अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ हवाई हमलों के विकल्प को खुला रखा है. व्हाइट हाउस का कहना है कि ट्रंप प्रशासन ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हुई हिंसक कार्रवाई के जवाब में आगे की रणनीति पर विचार कर रहा है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लैविट ने कहा कि ट्रंप कूटनीति को प्राथमिकता देते हुए भी कई विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिनमें सैन्य कार्रवाई भी शामिल है. लैविट ने वेस्ट विंग के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह हमेशा अपने सभी विकल्प खुले रखते हैं और हवाई हमले उन कई विकल्पों में से एक हैं, जो कमांडर इन चीफ के सामने मौजूद हैं.
लैविट ने कहा कि प्रशासन ईरान में प्रदर्शनकारियों की मौत की खबरों को लेकर बेहद चिंतित है, खासकर ऐसे समय में जब कई दिनों से इंटरनेट बंद होने के बावजूद विरोध प्रदर्शन फैलते जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप निश्चित रूप से यह नहीं देखना चाहते कि तेहरान की सड़कों पर लोगों को मारा जाए, लेकिन दुर्भाग्य से यही हम अभी देख रहे हैं. लेकिन कूटनीति अब भी ट्रंप की पहली पसंद है.
प्रेस सचिव लैविट ने कहा कि कूटनीतिक रास्ते अब भी खुले हैं. ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ निजी बातचीत में ईरान का लहजा सार्वजनिक बयानों से काफी अलग रहा है. कूटनीति हमेशा राष्ट्रपति की पहली पसंद रही है, जो आप ईरानी शासन से सार्वजनिक रूप से सुन रहे हैं, वह उन संदेशों से अलग है जो प्रशासन को निजी तौर पर मिल रहे हैं.
उन्होंने कहा कि ट्रंप बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन हालात बिगड़ने पर बल प्रयोग के विकल्प को खारिज नहीं करेंगे. राष्ट्रपति ट्रंप ने दिखाया है कि वह जब और जहां जरूरी समझते हैं, वहां सैन्य विकल्प अपनाने से नहीं हिचकते और यह बात ईरान सबसे अच्छी तरह जानता है.
'बातचीत से पहले भी हो सकती है कार्रवाई'
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका, ईरान के खिलाफ बेहद कड़े विकल्पों पर विचार कर रहा है. उन्होंने संकेत दिया कि प्रदर्शनकारियों की हत्या की अनुमति देकर तेहरान ने शायद रेड लाइन क्रॉस कर दी है. ईरानी अधिकारी बातचीत के लिए संपर्क में हैं, लेकिन ट्रंप ने दो टूक कह दिया कि किसी भी बैठक से पहले ईरान के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है.
इससे पहले फ्लोरिडा से लौटते समय ट्रंप ने पत्रकारों से कहा था कि हमें बैठक से पहले ही कार्रवाई करनी पड़ सकती है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने पहले पुष्टि की थी कि तमाम तनावों के बावजूद ईरान के विदेश मंत्री अरागची और स्टीव विटकॉफ के बीच संपर्क का एक चैनल खुला हुआ है. इससे पहले अरागची ने कहा था कि ट्रंप जो भी कदम उठाएं, ईरान उसके लिए तैयार है फिर चाहे वह सैन्य कार्रवाई ही क्यों न हो.
उन्होंने कहा कि अगर वॉशिंगटन फिर से सैन्य विकल्प आजमाना चाहता है, जिसे वह पहले भी आजमा चुका है, तो हम उसके लिए तैयार हैं. बता दें कि यह इशारा पिछले साल ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों की ओर था. हालांकि, अरागची ने यह भी कहा कि ईरान कूटनीति के लिए खुला है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका के साथ संवाद का रास्ता खुला है, लेकिन बातचीत आपसी हितों और चिंताओं की स्वीकार्यता पर आधारित होनी चाहिए, न कि एकतरफा, थोपे गए फैसलों पर.