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मिडिल ईस्ट जाने से पहले दुख में डूबे थे US सैनिक, क्लब डांसर को बता दिए जंग से जुड़े सीक्रेट!

सैन डिएगो की क्लब डांसर चार्म डेज ने दावा किया है कि युवा अमेरिकी सैनिक अपनी आने वाली तैनाती के बारे में बेझिझक जानकारी दे रहे हैं. ये क्लब नेवल बेस सैन डिएगो और कैंप पेंडलेटन जैसे बड़े मिलिट्री बेस के पास है. हालांकि, डेज ने किसी विशेष यूनिट या मिशन की जानकारी साझा नहीं की, लेकिन उसके दावों को अमेरिका की संभावित बड़ी सैन्य तैयारी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

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चार्म डेज ने भावुक होते हुए कुछ सैनिकों को बहुत कम उम्र का बताया (Photo- Instagram/cgetsnakey)
चार्म डेज ने भावुक होते हुए कुछ सैनिकों को बहुत कम उम्र का बताया (Photo- Instagram/cgetsnakey)

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक TikTok वीडियो ने अमेरिकी रक्षा विभाग और खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ा दी है. इस वीडियो में सैन डिएगो की एक स्ट्रिपर और क्लब डांसर चार्म डेज ने दावा किया है कि युवा अमेरिकी सैनिक अपनी आने वाली तैनाती के बारे में बेझिझक जानकारी दे रहे हैं और उनमें से कई कथित तौर पर सीधे ईरान के खिलाफ लड़ाई में जाने वाले हैं.

इस वीडियो को लाखों बार देखा जा चुका है. इसमें डेज ने बताया कि अचानक से उदास सैनिकों की भीड़ उनके क्लब में उमड़ पड़ी है. ये क्लब नेवल बेस सैन डिएगो और कैंप पेंडलेटन जैसे बड़े मिलिट्री बेस के पास है. उसने कहा, 'मैंने हाल ही में एक बात गौर की है कि सारे मिलिट्री वाले यहां आ रहे हैं, और वे अपना सारा पैसा खर्च कर रहे हैं. वे कुछ उदास से लग रहे हैं.'

उसने आगे बताया, 'कई सैनिकों ने मुझसे साफ-साफ कहा कि उनकी तैनाती अगले हफ़्ते है. इन युवा लड़कों को देखना और फिर उन्हें अलविदा कहना सच में मुझे बहुत भावुक कर देता है.' डेज ने उसने कुछ सैनिकों को बेबी-फेस्ड और बहुत कम उम्र के बताते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि युद्ध के मैदान में जाने से कुछ ही दिन पहले इन सैनिकों को किस तरह की मानसिक और भावनात्मक पीड़ा से गुजरना पड़ता है.

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हालांकि, चार्म डेज ने किसी विशेष यूनिट या मिशन की जानकारी साझा नहीं की, लेकिन उसके दावों को कई लोग अमेरिका की संभावित बड़ी सैन्य तैयारी के संकेत के रूप में देख रहे हैं.

यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेहरान पर सैन्य दबाव बढ़ा रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हजारों अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक, जिनमें मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट्स और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के जवान शामिल हैं, पहले ही क्षेत्र में तैनात किए जा चुके हैं. फिलहाल अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन की ओर से इस मामले में किसी आधिकारिक सुरक्षा उल्लंघन की पुष्टि नहीं की गई है.

ऐसे में सैन्य विशेषज्ञों और पूर्व सैनिकों ने इस तरह की जानकारी सार्वजनिक होने पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि इस तरह की बातचीत ऑपरेशनल सिक्योरिटी (OPSEC) के लिए खतरा हो सकती है और दुश्मनों को अहम जानकारी मिल सकती है. 

मरीन अधिकारी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर केगन डनलैप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चेतावनी देते हुए कहा, 'अपने डिप्लॉयमेंट (तैनाती) की जानकारी किसी से साझा न करें, चाहे वह नाई हो या कोई एंटरटेनर. उन्हें सुरक्षा नियमों का पता नहीं होता और वे इसके बारे में टिकटॉक बना देते हैं.'
 

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