₹90 लाख का पैकेज छोड़ा... ट्रे में साग-भाजी उगाकर बना करोड़पति

माइक्रोग्रीन्स का नाम शायद आपने सुना हो, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन्हें उगाकर लाखों का कारोबार खड़ा किया जा सकता है? चंडीगढ़ के मोहित निझावन ने करीब ₹90 लाख सालाना पैकेज वाली नौकरी छोड़कर इसी बिजनेस को चुना. पहली कोशिश में असफलता मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी.

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मोहित निझावन के ब्रांड 'ग्रीनू' (Greenu) का मंथली टर्नओवर ₹12 लाख और सालाना रेवेन्यू ₹1.44 करोड़ है. (Photo: Greenu.in) मोहित निझावन के ब्रांड 'ग्रीनू' (Greenu) का मंथली टर्नओवर ₹12 लाख और सालाना रेवेन्यू ₹1.44 करोड़ है. (Photo: Greenu.in)

आजतक एग्रीकल्चर डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 07 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:58 PM IST

आपने माइक्रोग्रीन्स का नाम सुना है? नहीं सुना तो यहां जान लें. माइक्रोग्रीन्स यानी सब्जियों और हर्ब्स के बेहद छोटे, शुरुआती पौधे, जिन्हें बीज से निकलने के कुछ ही दिनों बाद काटकर खाया जाता है. आकार में छोटे होने के बावजूद इन्हें पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है और हेल्थ-कॉन्शस लोगों के बीच इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है. इसी बढ़ती मांग में मोहित निझावन ने अपना बिजनेस का मौका देखा.

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मोहित ने करीब ₹90 लाख सालाना पैकेज वाली कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर खेती से जुड़ा कारोबार शुरू करने का फैसला किया. उन्होंने दिसंबर 2020 में अपनी नौकरी छोड़ी और माइक्रोग्रीन्स के जरिए केमिकल-फ्री न्यूट्रिशन पर काम शुरू किया. हालांकि, उनका पहला बिजनेस ज्यादा समय नहीं चल सका और पार्टनर से जुड़े एक झटके के बाद उन्हें उसे बंद करना पड़ा. लेकिन मोहित ने हार नहीं मानी. मई 2022 में उन्होंने चंडीगढ़ में महज 100 वर्ग फुट की किराए की जगह से दोबारा शुरुआत की.

21 माइक्रोग्रीन्स किस्मों से शुरू हुआ सफर

इस बार उनके पास बड़ी पूंजी नहीं थी. उन्होंने सिर्फ ₹30,000 लगाकर रैक, ट्रे, ग्रो लाइट्स और बीजों के साथ अपना इनडोर माइक्रोग्रीन्स फार्म तैयार किया. शुरुआत में मोहित ने करीब 21 ऑर्गेनिक माइक्रोग्रीन्स वैरायटी पर फोकस किया. इनमें नॉन-GMO और पेस्टिसाइड-फ्री तरीके से उत्पादन करने पर जोर दिया गया. धीरे-धीरे ग्राहकों की संख्या बढ़ी और छोटे से 100 वर्ग फुट के सेटअप का विस्तार होने लगा. कंपनी की जानकारी के मुताबिक, उनका सेटअप अब करीब 500 वर्ग फुट तक पहुंच चुका है और इसमें लगभग 60 रैक लगाए गए हैं. इसकी क्षमता करीब 12,000 ट्रे प्रति महीने बताई जाती है. एक ट्रे की कीमत लगभग ₹200 बताई गई है.

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₹30 हजार से ₹1.44 Cr तक पहुंचा बिजनेस

मोहित का ब्रांड 'ग्रीनू' (Greenu), एम्ब्रियोनिक ग्रीन्स प्राइवेट लिमिटेड (Embryonic Greens Private Limited) के तहत काम करता है. कंपनी के मुताबिक, इसका मंथली टर्नओवर करीब ₹12 लाख है. यानी सालाना कारोबार लगभग ₹1.44 करोड़ तक पहुंचने का दावा किया गया है. कंपनी के अनुसार, सालाना प्रॉफिट करीब ₹60 लाख है. हालांकि, ये आंकड़े कंपनी की ओर से साझा किए गए दावे हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित आंकड़े के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.

घरों से लेकर रेस्टोरेंट और जिम तक ग्राहक

ग्रीनू के ग्राहक सिर्फ आम हेल्थ-कॉन्शस लोग ही नहीं हैं. कंपनी के मुताबिक, इसके माइक्रोग्रीन्स रेस्टोरेंट, कैफे, जिम और कुछ हेल्थ प्रोफेशनल्स तक पहुंचते हैं. माइक्रोग्रीन्स की ताजगी बनाए रखने के लिए कंपनी कुछ मामलों में इन्हें जड़ों के साथ भी ग्राहकों तक पहुंचाती है. प्रोडक्शन के दौरान कोकोपीट और कोको फाइबर जैसे ऑर्गेनिक ग्रोइंग मीडिया का इस्तेमाल किया जाता है. तापमान, नमी और एयरफ्लो को नियंत्रित करके इनडोर फार्मिंग की जाती है.

सिर्फ माइक्रोग्रीन्स बेचकर नहीं रुके मोहित

मोहित ने बिजनेस को केवल माइक्रोग्रीन्स की बिक्री तक सीमित नहीं रखा. कंपनी ट्रेनिंग, किट और बीजों की बिक्री के साथ फ्रेंचाइजी सेटअप में भी मदद करती है. वेबसाइट की जानकारी के मुताबिक, उन्होंने देशभर में 300 से ज्यादा किसानों और नए उद्यमियों को ट्रेनिंग दी है. अंबाला, गुरुग्राम, मोहाली और पंचकूला जैसे शहरों में फ्रेंचाइजी सेटअप को लेकर भी काम किया गया है. यानी ₹30,000 से शुरू हुआ यह सफर सिर्फ खेती का कारोबार नहीं रहा. इसमें प्रोडक्शन, डायरेक्ट सेलिंग, ट्रेनिंग, किट और फ्रेंचाइजी जैसे कई कमाई के रास्ते जोड़े गए.

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