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यूरोपीय संघ ने यूक्रेन को दिया कैंडिडेट स्टेटस, रूस से बढ़ सकता है तनाव, जानिए क्या होता है इसका मतलब?

Ukraine European Union: यूरोपियन यूनियन ने यूक्रेन को कैंडिडेट स्टेटस दे दिया है. इसके साथ ही यूक्रेन ने यूरोपियन यूनियन का सदस्य बनने का पहला पड़ाव पार कर लिया है. हालांकि, इससे रूस और यूक्रेन के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका भी है.

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रूस से जंग के बाद जेलेंस्की ने यूक्रेन को EU की सदस्यता देने की मांग की थी. (फाइल फोटो-AP/PTI) रूस से जंग के बाद जेलेंस्की ने यूक्रेन को EU की सदस्यता देने की मांग की थी. (फाइल फोटो-AP/PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मार्च में यूक्रेन ने मांगी थी EU की सदस्यता
  • EU का सदस्य बनने के दो पड़ाव और बाकी
  • यूरोपियन यूनियन में 27 देश शामिल हैं

Ukraine European Union: रूस के साथ जंग के बीच यूक्रेन ने यूरोपियन यूनियन की सदस्यता हासिल करने का एक पड़ाव पार कर लिया है. यूरोपियन यूनियन ने यूक्रेन को 'कैंडिडेट स्टेटस' दे दिया है. यानी, यूक्रेन अब यूरोपियन यूनियन की सदस्यता हासिल करने का उम्मीदवार बन गया है. यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने बताया कि यूक्रेन और मोलदोवा यूरोपियन यूनियन के नेताओं ने कैंडिडेट स्टेटस देने का फैसला लिया है. वहीं, यूरोपियन कमीशन के अध्यक्ष उर्सूला वोन डेर लेयेन ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया है.

यूरोपियन यूनियन की सदस्यता हासिल करने का ये पहला कदम होता है. 24 फरवरी को रूस के साथ जंग शुरू होने के कुछ दिन बाद ही यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने यूरोपियन यूनियन की सदस्यता के लिए आवेदन किया था. उनकी अर्जी को यूरोपियन संसद ने मंजूर कर लिया था. 

हालांकि, यूक्रेन को सदस्य बनने के लिए अभी भी एक लंबा सफर तय करना है. यूक्रेन को अभी सिर्फ कैंडिडेट स्टेटस मिला है और सदस्यता हासिल करने के लिए उसे अभी दो और अहम पड़ाव से गुजरना है. हालांकि, उम्मीदवार का दर्जा मिलने से पहले से ही चल रही जंग और खतरनाक हो सकती है, क्योंकि रूस नहीं चाहता कि यूक्रेन यूरोपियन यूनियन का सदस्य बने. यूरोपियन यूनियन का सदस्य बनने के बाद यूक्रेन के लिए NATO का सदस्य बनना भी थोड़ा आसान हो सकता है.

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अब आगे क्या होगा?

- रूस के साथ जंग शुरू होने के एक हफ्ते बाद ही जेलेंस्की ने यूक्रेन को यूरोपियन यूनियन की सदस्यता देने के लिए आवेदन दे दिया था. उनके इस आवेदन को मंजूर कर लिया गया था. उनकी अर्जी के करीब चार महीने बाद कैंडिडेट स्टेटस मिला है. अभी भी दो और अहम पड़ाव बाकी हैं-

1. नेगोसिएशनः सबसे अहम स्टेप यही होता है और इसी में सबसे ज्यादा समय लगता है. इसमें यूरोपियन यूनियन और देश के बीच नेगोसिएशन होता है. इसमें तय होता है कि जो देश यूरोपियन यूनियन का सदस्य बनना चाहता है, वो संघ के सारे नियम-कायदों को पालन करेगा. इसके साथ ही वो यूरोपियन यूनियन की सारी शर्तें भी माननी होंगी और यूरो को भी अपनाना होगा. 

2. सदस्यताः नेगोसिएशन की प्रक्रिया होने के बाद मामला यूरोपियन काउंसिल के पास जाएगा. यहां सभी 27 सदस्य देशों की मंजूरी जरूरी होगी. अगर एक भी देश खिलाफ गया तो उस देश को सदस्यता नहीं मिल सकती. यूक्रेन के मामले में यही दिक्कत है. कुछ देश हैं जो नहीं चाहते कि यूक्रेन यूरोपियन यूनियन का सदस्य बने.

तो इसमें कितना समय लग सकता है?

यूरोपियन यूनियन की वेबसाइट पर साफ-साफ लिखा है कि किसी भी देश को एक रात में यूरोपियन यूनियन का सदस्य नहीं बनाया जा सकता. इसकी एक लंबी प्रक्रिया होती है जिसमें कई साल लग जाते हैं. आखिरी बार यूरोपियन यूनियन में क्रोएशिया को सदस्यता दी गई थी. उसे 2013 में EU में शामिल किया गया था. उसे सदस्य बनने में 10 साल लग गए. वहीं, सबसे कम समय में ऑस्ट्रिया, फिनलैंड और स्वीडन को सदस्य बनाया गया था. इन तीनों को महज 2 साल में ही सदस्य बना लिया गया था. 

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अगर यूक्रेन सदस्य बना तो उसके लिए क्या बदलेगा?

तीन बड़े बदलाव होंगे - 

1. आर्थिक तौर परः यूक्रेन को यूरोपियन यूनियन का खुला बाजार मिल जाएगा. उसका सामान बिना किसी पाबंदी यूरोपियन यूनियन के देशों तक आसानी से जा सकेगा. इसके साथ ही यूक्रेन को यूरोपियन यूनियन से आर्थिक मदद भी मिल सकेगी.

2. सैन्य तौर परः यूरोपियन यूनियन के कानून में एक क्लॉज है, जिसमें लिखा है कि अगर किसी भी सदस्य देश पर कोई बाहरी आक्रमण करता है तो बाकी सभी देश उसकी सैन्य मदद करेंगे. अगर यूक्रेन को तुरंत सदस्यता मिल जाती है तो EU के बाकी सदस्य खुलकर रूस के खिलाफ उसकी मदद कर सकते हैं. अभी भी EU के सदस्य देश यूक्रेन की सैन्य मोर्चे पर मदद कर रही है, लेकिन अपनी सेना वहां नहीं भेज रही. लेकिन EU में आने के बाद सदस्य देश यूक्रेन जाकर उसकी मदद कर सकते हैं.

3. नागरिकों कोः EU का सदस्य बनने पर यूक्रेन के नागरिकों को भी कई फायदे होंगे. उन्हें कई सारे अधिकार मिल जाएंगे. यूक्रेन के नागरिक बिना किसी रुकावट EU के सदस्य देशों में आ-जा सकेंगे. 

यूरोपियन यूनियन में कितने देश हैं?

यूरोपियन यूनियन में 27 देश हैं, जिनमें ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, क्रोएशिया, साइप्रस, चेक रिपब्लिक, डेनमार्क, इस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, आयरलैंड, इटली, लातविया, लिथुआनिया, लक्जमबर्ग, माल्टा, नीदरलैंड्स, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, स्पेन और स्वीडन शामिल हैं.

 

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