scorecardresearch
 

तेल जहाज ने पार किया होर्मुज! तुर्की पर हमले कर रहे ईरान ने आखिर क्यों दी छूट

ईरान ने अमेरिका और इजरायल के साथ जारी संघर्ष के बीच तुर्की में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. इस बीच तुर्की सरकार ने पुष्टि की है कि ईरान ने तुर्की के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट पार करने की अनुमति दी है.

Advertisement
X
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तुर्की के तीन जहाज को रास्ता दिया गया है (Photo: Social Media/X)
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तुर्की के तीन जहाज को रास्ता दिया गया है (Photo: Social Media/X)

अमेरिका और इजरायल से जारी जंग के बीच ईरान खाड़ी देशों को तो निशाना बना ही रहा है, साथ ही तुर्की में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर भी मिसाइल और ड्रोन दाग रहा है. एक तरफ तुर्की पर ईरानी हमलों की खबरें हैं तो अब दूसरी तरफ खबर आ रही है कि वो तुर्की के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट पार करने की इजाजत भी दे रहा है. तुर्की की सरकार ने कहा है कि ईरान ने उसके एक जहाज को होर्मुज पार करने की इजाजत दे दी है जिसके बाद युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक होर्मुज पार करने वाले तुर्की जहाजों की संख्या तीन हो गई है.

तुर्की के परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर मंत्री अब्दुलकादिर उरालोग्लू ने बताया कि 'ओशन थंडर' नामक जहाज तुर्की के विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय की कोशिशों के कारण सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर गया. तुर्की का यह जहाज इराक से मलेशिया तक कच्चा तेल ले जा रहा था.

उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के आसपास इंतजार कर रहे तुर्की के स्वामित्व वाले जहाजों की संख्या अब घटकर 12 रह गई है. इनमें से 8 जहाजों ने होर्मुज पार करने की अनुमति मांगी है.

मंत्री ने जोर देकर कहा कि इन 8 जहाजों और उनके 156 क्रू के सुरक्षित होर्मुज पार करने के लिए संबंधित एजेंसियां लगातार प्रयास कर रही हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि तुर्की का परिवहन मंत्रालय विदेश मंत्रालय और अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ मिलकर क्षेत्र में तुर्की के जहाजों और नाविकों की स्थिति पर करीबी नजर बनाए रखेगा.

Advertisement

यह क्षेत्र 28 फरवरी से हाई अलर्ट पर है, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमला शुरू किया था. इस हमले में अब तक 1,340 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई भी शामिल हैं.

ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल के साथ-साथ जॉर्डन, इराक और उन खाड़ी देशों को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं. इसके साथ ही ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही पर भी पाबंदियां लगा दी हैं.

तुर्की स्थित अमेरिकी हितों पर ईरान के हमले

ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में क्षेत्र के कई देशों जैसे सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे पर मिसाइल-ड्रोन हमले किए हैं.

तुर्की पर कम से कम 4 बार ईरान से बैलिस्टिक मिसाइलें आईं, जो इराक-सीरिया के ऊपर से गुजरकर तुर्की के एयरस्पेस में घुसीं. इन सभी को NATO (पूर्वी भूमध्य सागर में तैनात सिस्टम) ने नष्ट कर दिया.

तुर्की में इंसर्लिक एयर बेस है, जहां अमेरिकी और NATO सैन्य उपकरण तैनात हैं, साथ ही NATO का कुरेसिक रडार स्टेशन भी मौजूद है. ईरान इन्हें अमेरिकी ठिकानों के रूप में देखता है.

Advertisement

ईरान का कहना है कि उसकी मिसाइलें तुर्की को टारगेट नहीं कर रही थीं बल्कि उनका निशाना अमेरिकी ठिकाने थे. तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के  युद्ध को अवैध बताया और इजरायल को युद्ध का मुख्य जिम्मेदार ठहराया है. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement