कैसे होता है नमो ड्रोन दीदी का चयन? जानिए आवेदन से लेकर बाकी सभी जरूरी डिटेल्स

दिल्ली के इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट में सोमवार को सशक्त नारी विकसित भारत कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में देशभर के 10 जगहों से नमो ड्रोन दीदी शामिल हुईं. आइए जानते हैं क्या है नमो ड्रोन दीदी स्कीम.

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आनंद राज

  • प्रयागराज,
  • 13 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 8:04 AM IST

देश बदल रहा है,अब देश की महिलाओं के हाथों में बेलन-चिमटा नहीं बल्कि ड्रोन कैमरा का रिमोट नजर आएगा. यही नहीं, खेती के नए आयाम को सुरक्षित करने के लिए भी अब महिलाएं काम करेंगी. ड्रोन के इस्तेमाल में महिलाओं को आगे लाने के लिए और ग्रामीण महिलाओं को इसके जरिए रोजगार के बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम मोदी ने नमो ड्रोन दीदी योजना की शुरुआत की है. इस योजना के तहत कई ग्रामीण महिलाएं ड्रोन दीदी बन कर बेहतर कमाई कर रही हैं और अपनी आजीविका चला रही हैं. 

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दिल्ली के इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट में सोमवार को सशक्त नारी विकसित भारत कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में देशभर के 10 जगहों से नमो ड्रोन दीदी शामिल हुईं.  इस कार्यक्रम में कृषि ड्रोन के संचालन के बारे में ड्रोन दीदियों को सिखाया गया है. इस दौरान पीएम मोदी ने देशभर की नमो ड्रोन दीदियों को 1000 ड्रोन्स भी आवंटित किए हैं. इसी कार्यक्रम के तहत प्रयागराज में भी 104 नमो दीदी को प्रशिक्षण दिया गया. 

क्या है नमो ड्रोन दीदी योजना?
नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत महिलाओं को ड्रोन उड़ाने, डेटा विश्लेषण और ड्रोन के रखरखाव से संबंधित ट्रेनिंग दी जा रही है. इसमें महिलाओं को ड्रोन का इस्तेमाल करके अलग-अलग कृषि कार्यों के लिए प्रशिक्षित किया गया है जैसे ड्रोन के जरिए फसलों की निगरानी, कीटनाशकों और उर्वरकों का छिड़काव और बीज बुआई आदि की ट्रेनिंग दी गई है. 

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जानिए कैसे होता है नमो ड्रोन दीदी का चयन
केंद्र सरकार ने नवंबर 2023 में ड्रोन दीदी योजना की शुरूआत की थी. ड्रोन दीदी योजना के तहत देश में स्वयं सहायता समूह की सदस्य महिलाओं में से 15000 से अधिक महिलाओं को ड्रोन दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है. बता दें, ड्रोन दीदी योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को स्वयं सहायता समूह का सक्रिय सदस्य होना जरूरी है. इसी के साथ, महिला का भारतीय नागरिक होना भी जरूरी है. वहीं, इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र 18 से 37 साल के बीच होनी चाहिए. 

इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
पीएम ड्रोन दीदी योजना का लाभ स्वयं सहायता समूही की महिलाओं को ही दिया जाएगा. योजना के अंतर्गत चयनित महिला को 15 दिनों तक ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा. ड्रोन दीदी के रूप में जो महिला काम करेगी उन्हें 15,000 रुपये की सैलरी दी जाएगी. ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण 10 से 15 गांवों का एक कलस्टर बनाकर महिलाओं को दिया जाएगा. योजना के माध्यम डीबीटी के जरिए महिलाओं के खाते में उनकी सैलरी ट्रांसफर की जाएगी. योजना का लाभ लेने के लिए इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है.

  • आधार कार्ड
  • स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र
  • पैन कार्ड
  • फोन नंबर
  • ईमेल आईडी
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • स्वयं सहायता ग्रुप का पहचान पत्र
     
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