Indian Gooseberry Cultivation: आंवला को औषधीय गुणों की खान कहा जाता है. कई तरह की बीमारियों में डॉक्टर्स द्वारा इसके सेवन की सलाह दी जाती है. इसमें कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस, विटामिन ए, विटामिन ई जैसे पोषक तत्व आपको स्वस्थ रखने की मदद करते हैं. बाजार में आवंले की अच्छी मांग रहती है. ऐसे में इसकी खेती भी किसानों को बढ़िया मुनाफा कमाने का मौका दे सकती है. आंवले से कई तरह के प्रोडक्ट बनाए जाते हैं. दवाओं को भी बनाने में इसका इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा आंवले से चटनी, मुरब्बा और च्वयनप्राश तक बनाया जाता है.
कैसे करें आंवले की रोपाई?
आवंले की रोपाई जुलाई से सितंबर महीने के बीच की जाती है. बरसात में इसकी रोपाई बेहद फायदेमंद मानी जाती है. इसका पौधा 4-5 साल में फल देने लगता है. 8-9 साल के बाद एक पेड़ हर साल औसतन 1 क्विंटल फल देता है. बाजार में एक किलो आवंला 20 रुपये तक बिकता है. एक पेड़ से किसान को हर साल 1500 से 2000 रुपये हासिल कर सकते हैं. अगर हमने एक हेक्टेयर में 200 से पेड़ लाए हैं तो हम सालाना 3 से 4 लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं.
कब करें सिंचाई?
आवंले के पेड़ को ना तो लू से नुकसान होता है ना ही पाले से. इसके देखभाल के लिए ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं होती है. ध्यान रखने की जरूरत है कि इसकी खेती रेतीली मिट्टी में नहीं की जा सकती है. गर्मी में हर 7-8 दिन और ठंड में 12-15 दिन में इसकी सिंचाई करने आवश्यकता पड़ती है.
55 साल तक देता है फल
सही रख-रखाव के साथ एक-एक आंवले का पेड़ 55-60 साल तक फल देता रहता है. यानी एक बार आंवले के पौधे लगाकर आप पूरी जिंदगी कमाते रह सकते हैं. इसके अलावा इस फसल के साथ आप पेड़ों के बीच कई अन्य फसलों को लगाकर बंपर कमाई कर सकते हैं.