शन वर्क और दफ्तरों की टाइमिंग तक पर सख्ती की जाएगी. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐलान किया है कि 1 नवंबर से 31 जनवरी तक BS-VI एमिशन नॉर्म्स से नीचे वाले ऐसे वाहन दिल्ली में एंट्री नहीं कर सकेंगे, जो राजधानी के बाहर रजिस्टर्ड हैं.
इसके अलावा, प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम, दफ्तरों के समय में बदलाव और कंस्ट्रक्शन साइट्स की AI तकनीक से निगरानी जैसे कदम भी उठाए जाएंगे. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-6 से कम एमिशन नॉर्म्स (जैसे BS3, BS4 स्टैंडर्ड वाली गाड़ियां) वाले वाहनों को 1 नवंबर से 31 जनवरी तक राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. यह फैसला सर्दियों में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए लिया गया है. सरकार का मानना है कि समय रहते सख्त कदम उठाने से प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी.
यह भी पढें: चाय से पहले चार्ज होगी कार! 400KM रेंज वाली सस्ती EV लॉन्च, कीमत इतनी
दिल्ली सरकार का विंटर एक्शन प्लान 1 नवंबर से 31 जनवरी तक लागू रहेगा. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि पिछले साल के अनुभवों से सीख लेकर इस बार प्रदूषण से निपटने के लिए पहले से तैयारी की जा रही है. उन्होंने दिल्ली के लोगों से भी इन उपायों में सहयोग करने की अपील की है.
PUC नहीं तो फ्यूल नहीं
दिल्ली में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए 'नो वैलिड PUCC, नो फ्यूल' पॉलिसी भी लागू की जाएगी. इसके तहत वैलिड पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) नहीं रखने वाले वाहनों को फ्यूल नहीं दिया जाएगा. इसके साथ ही सरकार लोगों को ग्रीन मोबिलिटी और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को अपनाने की भी अपील की है. इसके तहत इलेक्ट्रिक बसों, मेट्रो सेवाओं, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और कारपूलिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि प्राइवेट व्हीकल्स का इस्तेमाल कम हो और सड़कों पर ट्रैफिक न बढ़े.
यह भी पढें: इस दिवाली घर लाएं सबसे सस्ती 350cc बाइक्स! कीमत 1.38 लाख
सर्दियों में धूल से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए कंस्ट्रक्शन और तोड़फोड़ से जुड़े कामों पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे. कंस्ट्रक्शन मैटेलियल जैसे सीमेंट, रेत, गिट्टी इत्यादि की ढुलाई पर भी पाबंदियां लागू होंगी. सरकार कंस्ट्रक्शन साइट्स की निगरानी के लिए AI तकनीक से लैस कैमरों का इस्तेमाल करेगी. ये कैमरे सीधे सरकारी कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जुड़े होंगे, जिससे नियमों के उल्लंघन पर नजर रखी जा सकेगी.
दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम
दिल्ली सरकार प्रदूषण के साथ-साथ सड़कों पर ट्रैफिक को कम करने के लिए भी कदम उठाएगी. मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि इस दौरान सरकारी और प्राइवेट, दोनों क्षेत्रों में 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम लागू किया जाएगा. इसके अलावा, अलग-अलग दफ्तरों के काम शुरू करने और खत्म करने के समय में भी बदलाव किया जाएगा, ताकि एक ही समय पर सड़कों पर वाहनों की भीड़ न बढ़े. सरकार को उम्मीद है कि इन उपायों से सड़कों पर गाड़ियों की संख्या कम करने और ट्रैफिक जाम से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.
यह भी पढें: 77 हजार की बाइक पर टूटे लोग! 4.30 लाख ने खरीदा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की हवा को बेहतर बनाने के लिए समय रहते एहतियाती कदम उठाना जरूरी है. उन्होंने लोगों से सरकार की पहल में सहयोग करने और प्रदूषण कम करने की साझा जिम्मेदारी निभाने की अपील की है. सरकार का जोर केवल वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर ही नहीं, बल्कि कंस्ट्रक्शन साइट से उठने वाली धूल और ट्रैफिक के दबाव को कम करने पर भी है.
आजतक ऑटोमोबाइल डेस्क