पूर्वोतर राज्यों में धान की फसल अब तेजी से ग्रो कर रही है. कई जगहों पर धान की बाली भी आने लगी है और उसमें दूध भी भरने लगी है, लेकिन इसके साथ ही किसान भाइयों के लिए कई समस्याएं भी सामने आ रही हैं. धान की फसलों को कई तरह की बीमारियां और कीड़े जकड़ रहे हैं.
कई किसनों की समस्या रहती है कि कीटनाशक डालने के बाद भी ये समस्याएं दूर नहीं हो रही हैं और अगर कीड़े एक बार चले गए तो कीटनाशक की दुर्गंध खत्म होने के बाद कीड़े वापस भी आ जा रहे हैं. साथ ही अगर कीटनाशक का बार-बार फसलों पर यूज किया जाता है तो यह स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकता है.
ऐसे में ज्यादातर किसानों को जानकारी नहीं होने की वजह से उनकी फसल यूं ही बर्बाद हो जाती है और महीनों का समय- लागत का परिणाम शून्य निकलता है, लेकिन यहां हम आपको कुछ ऐसा देसी तरीका बताएंगे, जिससे समस्या तुरंत दूर हो सकती है और आपकी धान की फसल लहलहाती रहेगी.
धान की बाली को कैसे कीड़े से बचाएं
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि धान की बाली निकलते समय या दानों में दूध भरते समय अक्सर गंधी बग (बदबूदार कीड़ा), कीट, और पेनिकल माइट जैसे कीड़े हमला करते हैं. इनसे बचने के लिए आप देसी और जैविक तरीकों का उपयोग कर सकते हैं.
1. नीम तेल का स्प्रे: नीम की कड़वाहट और तेज गंध से कीड़े भाग जाते हैं और उनके अंडे भी नष्ट हो जाते हैं. इसमें आपको 400 मिलीलीटर शुद्ध नीम का तेल और 1 चम्मच बर्तन धोने वाला लिक्विड सोप 200 लीटर पानी में अच्छे से घोल लें और एक एकड़ में धान की फसल पर अच्छे से छिड़काव करें.
2. सूखी लकड़ी की राख का भुरकाव: यह गंधी बग और इल्लियों को भगाने का बहुत पुराना और असरदार पारंपरिक तरीका माना जाता है. सुबह-सुबह जब ओस की बूंदें धान की बालियों पर जमा हों, तब खेत में जाकर लकड़ी या कंडे की बारीक राख का भुरकाव करें. ओस के कारण राख बालियों और कीड़ों पर चिपक जाती है, जिससे कीड़े दाने का रस नहीं चूस पाते और भाग जाते हैं.
3. खट्टी छाछ (मट्ठा) का छिड़काव: पुरानी और खट्टी छाछ एक बेहतरीन प्राकृतिक कीटनाशक और फफूंदनाशक का काम करती है. 15 दिन से लेकर 1 महीने पुरानी 3-4 लीटर अत्यधिक खट्टी छाछ को 150 लीटर पानी में मिलाएं. इसे प्रति एकड़ में बालियों पर स्प्रे करें.
4. खेत की मेड़ों की सफाई: गंधी बग जैसे कीड़े शुरुआत में खेत के आसपास उगी बड़ी घासों और खरपतवारों पर पलते हैं और फिर बालियों पर हमला करते हैं. धान में बाली आते ही खेत के आसपास और मेड़ों पर उगने वाली घास व खरपतवारों को तुरंत साफ कर दें ताकि कीड़ों को छिपने की जगह न मिले.
गौरतलब है कि अगर आप स्प्रे कर रहे हैं तो सुबह 8 बजे से पहले या शाम को 5 बजे के बाद ही करें. दोपहर के समय धूप में छिड़काव करने से बचें. अगर कीड़ों का हमला बहुत गंभीर (10 बालियों पर 2 से ज्यादा कीड़े) हो चुका हो, तो फसल बचाने के लिए तुरंत कृषि विशेषज्ञ की सलाह लें.
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क