scorecardresearch
 

इजरायल-US पर अटैक के लिए दूसरे देशों की मदद लेगा ईरान? उच्चायुक्त ने दिया जवाब

केन्या में ईरान के उच्चायुक्त डॉ. अली घोलामपुर ने कहा कि इजराइल और अमेरिका के हमलों के बीच ईरान किसी विदेशी सैन्य या राजनीतिक समर्थन की मांग नहीं कर रहा है. उन्होंने कहा कि देश अपनी राष्ट्रीय क्षमताओं पर भरोसा करते हुए जवाब देगा और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ही कार्रवाई करेगा.

Advertisement
X
केन्या में ईरान के उच्चायुक्त डॉ. अली घोलामपुर (Photo: Screengrab)
केन्या में ईरान के उच्चायुक्त डॉ. अली घोलामपुर (Photo: Screengrab)

केन्या की राजधानी नैरोबी में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में केन्या में ईरान के उच्चायुक्त डॉ. अली घोलामपुर ने कहा कि इजराइल और अमेरिका के हमलों का सामना कर रहा ईरान किसी भी देश से सैन्य या राजनीतिक समर्थन नहीं मांग रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह अपनी राष्ट्रीय क्षमताओं पर भरोसा कर रहा है.

डॉ. अली घोलामपुर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए तैयार है. उनका कहना था कि किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने के लिए देश सक्षम है. उन्होंने कहा, “हम अपनी रक्षा के लिए किसी दूसरे देश पर निर्भर नहीं हैं. हम सिर्फ अपनी राष्ट्रीय क्षमताओं का उपयोग कर रहे हैं.”

अमेरिका-इजराइल हमलों के बीच ईरान का ऐलान

यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान की राजधानी तेहरान में बीते कुछ दिनों से बमबारी तेज हो गई है. राजधानी के कई इलाकों में विस्फोट और मिसाइल हमलों की खबरें आई हैं. हालात ऐसे हैं कि कई स्थानों पर लोग अपने घरों में ही शरण लेने को मजबूर हुए हैं. लगातार हो रहे हमलों से शहर में तनाव का माहौल बना हुआ है.

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उच्चायुक्त ने ईरान की सैन्य स्थिति को लेकर कोई नई जानकारी नहीं दी. हालांकि उन्होंने अमेरिका और इजराइल के गठबंधन पर ईरान की संप्रभुता पर हमला करने का आरोप लगाया. उनका कहना था कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय नियमों और एक स्वतंत्र देश के अधिकारों के खिलाफ है.

Advertisement

डॉ. घोलामपुर ने यह भी कहा कि ईरान की तरफ से की जाने वाली हर रक्षात्मक कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में और संतुलित होगी. उन्होंने दोहराया कि ईरान का उद्देश्य केवल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

ईरान ने अमेरिका-इजराइल गठबंधन की निंदा की

उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक शक्तियों से अपील की कि वो तनाव कम करने की दिशा में काम करें. उनका कहना था कि मध्य पूर्व में स्थिरता पूरी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के हित में है. उन्होंने कहा कि हर देश की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह एक संप्रभु और संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश के खिलाफ हो रहे हमलों की निंदा करे.

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान का संदेश

उच्चायुक्त ने कहा कि ऐसे हमले अमानवीय और गंभीर प्रकृति के हैं. उनका मानना है कि वैश्विक शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी देशों को मिलकर प्रयास करना चाहिए. फिलहाल ईरान की ओर से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि वह अपने दम पर स्थिति का सामना करेगा और किसी बाहरी समर्थन की मांग नहीं कर रहा है.
 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement