Shareefa Ki Kheti: भारतीय किसान अब पहले से ज्यादा जागरूक हो गए हैं. उन्हें समझ आने लगा है कि कि फसलों की खेती कर वे बढ़िया मुनाफा हासिल कर सकते हैं. किसानों के बीच शरीफा की खेती काफी लोकप्रिय है. देश के कई हिस्सों के किसान इसकी खेती कर बढ़िया पैसे कमा रहे हैं.
इस पौधे में नहीं लगती बीमारियां
शरीफा एक औषधीय पौधा है. हार्ट संबंधी बीमारियों में डॉक्टर्स इसकी पत्तियों को खाने की सलाह देते हैं. दस्त जैसी बीमारियों में इसका सेवन फायदेमंद है. बता दें कि इसके पौधे ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती है. औषधीय गुण होने की वजह से इसके पौधों को जानवर खाना नहीं पसंद करते . इसके अलावा इसपर हानिकारक कीड़े एवं बीमारियां भी नहीं लगते हैं. वहीं इसके बीजों से तेल और साबुन बनाने का भी काम किया जाता है.
कहीं भी की जा सकती है इसकी खेती
शरीफा के पौधों की खेती किसी भी प्रकार की भूमि पर की जा सकती है. हालांकि अच्छी जल निकास वाली दोमट मिट्टी इसकी बढ़वार और पैदावार बढ़ा सकती है. कमजोर और पथरीली भूमि पर भी अच्छे तरीके से इसकी खेती कर सकते हैं. भूमि का पी.एच.मान 5.5 से 6.5 के बीच अच्छा माना जाता है.
कब करें खेती
शरीफा की खेती के लिए मॉनसून यानी जुलाई और अगस्त का महीना सबसे बेहतर माना जाता है बाता दें शरीफा का बीज जमने में काफी समय लगता है. इसलिए इसकी बुवाई से पहले 3-4 दिनों तक पानी में भिगो कर रख दें. ऐसा करने से ये जल्दी से अंकुरण हो जाता है. यदि इस दौरान बारिश ना हो रही हो तो खेतों की तीन-चार दिन सिंचाई करने के बाद ही इसकी बुवाई करें.
कितना है मुनाफा
शरीफा के पौधे खेत में लगाने के दो से तीन साल बाद फल देना शुरू कर देते हैं. इनके फलों की तुड़ाई पूर्ण रूप से पके होने और कठोर अवस्था में ही करें. इसके एक विकसित पौधे से 100 से ज्यादा फल प्राप्त होने लगते हैं. बाजार में ये फल 40 से 100 रुपये प्रति किलो के बीच बिकते हैं अगर आप एक एकड़ में इसके 500 के आसपास पौधे रहे हैं तो आप आराम से तीन से चार लाख तक की कमाई कर सकते हैं.