अमेरिका ने ईरान में अपने पायलट को बचाने के लिए गजब की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है और पूरी दुनिया को ये संदेश दिया है कि अमेरिका अपनों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. उसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कितने का नुकसान हो रहा है.