किसान रेलों की मदद से किसानों की उपज किस तरह एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंच रही है, रेल मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी है. पीयूष गोयल ने ट्वीट कर बताया कि गुजरात के वडोदरा में हुए केलों को किसान रेल की मदद से दिल्ली के बाजारों तक भेजा गया है. वहीं अन्य किसान रेल से 246 टन प्याज को महाराष्ट्र से पश्चिम बंगाल के लिए भेजा गया.
अपने पहले ट्वीट में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने लिखा, 'किसानों की उपज पहुंची, वडोदरा से दिल्लीः आज (16 जून 2021) वडोदरा से 194 टन केलों की उपज को, यहां की पहली किसान रेल द्वारा दिल्ली के बाज़ारों के लिए भेजा गया.' गोयल ने आगे लिखा, 'किसान रेल, कृषि उत्पादों को उनकी मांग वाले क्षेत्रों तक पहुंचाकर, हमारे किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को लाभ पहुंचा रही है.'
किसानों की उपज पहुंची, वडोदरा से दिल्लीः आज वडोदरा से 194 टन केलों की उपज को, यहां की पहली किसान रेल द्वारा दिल्ली के बाज़ारों के लिये भेजा गया।
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal)
किसान रेल, कृषि उत्पादों को उनकी मांग वाले क्षेत्रों तक पहुंचाकर, हमारे किसानों और उपभोक्ताओं दोनो को लाभ पहुंचा रही है।
महाराष्ट्र से पश्चिम बंगाल पहुंची 246 टन प्याज
किसान रेल की मदद से ही महाराष्ट्र से प्याज को पश्चिम बंगाल पहुंचाई गई है. पीयूष गोयल ने गुरुवार को किए गए ट्वीट में लिखा, 'महाराष्ट्र के नागरसोल से चलने वाली किसान रेलों के क्रम में वहां से 200वीं किसान रेल, पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन के लिए, 246 टन प्याज के साथ लोड की गई. अब तक कुल 61,747 टन फल और सब्जियां, जैसे प्याज, अंगूर और तरबूज नागरसोल से भारत के विभिन्न शहरों के लिए भेजे जा चुके हैं.'
महाराष्ट्र के नागरसोल से चलने वाली किसान रेलों के क्रम में वहाँ से 200वीं किसान रेल, पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन के लिए, 246 टन प्याज के साथ लोड की गयी।
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal)
अब तक कुल 61,747 टन फल और सब्जियां, जैसे प्याज, अंगूर और तरबूज नागरसोल से भारत के विभिन्न शहरों के लिए भेजे जा चुके हैं।
बता दें कि किसान रेल के माध्यम से किसी भी अधिसूचित फल और सब्जी का परिवहन कर सकता है. पहले जानकारी दी गई थी कि रेलवे इन फलों और सब्जियों पर केवल 50 प्रतिशत भाड़ा लगाएगा.